VHP का दांव, भाजपा की टीम 'बी' बनेंगे संत
रामनगरी में परिक्रमा व संकल्प सभा पॉलिटिक्स के बाद अब विहिप का केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल नया दांव आजमाएगा।
इसमें अपरोक्ष रूप से विहिप से जुड़े संत व धर्माचार्य भाजपा के बी टीम का काम करेंगे। दिल्ली में तय हुए चार प्रस्तावों पर अमल के लिए खुद अंतरराष्ट्रीय संरक्षक अशोक सिंहल को कमान सौंपी गई है।
वह 21 नवंबर से तीन दिन तक रामनगरी में संत-धर्माचार्यों को एकजुट कर सपा व कांग्रेस का वोट काटने के लिए गांव-गांव में संतों की टीम भेजने की रणनीति को अंतिम रूप देंगे।
अभियान में जनजागरण के लिए पूज्य संत एक-एक जिले को गोद लेंगे।
21 को अयोध्या पहुंचेंगे सिंहल
प्रमुख महामंडलेश्वर, महंत-धमाचार्य समेत एक हजार से अधिक संतों की ओर तय की गई रणनीति को अब अमलीजामा पहनाने के अभियान का श्रीगणेश 21 नवंबर को विहिप के वरिष्ठ नेता अशोक सिंहल करने अयोध्या आ रहे हैं। तय प्रस्तावों की रूपरेखा यहां कारसेवकपुरम् में आ चुकी है।
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अभियान की रणनीति के मुताबिक 11 दिसंबर तक पूरे देश में जनजागरण अभियान चलेगा। जिसमें पूज्य संत एक-एक जिले को गोद लेकर सघन जनजागरण अभियान चलाएंगे।
इसके बाद 1 व 2 फरवरी 2014 को इलाहाबाद संगम तट पर मार्गदर्शक मंडल की बैठक में अगली रणनीति बनेगी। अभियान के मुताबिक गांव-गांव में संतों की टोली के जिम्मे चार काम होंगे।
इसमें पहला राम विरोधी सरकार की निंदा के बहाने सूबे की सपा सरकार को घेरा जाना है। प्रस्ताव में स्पष्ट कहा गया है कि 90 के दशक में रामभक्तों पर गोली चलवाने वाली समाजवादी सरकार फिर उसी रास्ते पर चल पड़ी है।
इसके लिए 84 कोसी परिक्रमा व संकल्प सभा के दौरान अयोध्या में प्रतिबंध लगा संतों व हिंदुओं पर किए गए अत्याचार को हिरण्यकश्यप की निरकुंशता की संज्ञा दी गई है।
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कहा गया है कि रामभक्त-राष्ट्रभक्त जनता सपा सरकार के विरुद्ध निंदा प्रस्ताव पारित करे और डटकर मुकाबला करे। मुजफ्फरनगर दंगा भी एकजुटता के प्रमुख बिंदुओं में शामिल है।
दूसरा काम आध्यात्मिक आंदोलन के नए युग का आरंभ के नाम पर कांग्रेस गठबंधन की केंद्र सरकार पर हमला करने का है। प्रस्ताव में जाति-भाषा आदि भेद भूल हिंदू एकजुटता के बहाने भाजपा को लाभ पहुंचाने की मंशा छिपी है।
तीसरे और चौथे प्रस्ताव में मान बिंदुओं की रक्षा और सांप्रदायिक एवं लक्षित हिंसा रोकथाम विधेयक 2011 के पीछे सीधे कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की साजिश गिना सावधान ही नहीं सत्ता से बेदखल करने का आह्वान है।
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