62 हजार की स्कूटी 46 हजार में बिकी, बंपर छूट पर मची लूट
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बीएस-3 वाहनों पर बम्पर छूट की घोषणा के दूसरे दिन भी शोरूमों में ग्राहकों की जबरदस्त भीड़ उमड़ी। दोपहिया वाहनों पर 20 हजार रुपये तक की छूट का फायदा लेने को सुबह से ही शोरूमों के बाहर लोग जुटने लगे थे। करीब पांच हजार से अधिक वाहनों की बिक्री शुक्रवार को राजधानी के शोरूमों में हुई।
हजरतगंत स्थित बीआर होंडा में सुबह से भीड़ उमड़ पड़ी। नवी होंडा की सबसे ज्यादा डिमांड रही। बीस हजार के डिस्काउंट पर वाहन बिके।
62 हजार की एक्टिवा 46 हजार में बिकी। टीवीएस शोरूम में विक्टर और स्पोर्ट्स सेल्फ स्टार्ट पर 10 हजार की छूट मिली। वहीं स्प्लेंडर पर मात्र पांच हजार रुपये छूट दी गई।
वहीं, देर रात तक आरटीओ खुला रहा। करीब 4500 हजार दोपहिया वाहनों के रजिस्ट्रेशन हुए। आरटीओ राघवेन्द्र सिंह का कहना है जिन वाहनों के रजिस्ट्रेशन नहीं हो सकेहैं, वह कंडम माने जाएंगे। ऐसे वाहनों की संख्या करीब 5900 है।
शटर गिरा होने के बावजूद लोग शोरूम में घुसे लोग
कई जगह तो शटर गिरा होने और नोटिस चस्पा होने पर भी ग्राहक अंदर जाने की कोशिश करते दिखे। जिन्हें स्कूटी या बाइक मिल गई, वे तो खुशी-खुशी लौट गए, लेकिन भीड़ के चलते जिन्हें छूट का फायदा नहीं मिला उन्होंने हंगामा भी किया। यहां तक कि पुलिस बुलाने की नौबत आ गई। गाड़ी की उम्मीद में लोगों की भीड़ देर शाम तक डटी रही।
कर्मचारी एजेंसी के बाहर खड़े पब्लिक से हाथ जोड़ कर मनौती करते रहे और गाड़ी स्टॉक में नहीं होने की दलील देते रहे। उतरेटिया के हीरो के पी5 शोरूम में महिलाओं की लाइन लगी रही।
एजेंसी के डीलर मोहित बक्शी भीड़ से परेशान लोगों को समझाने मे जुटे रहे। उन्होंने बताया कि एक गाड़ी के लिए दर्जनों आईएएस और वीआईपी लोगों के फोन आते रहे। यह हाल तो शोरूम के बाहर रहा, जबकि परिहवन विभाग का राजस्व लक्ष्य पूरा हो गया।
आरटीओ गदगद, 40 करोड़ का लक्ष्य पूरा
मार्च के अंतिम दिन गाड़ियों की रिकॉर्ड बिक्री होने से आरटीओ गदगद है। 40 करोड़ रुपये का उसका लक्ष्य पूरा हो गया।
एआरटीओ प्रशासन राघवेंद्र सिंह ने बताया कि 15 मार्च से ही लक्ष्य पूरा नहीं होने की चिंता थी।
शुक्रवार शाम पांच बजे तक 41.12 करोड़ की आमदनी हुई। वही शनिवार रात 12 बजे तक वाहनों के रजिस्ट्रेशन के बाद राजस्व लक्ष्य की स्थिति सामने आएगी।
रोड टैक्स जमा होने पर ही मिलेगा नम्बर
ऐसा नहीं है कि गाड़ी खरीद ली और आरटीओ में पंजीकरण कराकर बीएस थ्री वाहन से सड़कों पर रफ्तार भर लेंगे। एआरटीओ राघवेंद्र सिंह ने बताया कि अगर, रोड टैक्स जमा नहीं हुआ तो वाहन मालिक को नम्बर नहीं मिलेगा। ऐसे में गाड़ियों को कंडम माना जाएगा।
4800 बीएस थ्री गाड़ियां शोरूम में कंडम, 1100 घरों में
4,800 बीएस थ्री गाड़ियां शहर के शोरूमों में कंडम हो गईं। जबकि ग्यारह सौ गाड़ियां इसलिए कंडम हो गईं कि उनका पंजीकरण आरटीओ दफ्तर में शुक्रवार देर रात तक नहीं हो सका। अब वह घरों पर ही रखी रह जाएंगी। 3,900 गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन शुक्रवार को देर रात तक हो सका।
हालांकि, वाहन मालिकों को इससे भले ही नुकसान हुआ हो, पर आरटीओ कार्यालय की बांछें खिली हुई हैं। करीब चार करोड़ रुपये की इनकम आरटीओ को हुई। शहर के शोरूमों में दस हजार से अधिक दोपहिया व चौपहिया वाहन थे।
ये वे गाड़ियां हैं जो 31 मार्च के बाद से प्रतिबंधित हो रहे हीं। बृहस्पतिवार को भी बड़ी संख्या में वाहन बिके। जबकि आरटीओ में सिर्फ 1,209 गाड़ियों का पंजीकरण हुआ। वहीं शुक्रवार सुबह से ही शोरूमों पर भीड़ उमड़ पड़ी। एक अनुमान के मुताबिक 4,800 बीएस थ्री गाड़ियां नहीं बिक सकीं।
धनतेरस पर बिक्री भी पीछे रह गई
बीएस थ्री वाहनों की बंदी ने रिकॉर्ड तोड़ वाहनों का पंजीकरण आरटीओ दफ्तर में करवाया। इस रजिस्ट्रेशन ने धनतेरस पर बिके वाहनों का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया।
आरटीओ अधिकारियों ने बताया कि धनतेरस पर 650 वाहनों का पंजीकरण हुआ था, जबकि अमूमन आम दिनों में सवा दो सौ से ढाई वाहनों के रजिस्ट्रेशन होते हैं।