फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   bed crisis in kgmu and pgi

लखनऊ के बड़े अस्पतालों में नहीं मिल रहे हैं बेड

Thu, 03 Sep 2015 04:05 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Thu, 03 Sep 2015 04:05 PM IST
विज्ञापन
bed crisis in kgmu and pgi

लिवर की बीमारी से पीड़ित झांसी के हरिमोहन (40) 24 घंटे तक संजय गांधी पीजीआई से लेकर ट्रॉमा सेंटर और बलरामपुर अस्पताल तक भटकते रहे लेकिन उन्हें इलाज नहीं मिल पाया।

विज्ञापन


किसी तरह मंगलवार रात को बलरामपुर अस्पताल की इमरजेंसी में जगह मिली लेकिन सुबह राउंड पर आए डॉक्टर ने गंभीरता को देखते हुए फिर से पीजीआई रेफर कर दिया।

मरीज के लिवर में पस पड़ गया है। उसे झांसी से पीजीआई रेफर कर दिया था। मंगलवार को मरीज को लेकर उसकी पत्नी दिपाली और बहनोई बाबूलाल पीजीआई इमरजेंसी पहुंचे थे। कई घंटों के इंतजार के बाद डॉक्टरों ने केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर जाने की सलाह दी।
विज्ञापन


दिपाली पति को लेकर ट्रॉमा सेंटर पहुंची तो वहां डॉक्टरों ने बलरामपुर अस्पताल जाने के लिए कहा। जबकि बलरामपुर पहुंचने पर कहा गया कि लिवर की बीमारी का इलाज पीजीआई या केजीएमयू में होता है। किसी तरह वहां इमरजेंसी में जगह मिली। रात वहीं बीती। बुधवार सुबह राउंड पर आए डॉक्टर ने हरिमोहन की जांच की और वापस पीजीआई रेफर कर दिया।

विज्ञापन
विज्ञापन

फिर गए पीजीआई, नहीं मिला इलाज

bed crisis in kgmu and pgi

दिपाली और बाबूलाल एक बार फिर किसी तरह हरिमोहन को लेकर पीजीआई पहुंचे तो वहां इमरजेंसी के डॉक्टर ने उन्हें ओपीडी जाने की सलाह दी।

ओपीडी पहुंची तो पंजीकरण नहीं हो पाया। फिर से इमरजेंसी पहुंचने पर वहां मौजूद डॉक्टर ने कहा कि ओपीडी में डॉक्टर से लिखवा लाओ तो पंजीकरण हो जाएगा। कई घंटे से पति को ओपीडी और इमरजेंसी का चक्कर लगा रहे परिवारीजन इससे हताश हो गए।

उन्होंने मरीज को भर्ती न किए जाने पर हंगामा शुरू कर दिया। इसके बावजूद किसी भी अधिकारी ने उनकी नहीं सुनी।

इस मामले में सीएमएस प्रो. पीके सिंह का कहना है कि बिना बेड की स्थिति जाने मरीजों को पीजीआई रेफर दिया जाता है। जबकि इमरजेंसी में पहले से ही वेटिंग है। यदि किसी वेटिंग वाले की जगह नए मरीज को बेड दिया जाता है तो भी परिवारीजन हंगामा करते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed