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UP: बीबीडी ग्रुप के संचालकों की 100 करोड़ की बेनामी संपत्तियां जब्त, अधिकतर दलित कर्मियों के नाम खरीदी गई थीं
Sat, 05 Jul 2025 12:16 AM IST
भूपेन्द्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: भूपेन्द्र सिंह
Updated Sat, 05 Jul 2025 12:16 AM IST
सार
लखनऊ में बीबीडी ग्रुप के संचालकों की 100 करोड़ की बेनामी संपत्तियां जब्त कर ली गईं। इनमें अधिकतर दलित कर्मियों के नाम खरीदी गई थीं। आयकर विभाग की बेनामी संपत्ति निषेध इकाई ने 20 बेशकीमती भूखंडों को जब्त किया है। इनमें कई प्रोजेक्ट निर्माणाधीन हैं।
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100 करोड़ की बेनामी संपत्तियां जब्त
विस्तार
राजधानी लखनऊ स्थित बाबू बनारसी दास ग्रुप (बीबीडी) की करीब 100 करोड़ रुपये कीमत की बेनामी संपत्तियों को आयकर विभाग की बेनामी संपत्ति निषेध इकाई ने जब्त कर लिया है। ये बेशकीमती संपत्तियां चिनहट स्थित अयोध्या रोड पर उत्तरधौना, जुग्गौर, 13 खास, सरायशेख और सेमरा ग्राम में वर्ष 2005 से 2015 के बीच खरीदे गए भूखंड हैं। ये सभी बीबीडी यूनिवर्सिटी के आसपास स्थित हैं, जहां कई प्रोजेक्ट का कार्य जारी है। जल्द आयकर विभाग बीबीडी ग्रुप की कई अन्य बेनामी संपत्तियों को भी जब्त करने की तैयारी में है।
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आयकर विभाग की जांच में सामने आया है कि इन संपत्तियों के असली लाभार्थी पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय अखिलेश दास की पत्नी अलका दास, उनके बेटे विराज सागर दास, मेसर्स विराज इंफ्राटाउन प्राइवेट लिमिटेड और हाईटेक प्रोटेक्शन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड हैं। वहीं बेनामीदारों में अधिकतर उनके कर्मचारी हैं, जिनमें से कई दलित हैं।
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कर्मचारियों के नाम पर संपत्तियां खरीदी थीं
बता दें कि आयकर विभाग इन बेनामी संपत्तियों की जांच वर्ष 2021 से कर रहा है। जांच में सामने आया कि बीबीडी ग्रुप के संचालकों ने जिन कर्मचारियों के नाम पर संपत्तियां खरीदी थीं, उनकी माली हालत लाखों-करोड़ों रुपये खर्च करने की नहीं थी।अधिकांश को तो उनके नाम पर जमीन खरीदने की जानकारी तक नहीं थी। उनके नाम पर इन संपत्तियों को नगदी देकर खरीदा गया था। जांच शुरू होने के बाद तमाम संपत्तियों को खुर्द-बुर्द करने के उद्देश्य से बेचना भी शुरू कर दिया गया। जो जमीनें बिक गईं, उसका भुगतान बैंक में आने पर पूरी रकम को अगले दिन नगद निकाल लिया गया।