परेशान शिक्षामित्रों को राहत दे सकती है ये खबर
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यूपी के बेसिक शिक्षा मंत्री रामगोविंद चौधरी ने बुधवार को केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी से मुलाकात कर शिक्षा मित्रों का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि शिक्षा मित्रों को राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) से अनुमति लेकर दो वर्षीय बीटीसी का प्रशिक्षण दिया गया।
इसके आधार पर ही उन्हें सहायक अध्यापक के पद पर समायोजित किया गया। अब एनसीटीई ही इसे गलत बता रहा है। इसलिए उन्हें टीईटी से मुक्ति देने संबंधी आदेश एनसीईटी से जारी कराया जाए। मानव संसाधन विकास मंत्री ने इस पर एनसीटीई के अधिकारियों से बातचीत कर समाधान का आश्वासन दिया है।
बेसिक शिक्षा मंत्री ने इसके बाद शाम को केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री रामशंकर कठेरिया से भी मुलाकात की। कठेरिया यूपी से ही हैं और वह शिक्षामित्रों की स्थिति से पूरी तरह से वाकिफ हैं। बेसिक शिक्षा मंत्री ने उनसे मिलकर शिक्षा मित्रों का पूरा पक्ष रखा और कहा कि वह कैबिनेट मंत्री से मिलकर शिक्षा मित्रों का पक्ष जोरदार तरीके से रखे जिससे एनसीटीई उनके पक्ष में फैसला दे।
शिक्षामित्रों पर अब सीएससी से मांगी गई राय
बेसिक शिक्षा विभाग ने शिक्षा मित्रों के मामले में अब मुख्य स्थाई अधिवक्ता (सीएससी) से राय मांगी है। पहले न्याय विभाग से इस संबंध में राय मांगी गई थी कि उन्हें वेतन दिया या नहीं।
इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट जाने के संबंध में भी राय मांगी गई थी, लेकिन न्याय विभाग से स्थिति साफ न होने की वजह से सीएससी से अब राय मांगी गई है।
•राम गोविंद चौधरी ने स्मृति ईरानी से मुलाकात कर टीईटी से छूट दिलाने का किया अनुरोध
•ईरानी ने एनसीटीई के अधिकारियों से बातचीत कर समाधान का दिया आश्वासन
मुख्य सचिव आलोक रंजन बृहस्पतिवार को एनसीटीई को शिक्षा मित्रों के मामले में पत्र लिखकर टीईटी से छूट देने का अनुरोध कर सकते हैं। बताया तो यह भी जा रहा है कि वह स्वयं भी जा सकते हैं। बेसिक शिक्षा विभाग ने इस संबंध में पूरी तैयार कर ली है।