नेताजी पर 'मुलायम' हुए बेनी, माया पर बोला हमला
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लोकसभा चुनाव में सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव पर हमलावर रुख अपनाने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा अब नरम हो गए हैं। मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में पूर्व मुख्यमंत्री मायावती को तो उन्होंने भ्रष्टाचार के लिए कटघरे में खड़ा किया लेकिन अपने पुराने साथी मुलायम को क्लीन चिट देते दिखे।
वर्मा ने कहा, वह उनके बारे में अभी कुछ नहीं कह सकते क्योंकि कोर्ट में कुछ साबित नहीं हो सका है। कांग्रेस नेता ने कहा कि जयललिता के बाद अब बाकी दागी भी सतर्क हो जाएं। उनका नंबर कभी भी आ सकता है।
उन्होंने बसपा अध्यक्ष मायावती, ओमप्रकाश चौटाला और अभय चौटाला का नाम लेकर कहा कि इन लोगों की छुट्टी के बाद राजनीति ‘अच्छी और स्वच्छ’ हो जाएगी। जयललिता की सजा को उन्होंने सियासत में सफाई की शुरुआत बताया। कहा, अब साफ सुथरी राजनीति का युग आता दिख रहा है।
एक बार फिर अपनी पार्टी के नेताओं पर बरसते हुए उन्होंने ऐसे लोगों को ‘चिपकू’ बताया जो राज्यपाल, विभिन्न आयोगों में अध्यक्ष या किन्हीं लाभ के पदों पर बने हुए हैं। वर्मा के अनुसार, सरकार बदलने के बाद इन नेताओं को खुद ही पद छोड़ देना चाहिए।
नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दें कांग्रेसी
लोकसभा चुनाव व प्रदेश में हालिया उपचुनाव में कांग्रेस की हार के बाद उन्होंने चुनाव से जुड़े सभी कांग्रेस पदाधिकारियों को भी नैतिकता के आधार पर पद छोड़ने की अपील की। यूपीसीसी की बैठकों में नहीं जाने पर वर्मा ने साफ कहा कि उन्हें मौजूदा यूपी कांग्रेस में कई नेता पसंद नहीं हैं।
उनकी मौजूदगी में वे बैठकों में जाना ठीक नहीं समझते। महाराष्ट्र में एनसीपी के अलग होने पर बेनी का कहना था कि देश में भाजपा और कांग्रेस के रूप में दो पार्टियों की व्यवस्था रहे तो बेहतर होगा।
चार बेईमान मिलकर सरकार बनाने में मदद तो करते हैं लेकिन उनकी वजह से सोनिया व राहुल गांधी को जमाने भर की बुराई झेलनी पड़ती है।
गौरतलब है कि बेनी ने पिछले दिनों दिग्विजय सिंह और पृथ्वीराज चौहान पर कांग्रेस को कमजोर करने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि ये दोनों नेता राहुल की नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठाकर पार्टी के लिए मुश्किलें खड़ी कर रहे हैं।