यूपी का सियासी रण: भाजपा ने ओमप्रकाश राजभर के सामने पूर्व विधायक कालीचरण को उतारा, मुख्तार के खिलाफ अशोक सिंह लड़ेंगे
भाजपा ने 6 फरवरी को घोषित उम्मीदवारों की सूची में मुहम्मदाबाद गोहना से मौजूदा विधायक श्रीराम सोनकर को टिकट दिया था। लेकिन स्थानीय जनता और कार्यकर्ताओं में श्रीराम सोनकर के विरोध के चलते पार्टी ने छह दिन बाद जारी सूची में श्रीराम सोनकर का टिकट काट दिया है। इनके अतिरिक्त मुगलसराय से साधना सिंह और चकिया से शारदा प्रसाद का टिकट कटा है।
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भाजपा ने सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर के सामने जहूराबाद से कालीचरण राजभर को मैदान में उतारा है। पार्टी ने मऊ से माफिया मुख्तार अंसारी के सामने अशोक सिंह को टिकट दिया है। भाजपा ने शनिवार को नौ उम्मीदवारों की सूची घोषित की है। मुबारकपुर से अरविंद जायसवाल, मुहम्मदाबाद गोहना पूनम सरोज, मऊ से अशोक सिंह, मछलीशहर (सुरक्षित) से मिहिलाल गौतम, जहूराबादा से कालीचरण राजभर, मुगलसराय से रमेश जायसवाल, चकिया (सु.) से कैलाश खरवार, धोरावल से अनिल मौर्य और ओबरा (सु) से संजीव गोंड को उम्मीदवार घोषित किया है। अब तक भाजपा 366 उम्मीदवार घोषित कर चुकी है।
कालीचरण राजभर ने 2017 में बसपा के टिकट पर राजभर के सामने चुनाव लड़ा था। ओमप्रकाश को 86,583 और कालीचरण को 68502 मत मिले थे। कालीचरण करीब 18 हजार मतों से चुनाव हार गए थे। बीते दिनों कालीचरण ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की थी।
कालीचरण इस सीट से दो बार बसपा के विधायक भी रहे है। 2017 में मऊ सीट गठबंधन में सुभासपा को मिली थी। इस बार सुभासपा से मुख्तार को टिकट मिलने की प्रबल संभावना जताई जा रही है। भाजपा ने मुख्तार के सामने अशोक सिंह के रूप में अपना उम्मीदवार उतारा है।