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Lucknow News: बच्चे को बार-बार हो निमोनिया तो हो जाएं सावधान
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लखनऊ। बच्चे को बार-बार निमोनिया होना वायरस की वजह हो सकता है। इसलिए बच्चे को ईएनटी विशेषज्ञ को दिखाना चाहिए। अमेरिका से आए डॉ. उमाकांत खटवा ने शनिवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में यह बात कही। वे इंडियन पीडियाट्रिक सोसाइटी की ओर से आयोजित पेडिकॉन में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा, वायरस की वजह से निमोनिया बढ़ जाता है। इन वायरस में एडेनोवायरस, राइनोवायरस, इन्फ्लूएंजा, रेस्पिरेटरी सिंसिटियल व पैराइन्फ्लूएंजा शामिल हैं। दिल्ली एम्स के डॉ. प्रशांत जौहरी ने बताया, बच्चों में दिमाग की सूजन का बड़ा कारण ऑटोइम्यून इंसेफलाइटिस है।
एकेडमी के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष डॉ. अतनु भद्रा ने बच्चों में एनीमिया की समस्या बढ़ती जा रही है। इसकी वजह खान-पान व जीवनशैली है।
केजीएमयू में बाल रोग विभाग की अध्यक्ष डॉ. माला कुमार ने कहा, नवजात शिशु की जान बचाने में ह्यूमन मिल्क बैंक की भूमिका अहम है। केजीएमयू में यह बैंक स्थापित है। इस तरह की बैंक प्रदेश के अन्य जनपद में भी स्थापित होनी चाहिए। इससे उन बच्चों को स्वस्थ रखा जा सकता है, जिनकी मां को दूध नहीं आता है।
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उन्होंने कहा, वायरस की वजह से निमोनिया बढ़ जाता है। इन वायरस में एडेनोवायरस, राइनोवायरस, इन्फ्लूएंजा, रेस्पिरेटरी सिंसिटियल व पैराइन्फ्लूएंजा शामिल हैं। दिल्ली एम्स के डॉ. प्रशांत जौहरी ने बताया, बच्चों में दिमाग की सूजन का बड़ा कारण ऑटोइम्यून इंसेफलाइटिस है।
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एकेडमी के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष डॉ. अतनु भद्रा ने बच्चों में एनीमिया की समस्या बढ़ती जा रही है। इसकी वजह खान-पान व जीवनशैली है।
केजीएमयू में बाल रोग विभाग की अध्यक्ष डॉ. माला कुमार ने कहा, नवजात शिशु की जान बचाने में ह्यूमन मिल्क बैंक की भूमिका अहम है। केजीएमयू में यह बैंक स्थापित है। इस तरह की बैंक प्रदेश के अन्य जनपद में भी स्थापित होनी चाहिए। इससे उन बच्चों को स्वस्थ रखा जा सकता है, जिनकी मां को दूध नहीं आता है।
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