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रैली के अखाड़े में बसपा पर भाजपा की निगाह
अखिलेश बाजपेई/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 15 Jan 2014 09:42 AM IST
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चुनाव में भले ही भाजपा उत्तर प्रदेश में अलग-अलग इलाकों में अलग-अलग पार्टियों से मुकाबले की रणनीति पर काम कर रही हो। पर, रैली के अखाड़े में भाजपा की नजर बसपा पर ही टिकी है।
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वैसे तो भाजपा की 2 मार्च को लखनऊ में होने वाली नरेंद्र मोदी की विजय शंखनाद महारैली के लिए 15 लाख की भीड़ जुटाने का फैसला किया गया है।
पर, महारैली में भीड़ जुटाने का भाजपा का असली पैमाना बुधवार को बसपा की रैली में जुटी भीड़ से तय होगा। भाजपा कोशिश कर रही है कि मोदी की महारैली के जरिये वह रैलियों का रिकॉर्ड बनाने का दावा करने वाली बसपा को पटकनी देकर अपनी बढ़त का संदेश दे दे।
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पिछले दिनों लखनऊ आए पार्टी के प्रदेश प्रभारी अमित शाह भी कुछ इसी तरह की मंशा जता गए हैं। उन्होंने सार्वजनिक रूप से दावा किया कि 2 मार्च की महारैली रैलियों की भीड़ का रिकॉर्ड तोड़ देगी।
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शाह ने कार्यकर्ताओं को यह मंत्र भी समझाया कि महारैली में रिकॉर्ड तोड़ भीड़ हो गई तो विरोधियों का मनोबल अपने आप टूट जाएगा। भाजपा लोकसभा का आधा चुनाव इस महारैली के साथ ही जीत जाएगी।
दरअसल, भाजपा नेता यह बात भलीभांति जानते हैं कि अन्य मोर्चों पर भाजपा का मुकाबला भले ही किसी दल से हो लेकिन रैली के मोर्चे पर उसका मुकाबला बसपा से ही होना है।
शायद यही वजह है कि भीड़ जुटाने की तैयारी को पार्टी ने बड़े से लेकर छोटे नेताओं तक सभी को जुटा दिया है। पार्टी के सभी नेताओं को जिलों-जिलों में जाकर भीड़ प्रबंधन के कार्य में लगा दिया गया है।
इन नेताओं ने बैठकें भी शुरू कर दी हैं। लोगों को लाने के लिए 27 रेलगाड़ियां भी बुक कराई जा रही हैं।
इस तरह भीड़ जुटाने का इंतजाम
भीड़ जुटाने की तैयारी को जिलों में बैठक के लिए जाने वाले नेताओं को सलाह दी गई है कि वे जिलों की बैठकों में कार्यकर्ताओं को बताएं कि भाजपा ने 72 एकड़ क्षेत्रफल वाले स्मृति उपवन में महारैली का फैसला किया है।
जिसको भरने के लिए 18 से 20 लाख लोगों की जरूरत है। जिसके लिए हर बूथ से कम से कम दस व्यक्तियों की महारैली में भागीदारी सुनिश्चित करना जरूरी है।
पूरे संघ परिवार को जिम्मेदारी
रैली के मोर्चे पर फतह के लिए भाजपा ने अपना पूरा फोकस लखनऊ और आसपास के जिलों पर बनाया है। खासतौर से उन्नाव, हरदोई, सीतापुर, बाराबंकी, लखनऊ महानगर, लखनऊ शामिल है।
इसके अलावा जिला, रायबरेली, सुल्तानपुर, फैजाबाद, अंबेडकरनगर, प्रतापगढ़, अमेठी, फतेहपुर, कानपुर, कन्नौज, गोंडा, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर और बस्ती जिलों मुख्य ध्यान देने की योजना बनी है।
जिलों के लोगों को भाजपा सहित पूरे विचार परिवार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, विहिप, बजरंग दल, विद्यार्थी परिषद, किसान संघ, मजदूर संघ आदि) के लोगों के पास चार पहिया और दो पहिया वाहनों की सूची बनाने को कहा गया है।
साथ ही यह भी कहा गया है कि स्थानीय स्तर पर इन लोगों से बातचीत करके लोगों को लाने की जिम्मेदारी सौंपी जाए।
साथ ही वाहन स्वामियों के नाम और उनके फोन नंबर की सूची बनाकर ब्लाकवार किसी कार्यकर्ता को इन सबकी मदद से लोगों को लखनऊ महारैली में पहुंचाने की जिम्मेदारी दी जाए।
हर बूथ तक महारैली के प्रचार की योजना
पार्टी ने भीड़ जुटाने को मोदी की 2 मार्च की महारैली के व्यापक प्रचार की भी योजना बनाई है। जिलाध्यक्षों व जिला प्रभारियों से कहा गया है कि वे प्रत्येक बूथ पर कम से कम पांच स्टीकर और दो बैनर लगवाएं।
प्रत्येक गांव में एक बैनर और दो पांच स्टीकर, प्रत्येक नगर पालिका में कम से कम पांच बैनर, 50 स्टीकर, टाउन एरिया में तीन बैनर व 50 स्टीकर, नगर निगम के प्रत्येक वार्ड में पांच बैनर व 100 स्टीकर लगवाएं।
इसके अलावा हर गांव में कम से कम 10 पोस्टर लगवाने को भी कहा गया है। प्रत्येक ब्लाक में महारैली के 10 हजार पंपलेट बांटकर भी लोगों को इसकी जानकारी देने की योजना बनी है।