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एक जून से कोरोना कर्फ्यू से मिलेगी राहत और बलरामपुर में दिल दहला देने वाली वारदात समेत पढ़ें यूपी की पांच बड़ी खबरें

Mon, 31 May 2021 11:15 AM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Mon, 31 May 2021 11:15 AM IST
सार

रविवार को उत्तर प्रदेश में कई बड़े घटनाक्रम और निर्णय हुए हैं। यहां देखें प्रदेश की आज की प्रमुख बड़ी खबरें: 

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Big news of the Uttar Pradesh for today.
- फोटो : amar ujala

विस्तार

यूपी सरकार ने प्रदेश की जनता को बड़ी राहत देते हुए एक जून से प्रदेश के सभी बाजारों को खोलने की अनुमति दे दी है। हालांकि, जिन जिलों में 600 से ज्यादा कोरोना संक्रमित हैं वहां कोई राहत नहीं मिलेगी। जिलों के बाजार व दुकानें सोमवार से शुक्रवार तक खुलेंगी जबकि शनिवार और रविवार को साप्ताहिक बंदी लागू रहेगी। वहीं, बलरामपुर में हुई एक दिल दहला देने वाली वारदात में एक व्यक्ति ने अपने कोरोना पीड़ित परिजन के शव को राप्ती नदी में फेंक दिया। इसके अलावा, यूपी सरकार ने बड़ी घोषणा करते हुए कोरोना से मृत हुए पत्रकारों के परिजनों को 10 लाख रुपये सहायता देने की घोषणा की है। इसके अलावा प्रदेश में कोरोना की दूसरी लहर में पहली बार संक्रमितों की संख्या 2000 से कम हुई है। रविवार को जारी हुए आंकड़ों के मुताबिक बीते 24 घंटे में कोरोना के 1908 नए मामले सामने आए हैं। इसके अलावा, भाजपा ने जिला पंचायत अध्यक्षों के चुनाव को लेकर अपनी रणनीति तैयार कर ली है। भाजपा की कोशिश है कि प्रदेश के 65 से भी ज्यादा जिलों में भाजपा के जिला अध्यक्ष हों। इसके लिए मुख्यमंत्री आवास पर बैठक हुई। इस बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह सहित उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, डॉ. दिनेश शर्मा और प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल भी मौजूद थे।  

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कोरोना कर्फ्यू: एक जून से सुबह सात बजे से शाम सात बजे तक खुलेंगे बाजार व दुकानें
यूपी सरकार ने प्रदेश के 55 जिलों की जनता को कोरोना कर्फ्यू से बड़ी राहत देने का निर्णय लिया है। इन जिलों में एक जून 2021 की सुबह 7.00 बजे से शाम 7.00 बजे तक सप्ताह के पांच दिन बाजार खुल सकेंगे जबकि शनिवार व रविवार को साप्ताहिक बंदी लागू रहेगी। वहीं, जिन बाकी 20 जिलों में कोरोना संक्रमितों की संख्या 600 से ज्यादा है वहां कोई छूट नहीं दी गई है। जारी किए गए आदेश के अनुसार, मेरठ, लखनऊ, सहारनपुर, वाराणसी, गाजियाबाद, गोरखपुर, मुजफ्फरनगर, बरेली, गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर, झांसी, प्रयागराज, लखीमपुर खीरी, सोनभद्र, जौनपुर, बागपत, मुरादाबाद, गाजीपुर, बिजनौर एवं देवरिया में फिलहाल कोई छूट नहीं दी गई है। साप्ताहिक बंदी के दौरान पूरे प्रदेश में शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में सैनिटाइजेशन व फॉगिंग का अभियान चलाया जाएगा। दुकानों पर दुकानदार व मौजूद अन्य स्टॉफ के लिए कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करना जरूरी होगा। उनके लिए मास्क पहनना, दो गज की दूरी का पालन करना और सैनिटाइजर की व्यवस्था रखना जरूरी होगा।
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बलरामपुर: कोरोना पीडि़त के शव को राप्ती नदी में फेंका, केस दर्ज
बलरामपुर में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। कोरोना पीड़ित के शव को घर ले जा रहे परिजनों ने तुलसीपुर हाईवे पर स्थित राप्ती नदी के सिसई घाट से शनिवार की दोपहर बारिश के दौरान एक शव नदी में फेंक दिया। मामले का वीडियो वायरल हो जाने से प्रशासन तथा स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। जिसके बाद एडीएम ए के शुक्ल ने मामले की जांच सीएमओ को सौंपी। सीएमओ डॉक्टर वी बी सिंह ने बताया कि जांच के बाद यह पता चला है कि शोहरतगढ़ जनपद सिद्धार्थ नगर निवासी प्रेम नाथ मिश्रा को गत 25 मई के दिन सांस लेने में दिक्कत हुई थी। उनके भतीजे संजय कुमार ने प्रेमनाथ को इलाज के लिए जिला संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती कराया था। इलाज के दौरान 28 मई को प्रेम नाथ की मौत हो गई। 29 मई की दोपहर प्रेमनाथ का शव भतीजे संजय कुमार ने कोरोना प्रोटोकॉल के तहत प्राप्त किया। शव को घर ले जाते समय संजय कुमार तथा उसके साथी ने बारिश के बीच शव पुल से राप्ती नदी में फेंक दिया और फरार हो गए। शव को फेंकने के दौरान कार से गुजर रहे कुछ लोगों ने घटना का वीडियो बना लिया। वीडियो मानवीय संवेदनाओं को झकझोर देने वाला है। देहात कोतवाली में संजय कुमार तथा उनके एक अज्ञात साथी के खिलाफ महामारी अधिनियम के तहत केस दर्ज करा दिया गया है। देहात कोतवाल विद्यासागर वर्मा ने बताया कि आरोपियों की तलाश की जा रही है।
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मृतक पत्रकारों के परिजनों को राहत: योगी सरकार देगी 10 लाख रुपये
हिंदी पत्रकारिता दिवस के मौके पर प्रदेश की योगी सरकार ने बड़ी घोषणा की है। योगी सरकार ऐसे पत्रकार जिनका कोरोना काल के दौरान बीमारी से निधन हो गया उनके परिजनों को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देगी। बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर सूचना विभाग ने पत्रकारों का आंकड़ा जुटा लिया था। दरअसल, कोरोना काल में कवरेज के दौरान कई पत्रकार संक्रमित हो गए और कई का निधन हो गया। ऐसे में उनके परिजनों के सामने भरण-पोषण की मुश्किल आ गई है। इसे देखते हुए सरकार ने मृत पत्रकारों के परिजनों को 10 लाख रुपये देने का निर्णय लिया है।

