अगर अखिलेश सरकार ने दी जमीन तो यूपी में केंद्र करेगा बड़ा निवेश
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केंद्र सरकार की कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) के तहत यूपी में 46 डिस्पेंसरी खोलने की योजना है, बशर्ते राज्य सरकार इसके लिए जमीन उपलब्ध करा दे।
यह घोषणा केंद्रीय श्रम एवं रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बंडारू दत्तात्रेय ने राजधानी में ईएसआई अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर के उद्घाटन अवसर पर की। उन्होंने कहा कि इसके लिए 900 करोड़ रुपये के निवेश की तैयारी कर ली गई है।
उन्होंने जल्द ही आंगनबाड़ी, मिड डे मील, आशा वर्कर, ऑटो रिक्शा और रिक्शा चालकों समेत असंगठित क्षेत्र के सभी मजदूरों को ईएसआई अस्पतालों में निशुल्क इलाज के लिए कार्ड देने की घोषणा भी की।
बुधवार को सरोजिनी नगर में ईएसआईसी के 100 करोड़ रुपये से बने अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर के उद्घाटन अवसर पर दत्तात्रेय ने कहा कि लखनऊ में मजदूरों को आसानी से इलाज नहीं मिल पाता। इस वजह से बड़ी संख्या में मजदूर दम तोड़ देते हैं। इसे देखते हुए यहां सुपर स्पेशियलिटी सेवा देने के लिए अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर खोला गया है।
केंद्रीय श्रम एवं रोजगार राज्यमंत्री ने कहा कि आईपी (बीमित व्यक्ति) ही हमारे लिए वीआईपी है। यूपी में ईएसआईसी के तहत 14 लाख बीमित व्यक्ति हैं। लाभार्थियों की कुल संख्या 54 लाख है।
393 जिलों में दी जा रही हैं सुविधाएं
श्रम एवं रोजगार राज्यमंत्री ने कहा कि असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को भी सर्वे के बाद ईएसआईसी के दायरे में लाने की योजना है। फिलहाल देश के 393 जिलों में ईएसआईसी की सुविधाएं दी जा रही हैं।
अंसगठित क्षेत्र के 40 करोड़ लोगों को इस सुविधा के दायरे में लाने की योजना है, जिससे देश की एक तिहाई आबादी को ईएसआई अस्पतालों में मुफ्त इलाज मिल सकेगा। इसमें निर्माण कार्यों में लगे 4.70 करोड़ मजदूर भी शामिल होंगे।
दत्तात्रेय ने कहा कि यूपी में इस समय 120 डिस्पेंसरी हैं। राज्य सरकार अगर जमीन दे दे तो और 46 डिस्पेंसरी खोलने की योजना है। बीमित व्यक्तियों का इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड रखने की व्यवस्था की जा रही है। अस्पतालों में स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सप्ताह के सातों दिन अलग-अलग रंग की चादरें बिछाने का फैसला किया गया है। टीकाकरण के लिए इंद्रधनुष योजना चलाई गई है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने न्यूनतम पेंशन 1000 रुपये कर दी, जिससे 20 लाख मजदूरों को फायदा हुआ।