औद्योगिक-वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को बिजली के बिल में बड़ी राहत, एक माह के फिक्स-डिमांड चार्ज में छूट
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राज्य सरकार ने औद्योगिक व वाणिज्यिक बिजली उपभोक्ताओं को एक माह के फिक्स/डिमांड चार्ज में छूट देने का फैसला किया है। यह छूट उन्हीं उपभोक्ताओं को मिलेगी जो 30 जून तक अपना पूरा बकाया जमा कर देंगे। जो उपभोक्ता 30 जून तक अपना पूरा बकाया बिल जमा नहीं करेंगे वह छूट प्राप्त करने से वंचित रह जाएंगे। ऐसे उपभोक्ताओं को जुलाई के बिल में एक माह के फिक्स/डिमांड चार्ज के बराबर छूट दे दी जाएगी।
यही नहीं ऑनलाइन भुगतान में देय ट्रांजेक्शन चार्जेज का भुगतान पावर कॉर्पोरेशन की ओर से किए जाने का भी निर्णय किया जा चुका है। सरकार के इस फैसले से प्रदेश के लगभग 15.65 लाख उपभोक्ताओं को फायदा होगा। इनमें एक किलोवाट भार वाले छोटे व्यापारी भी शामिल हैं।
गौरतलब है कि मंगलवार को ‘अमर उजाला’ की ओर से आयोजित वेबिनार में कई उद्यमियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष लॉकडाउन में प्रतिष्ठान बंद रहने का हवाला देते हुए फिक्स/डिमांड चार्ज में छूट की मांग उठाई थी। इसके बाद बुधवार को मुख्यमंत्री ने उद्योगों व व्यापारियों को राहत देने का फैसला किया।
ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने बुधवार को बताया कि औद्योगिक व व्यापारिक संगठनों की ओर से लॉकडाउन की अवधि में उद्योग-व्यवसाय पर पड़े विपरीत प्रभाव के मद्देनजर फिक्स/डिमांड चार्ज में राहत की मांग की जा रही थी। ऊर्जा मंत्रालय भारत सरकार के अधीन बिजली उत्पादन व ट्रांसमिशन उपक्रमों जैसे एनटीपीसी, एनएचपीसी, पीजीसीआईएल, टीएचडीसी व एसजेवीएनएल की ओर से राज्यों को छूट दी गई है।
उपभोक्ताओं को फिक्स/डिमांड चार्ज में राहत के रूप में देने का किया गया फैसला
सरकार ने इस छूट का लाभ औद्योगिक व वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को फिक्स/डिमांड चार्ज में राहत के रूप में देने का फैसला किया है।
ऊर्जा मंत्री ने बताया कि वाणिज्यिक श्रेणी में दुकानदार, होटल, रेस्टोरेंट, गेस्ट हाउस, मैरिज हाल, कोचिंग इंस्टीट्यूट, लघु एवं मध्यम श्रेणी के 75 किलोवाट से कम भार के सभी उद्योगों तथा 75 किलोवाट भार से ऊपर के सभी वृहद व भारी उद्योगों को जुलाई के बिल में एक माह के फिक्स/डिमांड चार्ज के बराबर छूट दी जाएगी।
जुलाई के बिल में जमानत राशि के ब्याज का समायोजन भी
ऊर्जा मंत्री ने बताया कि सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं को उनकी जमा जमानत राशि पर वार्षिक ब्याज का आकलन करके जुलाई के बिल में समायोजन कर दिया जाएगा। इससे जुलाई के बिल में अतिरिक्त कमी आएगी।