दूसरी लहर: पहली बार संक्रमितों की संख्या दो हजार से कम हुई
यूपी सरकार के 'ट्रिपल टी' फॉर्मूले मतलब टेस्ट, ट्रेस और ट्रीट का असर होता दिखाई दे रहा है। प्रदेश में यह पहली बार है जब 24 घंटे में कोरोना पॉजिटिव पाए गए मरीजों की संख्या दो हजार से कम हो गई है। रविवार को जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक बीते 24 घंटे में कोरोना के 1908 नए मामले सामने आए हैं। जबकि 6713 लोग अस्पताल से डिस्चार्ज होकर घर वापस लौट गए हैं। प्रदेश में कोरोना से रिकवरी की दर इस समय 96.4 फीसदी है। इस समय प्रदेश में सक्रिय मरीजों की कुल संख्या करीब 41 हजार है। प्रदेश में शनिवार को कोरोना के सर्वाधिक 3.40 लाख टेस्ट किए गए जिसमें से 1.42 लाख आरटीपीसीआर टेस्ट थे।


जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव: मुख्यमंत्री आवास पर बैठक में बनी रणनीति
खींचतान, आपसी गुटबाजी और किसी तरह के मतभेद से बचने के लिए भाजपा जिला पंचायत अध्यक्ष के उम्मीदवारों के नाम आम सहमति से तय करेगी। खास तौर पर सांसद, विधायक और जिलाध्यक्ष के बीच सहमति बनाकर किसी एक उम्मीदवार का नाम प्रदेश संगठन को भेजने को कहा जाएगा। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह की अध्यक्षता और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में सीएम आवास पर शनिवार को भाजपा कोर कमेटी की बैठक में 50 से अधिक जिलों में पार्टी का जिला पंचायत अध्यक्ष जिताने की रणनीति पर मंथन किया गया। बैठक में यह बात प्रमुखता से सामने आई कि अधिकांश जिलों में जिपं अध्यक्ष के लिए दो से तीन मजबूत दावेदार हैं। अगर एक नाम पर सहमति नहीं बनी तो स्थिति बिगड़ सकती है। पार्टी का मानना है कि विधानसभा चुनाव 2022 के मद्देनजर जातीय समीकरण के साथ जिताऊ और टिकाऊ दावेदार को उम्मीदवार बनाया जाए। जिलों में एक नाम पर सहमति बनाने के लिए सरकार और संगठन के स्तर पर संयुक्त प्रयास किए जाएंगे। बैठक में निर्दलीयों के साथ विपक्षी दलों के सदस्यों का समर्थन जुटाने के प्रयासों पर भी चर्चा की गई। बैठक में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, डॉ. दिनेश शर्मा और प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल भी मौजूद थे। 

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