{"_id":"6a0a2b8076e4d202a50b61fc","slug":"bangladeshi-national-found-residing-with-forged-documents-lucknow-news-c-13-lko1070-1742138-2026-05-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: फर्जी दस्तावेज बनवाकर रहता मिला बांग्लादेशी नागरिक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: फर्जी दस्तावेज बनवाकर रहता मिला बांग्लादेशी नागरिक
Mon, 18 May 2026 02:26 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Mon, 18 May 2026 02:26 AM IST
विज्ञापन
बख्शी का तालाब। बांग्लादेश के सदर नरवैल निवासी अरुप बख्शी फर्जी दस्तावेज बनवाकर बख्शी का तालाब स्थित अस्ती क्राॅसिंग के पास मां दुर्गापुरम कॉलोनी में अवैध रूप से रहता मिला। जांच के बाद पुलिस ने उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
इंस्पेक्टर संजय सिंह ने बताया कि सीतापुर पुलिस से गोपनीय जांच मिली थी। जांच में पता चला कि अरुप बीते 16 वर्षों से भारत में अवैध रूप से रह रहा है। वह वर्ष 2012 में भारत आया और दो वर्ष सीतापुर के महोली के उदराैली निवासी डाॅ. स्वप्न विश्वास के पास रहा। इस दौरान उसने मतदाता पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड बनवाया और बैंक खाता भी खुलवाया। वर्ष 2016 में उसने भारतीय पासपोर्ट भी हासिल कर लिया। वर्ष 2014-15 में वह बख्शी का तालाब आया और अधिवक्ता मृत्युंजय सिंह चौहान के घर पर किरायेदार बनकर रहा। वर्ष 2019 में उसने मामपुर बाना गांव में फर्जी दस्तावेज से जमीन खरीदी। उपनिरीक्षक योगेंद्र की शिकायत पर अरुप के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और विदेशी विषयक अधिनियम 1946 की धारा 14सी के तहत मामला दर्ज हुआ।
कर रहा था लोगों का इलाज
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी झोलाछाप बनकर लोगों का इलाज कर रहा था। आरोपी ने सारे फर्जी दस्तावेज सीतापुर में रहते हुए बनवाए थे। पुलिस अब सीतापुर में उसके निवास के दौरान की गतिविधियों का पता लगा रही है। उसके संपर्क में कौन-कौन लोग हैं और बैंक डिटेल भी खंगाली जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
इंस्पेक्टर संजय सिंह ने बताया कि सीतापुर पुलिस से गोपनीय जांच मिली थी। जांच में पता चला कि अरुप बीते 16 वर्षों से भारत में अवैध रूप से रह रहा है। वह वर्ष 2012 में भारत आया और दो वर्ष सीतापुर के महोली के उदराैली निवासी डाॅ. स्वप्न विश्वास के पास रहा। इस दौरान उसने मतदाता पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड बनवाया और बैंक खाता भी खुलवाया। वर्ष 2016 में उसने भारतीय पासपोर्ट भी हासिल कर लिया। वर्ष 2014-15 में वह बख्शी का तालाब आया और अधिवक्ता मृत्युंजय सिंह चौहान के घर पर किरायेदार बनकर रहा। वर्ष 2019 में उसने मामपुर बाना गांव में फर्जी दस्तावेज से जमीन खरीदी। उपनिरीक्षक योगेंद्र की शिकायत पर अरुप के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और विदेशी विषयक अधिनियम 1946 की धारा 14सी के तहत मामला दर्ज हुआ।
विज्ञापन
कर रहा था लोगों का इलाज
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी झोलाछाप बनकर लोगों का इलाज कर रहा था। आरोपी ने सारे फर्जी दस्तावेज सीतापुर में रहते हुए बनवाए थे। पुलिस अब सीतापुर में उसके निवास के दौरान की गतिविधियों का पता लगा रही है। उसके संपर्क में कौन-कौन लोग हैं और बैंक डिटेल भी खंगाली जा रही है।
विज्ञापन