फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   BJP could not find a way in West UP in panchayat election 2021.

पंचायत चुनाव: पश्चिमी यूपी में किसानों की हुंकार का तोड़ नहीं ढूंढ़ पाई योगी सरकार, सपा को सीधा फायदा

Tue, 04 May 2021 10:26 AM IST
ishwar ashish अमित मुदगल, अमर उजाला, लखनऊ
अमित मुदगल, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Tue, 04 May 2021 10:26 AM IST
सार

माना जा रहा है कि पश्चिमी यूपी में किसान आंदोलन के चलते भाजपा को यह झटका लगा है। रालोद को भी इस चुनाव में खासा लाभ मिला है। बसपा को भी कई सीटों पर महत्वपूर्ण बढ़त मिली है।

विज्ञापन
BJP could not find a way in West UP in panchayat election 2021.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व अखिलेश यादव। - फोटो : amar ujala

विस्तार

पंचायत चुनाव में भाजपा किसानों की हुंकार का तोड़ नहीं ढूंढ़ पाई है। जिला पंचायत सदस्य के चुनाव में भाजपा ने पूरी ताकत लगाई थी, पर सपा की अच्छी बढ़त से यह बात स्पष्ट होती है। माना जा रहा है कि पश्चिमी यूपी में किसान आंदोलन के चलते भाजपा को यह झटका लगा है। रालोद को भी इस चुनाव में खासा लाभ मिला है। बसपा को भी कई सीटों पर महत्वपूर्ण बढ़त मिली है।

विज्ञापन


पश्चिमी यूपी में कृषि कानूनों के विरोध में ज्यादातर जिलों से किसानों ने दिल्ली में जाकर किसान आंदोलन को समर्थन दिया। न सिर्फ दिल्ली में, बल्कि अपने-अपने जिलों में भी जबरदस्त विरोध दर्ज कराया। अब पंचायत चुनाव में इसका बड़ा असर सामने आया है।
विज्ञापन


भाजपा ने पूरे पश्चिमी यूपी में बूथ से लेकर जिला स्तर तक दिग्गजों को लगाया था और यह साफ कहा था कि पंचायत चुनाव में भाजपा अपना पूर्ण वर्चस्व हासिल करेगी। मुख्य फोकस जिला पंचायत सदस्य के चुनाव पर था क्योंकि इसी से जिला पंचायत अध्यक्षों का चयन होना है। लेकिन सपा ने तगड़ी बढ़त बनाई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

इन जिलों में ये रहे हालात

कानपुर नगर में 5 सीटें भाजपा को मिली जबकि सपा ने सात सीटें जीत लीं। देर रात 8 सीटों पर सपा आगे चल रही थी और 6 पर भाजपा। बसपा को भी एक सीट हाथ लगी और वह एक पर आगे चल रही थी। गाजियाबाद जैसे शहरी मिजाज की सीट पर भी सपा ने देर शाम तक 3 सीटें जीत ली थीं।

मेरठ में बसपा के 7 जिला पंचायत सदस्य जीते हैं। सपा इससे भी आगे रही। रालोद ने भी यहां 6 सीटों पर बढ़त बना रखी है। खास तौर पर रालोद के सामने भाजपा कई सीटों पर चारों खाने चित हो गई। मेरठ में तो रालोद जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए भी ताल ठोकने की तैयारी में है। हाथरस में सपा समर्थित चार प्रत्याशी जीते जबकि भाजपा के पांच और रालोद के 3 प्रत्याशी जीते हैं।

कल्याण के गढ़ में हारी भाजपा

अलीगढ़ में भी उल्टी गंगा बही। पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के गढ़ अतरौली में भाजपा हार गई। अलीगढ़ में रालोद ने 4 सीटें जीती हैं। फिरोजाबाद में भी सपा समर्थित प्रत्याशी आगे चल रहे थे। भाजपा के कई बड़े चेहरे यहां रेस में पिछड़ गए।

बुलंदशहर में देर शाम तक सिर्फ 6 सीटों का ही परिणाम घोषित किया गया जिनमें दो पर भाजपा और चार पर निर्दलीय प्रत्याशियों ने बाजी मारी थी। हालांकि यहां कांटे की टक्कर चल रही थी। बरेली में भाजपा ने 12 और सपा ने 18 सीटों सीटों पर जीत दर्ज की। बसपा को 8 सीटें मिलीं।

पीलीभीत में सपा चार जबकि भाजपा 3 पर सिमट गई। बदायूं में भाजपा 8 और सपा ने 6 सीटों पर बाजी मारी। गौतमबुद्ध नगर में भाजपा मजबूत स्थिति में रही। आगरा में देर शाम तक भाजपा ने 10 सीटें और सपा ने 5 सीटें जीत ली थीं।

कई जगह परिणाम आने के बावजूद घोषणा नहीं

बिजनौर में सपा ने जबरदस्त प्रदर्शन किया। देर रात तक परिणाम प्रशासनिक तौर पर तो घोषित नहीं हुए थे, लेकिन पार्टी पदाधिकारियों के दावे के मुताबिक सपा ने 20 सीटें जीती हैं, भाजपा ने 8 और रालोद ने 4 सीटें जीतने का दावा किया।

बागपत में रालोद का तगड़ा प्रदर्शन सामने आया 8 सीटों पर रालोद ने बढ़त बनाई। चार पर सपा, चार पर भाजपा तथा एक पर बसपा पकड़ बनाए हुए थे। विभिन्न स्थानों पर देर शाम तक भी मतगणना चल रही थी और कई जगह परिणाम आने के बावजूद परिणाम घोषित नहीं किए गए थे। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed