यूपी को खुश करने वाला है बजट, 20,599 करोड़ का होगा सीधा फायदा
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बजट यूपी को खुश करने वाला है। प्रदेश को सीधे 20,599 करोड़ रुपये का फायदा होने जा रहा है। यह रकम केंद्रीय करों में राज्य की हिस्सेदारी से आएगी। वहीं केंद्रीय योजनाओं के आवंटन में होने वाली वृद्धि से भी फायदा मिलेगा। हालांकि इसका फायदा प्रदेश के हिस्से में कितना आएगा, यह विभागवार बजट आवंटन और उसमें प्रदेश की हिस्सेदारी तय होने के बाद ही पता चल पाएगा।
वित्त विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी बताते हैं कि केंद्रीय करों में राज्यों की हिस्सेदारी एक फॉर्मूले के तहत होती है। चालू वित्त वर्ष 2017-18 में केंद्रीय करों से प्रदेश को 1 लाख 20 हजार 940 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद लगाई गई है।
केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 2018-19 के लिए केंद्रीय करों में यूपी की हिस्सेदारी 1 लाख 41 हजार 539 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव किया है। यह चालू वित्त वर्ष से 20,599 करोड़ रुपये ज्यादा है। चालू वित्त वर्ष में 2016-17 की अपेक्षा 12 हजार करोड़ रुपये की ही वृद्धि हुई थी। यानी केंद्रीय योजनाओं में प्रदेश की यह अब तक की सबसे अधिक हिस्सेदारी है। इससे प्रदेश सरकार के पास राज्यस्तरीय योजनाओं के लिए अधिक पैसा उपलब्ध हो सकेगा।
जीएसटी का सबसे बड़ा फायदा यूपी को
वित्त विभाग के अफसर बताते हैं कि जीएसटी लागू होने से यूपी को सबसे ज्यादा फायदा होने की बात शुरू से ही की जाती रही है। इस बजट से यह बात साबित होती नजर आ रही है। केंद्रीय करों में सबसे अधिक हिस्सेदारी जीएसटी की रही है। 2018-19 में केंद्रीय जीएसटी से प्रदेश को सर्वाधिक 45,550 करोड़ रुपये मिलने का अनुमान लगाया गया है। इसी तरह एसजीएसटी से 3771.39 करोड़ की हिस्सेदारी मिलने की उम्मीद है। चालू वित्त वर्ष में भी यूपी को सबसे ज्यादा 16699.72 करोड़ रुपये केंद्रीय जीएसटी से और 3771.39 करोड़ रुपये समेकित जीएसटी से मिलने की उम्मीद है। यह देश किसी भी राज्य से अधिक है।
केंद्रीय करों में प्रदेश की हिस्सेदारी
2016-17--110509.37
2017-18--120940.10
2018-19--141539.97
केंद्रीय करों के प्रमुख मदों में इस तरह मिलेगी रकम
केंद्रीय जीएसटी--45550.85
समेकित जीएसटी--3771.39
निगम कर--39741.08
आयकर--35168.62
सीमा शुल्क--6973.27
केंद्रीय उत्पाद शुल्क--6795.29 (नोट : आंकड़े करोड़ रुपये में)