फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Bhasa university got language lab

भाषा विवि में छात्र सुविधा और अध्ययन केंद्र का राज्यपाल ने किया लोकार्पण, कहा-महिला, किसान, बच्चों से जुड़े मुद्दों को बनाएं पाठ्यक्रम का हिस्सा

Sun, 07 Feb 2021 10:02 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 07 Feb 2021 10:02 PM IST
विज्ञापन
Bhasa university got language lab
ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में विश्वविद्यालय का लोगो जा
लखनऊ। राज्यपाल और कुलाधिपति आनंदी बेन पटेल ने कहा है कि नई एजुकेशन पॉलिसी (एनईपी) कई मामलों में लाभदायक है। यह हमें अवसर देती है कि हम आज की नई चुनौतियों के अनुसार स्थानीय स्तर पर पाठ्यक्रम तैयार कर सकते हैं। हमें महिलाओं, बच्चों, किसान, सामाजिक कुरीतियों से जुड़े मुद्दों को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाना चाहिए, ताकि शुरुआत से ही युवा इसके बारे में पढ़ें और जागरूक हों। समाज और अपने परिवार को भी इसके प्रति जागरूक करें। वह रविवार को ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय में छात्र सुविधा व अध्ययन केंद्र के लोकार्पण के बाद शिक्षकों और छात्रों को संबोधित कर रही थीं।
विज्ञापन

राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार तभी संभव है, जब केजी से पीजी तक को जोड़कर नीतियां तैयार की जाएं। पूरा विश्व और भारत भी कुपोषण से जूझ रहा है। हम जब तक इसके मूल में नहीं जाएंगे, तब तक इस पर विजय नहीं पाएंगे। बेटियों को सशक्त और स्वस्थ रखकर ही हम इससे जीत सकेंगे।
विज्ञापन

देश में कुपोषण समाप्त करने के लिए चल रहे अभियान से हम सभी को जुड़ना होगा। सभी शिक्षक-कर्मचारी अपनी 10 साल से बड़ी लड़की की हीमोग्लोबिन की जांच कराएं। विवि को इसके प्रति जागरूक करने के लिए डॉक्टर और अभिभावकों का संयुक्त संवाद आयोजित करना चाहिए। छात्र सुविधा केंद्र स्थित गर्ल्स कॉमन रूम के बारे में उन्होंने कहा कि इस कमरे का प्रयोग छात्राओं के संस्कारों को सुदृढ़ बनाने के लिए किया जाना चाहिए। वहां गर्भ संस्कार से संबंधित चित्र लगाए जाने चाहिए, जिससे छात्राएं गर्भधारण के समय गर्भ संस्कार से पूर्णता परिचित हों। विवि गर्भ संस्कार का कोर्स भी शुरू करे।
विज्ञापन
विज्ञापन

कार्यक्रम में राज्यपाल ने विश्वविद्यालय के नए लोगो व नए झंडे का भी विमोचन किया। लोगो में संस्कृत श्लोक भाषा विश्वं योजयति (भाषा ही विश्व को जोड़ती है) की भी उन्होंने सराहना की। उन्होंने कहा कि इस विश्वविद्यालय के शिक्षकों में योग्यता है और उन्हें सही अवसर की आवश्यकता है। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा, कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक, रजिस्ट्रार अशोक कुमार व शिक्षक, विद्यार्थी उपस्थित थे।
कुलपति की तारीफ भी की
कार्यक्रम में राज्यपाल ने कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक के कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि मेरे एक सुझाव पर प्रो. पाठक ने 26 इंजीनियरिंग कॉलेजों को एकत्र कर 40 आंगनबाड़ी केंद्रों को बच्चों से जुड़ी काफी सामग्री वितरित की। इसी क्रम में हम 8 फरवरी को फिर 40 आंगनबाड़ी केंद्रों में सामान वितरण करेंगे। यही नई शिक्षा नीति है। हम समाज से जुड़े और उसकी जरूरत के अनुसार काम करें। कार्यक्रम में राज्यपाल ने विश्वविद्यालय की ओर से गोद लिए गए पांच आंगनबाड़ी केंद्र व पांच टीबी ग्रसित बच्चों को फल व उपहार भी दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के टीबी उन्मूलन के लक्ष्य में हम सभी को भागीदारी देनी होगी।
अगले 10 साल की जरूरत पर काम करें वीसी
कार्यक्रम में राज्यपाल एक शिक्षक की भूमिका में दिखीं। उन्होंने कहा कि एक कुलपति की आवश्यकता क्यों है? कुलपति के पास दिव्य दृष्टि होनी चाहिए। सोमवार को तीन राज्य के कुलपतियों के सम्मलेन में ऐसे मुद्दों पर चर्चा होगी, जिसकी हम कल्पना नहीं कर सकते हैं। कुलपति को अगले 10 साल की जरूरत पर आज से ही काम करना चाहिए। ऐसा नहीं कि दो साल जैसे-तैसे काटने की सोचें। कुलपति को तकनीकी का अधिकतम उपयोग करना चाहिए। उनमें लीडरशिप होनी चाहिए। छात्र, शिक्षक, कर्मचारी सभी का नेतृत्व करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कुलपति, प्रति कुलपति, रजिस्ट्रार, वित्त अधिकारी, परीक्षा नियंत्रक किसी भी विवि के विकास के पांच स्तंभ हैं। अगर इनमें खींचतान होगी तो काम प्रभावित होगा। आप दूसरे विवि से प्रतिस्पर्धा करें, आपस में नहीं।

प्रदेश में भाषा का केंद्र बन सकता है विवि : डॉ. दिनेश शर्मा
उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि भाषा विवि में नए-नए विषयों पर शोध हो रहा है। सिर्फ भवन सुंदर बनाने से काम नहीं चलता, शिक्षक-छात्र भी अच्छे होने चाहिए। पठन-पाठन बेहतर हो। गुरु-शिष्य परंपरा को आगे बढ़ाना चाहिए। उन्होंने भरोसा दिया कि प्रदेश सरकार विश्वविद्यालय की हर सकारात्मक पहल में उसके साथ है। विश्वविद्यालय प्रदेश में भाषा के केंद्र के रूप में विकसित हो सकता है और यदि विश्वविद्यालय इस ओर पहल करते हुए नए पाठ्यक्रम शुरू करता है तो नए पदों के लिए भी संस्तुति दी जाएगी। कार्यक्र्रम में बतौर विशिष्ट अतिथि मौजूद उप मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र के उच्च शिक्षा आयोग की तर्ज पर प्रदेश में नए शिक्षा सेवा आयोग का जल्द गठन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में ई-कंटेंट और ऑनलाइन लर्निंग का स्कोप बढ़ा है। हमने विद्यादान माह घोषित किया और 80 हजार ई-कंटेंट दिए हैं। नई शिक्षा नीति में भी यूपी ने काफी काम किया है। टास्क फोर्स बनाकर हर महीने की चार तारीख को बैठक करते हैं। स्टीयरिंग कमेटी का भी गठन किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed