संभल हिंसा पर बड़ा खुलासा: पुलिस पर हमले की रची गई थी सुनियोजित साजिश, कई धर्मगुरु भी रहे इसमें शामिल
Sambhal violence:संभल में मस्जिद के सर्वे को लेकर भड़की हिंसा में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। इस घटना पर पुलिस को जानबूझकर निशाना बनाया गया। इसमें कई धर्मगुरू भी शामिल रहे।
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संभल में हिंसा भड़काने की साजिश सुनियोजित थी। हमलावरों ने पुलिस बल पर पत्थरबाजी से शुरूआत की, चंद मिनटों बाद छतों से पुलिसकर्मियों पर सीधे गोलियां चलानी शुरू कर दी गईं। पुलिस ने मोर्चा संभाला तो भीड़ ने गाड़ियों में आग लगानी शुरू कर दी। हालात काबू में करने के बाद अब पुलिस आरोपियों को तलाश रही है ताकि उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके। साथ ही साजिश रचने वालों को भी चिन्हित किया जा रहा है, जिनमें कुछ धर्मगुरू भी शामिल हैं।
उच्चपदस्थ सूत्रों की मानें तो मुस्लिम समुदाय की नाराजगी मस्जिद के सर्वे को लेकर थी, लेकिन जानबूझकर पुलिस को निशाना बनाया गया। कुछ मृतकों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में 315 बोर की गोली लगने की पुष्टि हुई है। वहीं कुछ शवों में गोलियां शरीर के आर-पार होने का पता चला है, जिनकी गहनता से जांच कराकर पता लगाया जा रहा है कि किसी बोर के असलहे से चली गोली उन्हें लगी थी। फिलहाल संभल में हालात काबू में हैं। संभल पुलिस को दी गई चार कंपनी पीएसी और एक कंपनी रैपिड एक्शन फोर्स ने मोर्चा संभाल लिया है और विवादित परिसर को छावनी में तब्दील किया जा चुका है। जिन इलाकों में हिंसा भड़की थी, वहां पर पुलिस लगातार छापेमारी कर आरोपियों को गिरफ्तार कर रही है। डीजीपी मुख्यालय हर दो घंटे में संभल पुलिस से रिपोर्ट ले रहा है, जिसे शासन और केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजा जा रहा है।
संवेदनशील जिलों में खास सतर्कता
संभल हिंसा के बाद प्रदेश के संवेदनशील जिलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। खासकर जिन जिलों में संभल की तरह मंदिर-मस्जिद को लेकर विवाद चल रहा है, वहां खास चौकसी बरतने के निर्देश डीजीपी मुख्यालय द्वारा दिए गए हैं। इन जिलों में सोशल मीडिया पर भी पैनी नजर रखी जा रही है ताकि संभल की घटना का फायदा उठाकर माहौल खराब करने की साजिश अंजाम नहीं दी जा सके।
पुलिस की बहादुरी से बची कई जानें
अधिकारियों की मानें तो संभल पुलिस ने जिस तरह उपद्रवियों से मोर्चा लिया, उससे कई लोगों की जान बची है। पुलिस ने पहले उपद्रवियों पर काबू पाने के तमाम प्रयास किए। पब्लिक एड्रेस सिस्टम की मदद से उनको घरों में वापस जाने की संभ्रांत नागरिकों से अपील कराई गई। इसके बावजूद हालात काबू में नहीं आने पर पुलिस को भी जवाबी फायरिंग करनी पड़ी। अब पुलिस यह पता लगा रही है कि हिंसा भड़कने के बाद किन धर्मगुरुओं ने भड़काऊ बयान देकर माहौल को और बिगाड़ने का प्रयास किया था।
डीजीपी ने दिया बयान