{"_id":"6761521dcb55836ebe01cfb4","slug":"barabanki-anti-corruption-team-picked-up-the-accountant-and-his-clerk-in-front-of-the-tehsil-2024-12-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाराबंकी: रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़े गए लेखपाल और मुंशी, एंटी करप्शन की टीम ने तहसील के बाहर से उठाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाराबंकी: रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़े गए लेखपाल और मुंशी, एंटी करप्शन की टीम ने तहसील के बाहर से उठाया
Tue, 17 Dec 2024 10:33 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, बाराबंकी
अमर उजाला नेटवर्क, बाराबंकी
Published by: ishwar ashish
Updated Tue, 17 Dec 2024 10:33 PM IST
सार
बाराबंकी शहर कोतवाली क्षेत्र में एंटी करप्शन टीम ने तहसील के सामने से लेखपाल और उसके मुंशी को उठा लिया। घटना से हड़कंप मच गया। आक्रोशित लेखपाल कोतवाली पहुंच गए।
विज्ञापन
आक्रोशित लेखपाल कोतवाली पहुंचे और हंगामा किया।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
शहर में सदर तहसील के बाहर मंगलवार दोपहर अयोध्या की एंटी करप्शन टीम ने एक लेखपाल व उसके मुंशी को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान वीडियो बना रहे एक दूसरे लेखपाल को भी कुछ देर हिरासत में लिया गया। सफदरगंज थाने में एंटी करप्शन के इंस्पेक्टर की तहरीर पर लेखपाल और मुंशी के खिलाफ भ्रष्टाचार का केस दर्ज किया गया है। उन पर एक किसान से जमीन की पैमाइश के नाम पर 20 हजार रुपये की घूस मांगने का आरोप है। इसे लेकर लेखपालों ने शहर कोतवाली में हंगामा करने के बाद तहसील में विरोध प्रदर्शन भी किया।
मंगलवार दोपहर अयोध्या से आई एंटी करप्शन की टीम ने धड़पकड़ को लेकर डीएम सत्येंद्र कुमार को जानकारी दी। इसके बाद लखनऊ अयोध्या मार्ग के किनारे सदर यानी नवाबगंज तहसील के बाहर खसपरिया के लेखपाल दीपक यादव और एक कथित मुंशी शमशेर को घूस लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान कार्रवाई का विरोध करने और वीडियो बनाने के कारण टीम ने दूसरे क्षेत्र के एक लेखपाल सुनील कुमार को भी हिरासत में ले लिया। कुछ ही देर में टीम दीपक की कार समेत तीनों को लेकर चली गई। जैसे ही यह खबर तहसील तक पहुंची तो लेखपालों में हड़कंप मच गया।
तहसील के सभी लेखपाल आनन फानन कोतवाली पहुंचकर हंगामा करने लगे। हालांकि यहां कोतवाल ने इस कार्रवाई से कोई मतलब न होने की बात कही। फिर भी लेखपाल सुनील के भाई ने पुलिस को एक तहरीर दी जिसमें अज्ञात लोगों पर अपहरण का आरोप लगाया गया। उधर, एंटी करप्शन की टीम दोनों लेखपाल व मुंशी को लेकर सफदरगंज थाने पहुंची। लेखपाल दीपक और कथित मुंशी पर आरोप है कि उसने बलवंत नामक किसान से पैमाइश के नाम पर 20000 रुपये की रिश्वत मांगी थी। किसान ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन से की थी। इसी के तहत टीम ने कार्रवाई की है। सफदरगंज के एसएचओ सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि एंटी करप्शन टीम के इंस्पेक्टर की तहरीर पर लेखपाल दीपक यादव व मुंशी शमशेर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। वहीं, हिरासत में लिए गए लेखपाल सुनील को छोड़ दिया गया है।
विज्ञापन
विजिलेंस कर सकती है संपत्ति की जांच
एंटी करप्शन से जुड़े सूत्रों ने बताया कि लेखपाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी के बाद अब विजिलेंस को उनकी संपत्ति की जांच के लिए लिखा जाएगा। आय से अधिक संपत्ति मिलने पर और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
आठ लेखपाल और कानूनगो रडार पर
पिछले कई सालों से बाराबंकी व लखनऊ के बीच जमीन की खरीद फरोख्त से लेकर अन्य कई मामले चर्चा में रहे हैं। पिछले कई दिनों से लेखपालों की कार्यशैली पर नजर रखी जा रही थी। इनके मोबाइल फोन की काल डिटेल और लोकेशन के आधार पर जांच की जा रही है। सदर तहसील के आठ लेखपाल और दो कानूनगो जांच के रडार पर हैं।
विज्ञापन
मंगलवार दोपहर अयोध्या से आई एंटी करप्शन की टीम ने धड़पकड़ को लेकर डीएम सत्येंद्र कुमार को जानकारी दी। इसके बाद लखनऊ अयोध्या मार्ग के किनारे सदर यानी नवाबगंज तहसील के बाहर खसपरिया के लेखपाल दीपक यादव और एक कथित मुंशी शमशेर को घूस लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान कार्रवाई का विरोध करने और वीडियो बनाने के कारण टीम ने दूसरे क्षेत्र के एक लेखपाल सुनील कुमार को भी हिरासत में ले लिया। कुछ ही देर में टीम दीपक की कार समेत तीनों को लेकर चली गई। जैसे ही यह खबर तहसील तक पहुंची तो लेखपालों में हड़कंप मच गया।
विज्ञापन
तहसील के सभी लेखपाल आनन फानन कोतवाली पहुंचकर हंगामा करने लगे। हालांकि यहां कोतवाल ने इस कार्रवाई से कोई मतलब न होने की बात कही। फिर भी लेखपाल सुनील के भाई ने पुलिस को एक तहरीर दी जिसमें अज्ञात लोगों पर अपहरण का आरोप लगाया गया। उधर, एंटी करप्शन की टीम दोनों लेखपाल व मुंशी को लेकर सफदरगंज थाने पहुंची। लेखपाल दीपक और कथित मुंशी पर आरोप है कि उसने बलवंत नामक किसान से पैमाइश के नाम पर 20000 रुपये की रिश्वत मांगी थी। किसान ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन से की थी। इसी के तहत टीम ने कार्रवाई की है। सफदरगंज के एसएचओ सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि एंटी करप्शन टीम के इंस्पेक्टर की तहरीर पर लेखपाल दीपक यादव व मुंशी शमशेर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। वहीं, हिरासत में लिए गए लेखपाल सुनील को छोड़ दिया गया है।
विज्ञापन
विजिलेंस कर सकती है संपत्ति की जांच
एंटी करप्शन से जुड़े सूत्रों ने बताया कि लेखपाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी के बाद अब विजिलेंस को उनकी संपत्ति की जांच के लिए लिखा जाएगा। आय से अधिक संपत्ति मिलने पर और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
आठ लेखपाल और कानूनगो रडार पर
पिछले कई सालों से बाराबंकी व लखनऊ के बीच जमीन की खरीद फरोख्त से लेकर अन्य कई मामले चर्चा में रहे हैं। पिछले कई दिनों से लेखपालों की कार्यशैली पर नजर रखी जा रही थी। इनके मोबाइल फोन की काल डिटेल और लोकेशन के आधार पर जांच की जा रही है। सदर तहसील के आठ लेखपाल और दो कानूनगो जांच के रडार पर हैं।
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन