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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Band-Baja-Barat: The wedding season will begin after the rise of Venus on February 1.

बैंड-बाजा-बरात: आज से बजेगी शहनाई.., एक फरवरी को शुक्र ग्रह के उदय के बाद शुरू हो रही सहालग

Wed, 04 Feb 2026 12:08 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Wed, 04 Feb 2026 12:08 PM IST
सार

आज चार फरवरी से सहालगों का दौर शुरू हो जाएगा। ज्योतिषाचार्य एसएस नागपाल के अनुसार, विवाह के लिए गुरु और शुक्र ग्रह का उदय रहना आवश्यक है। 12 दिसंबर से शुक्र 52 दिन के लिए अस्त चल रहे थे।

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Band-Baja-Barat: The wedding season will begin after the rise of Venus on February 1.
- फोटो : FreePik

विस्तार

52 दिन से अस्त चल रहे शुक्र का उदय एक फरवरी को हो चुका है। अब चार फरवरी से शादी-ब्याह और मांगलिक कार्यों की शुरुआत होने जा रही है। हालांकि कुछ ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि विवाह के लिए शुभ लग्न पांच फरवरी से ही शुरू हो रहे हैं। राजधानी में चार फरवरी को भी कई जगह शादियां हैं।

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ज्योतिषाचार्य एसएस नागपाल के अनुसार, विवाह के लिए गुरु और शुक्र ग्रह का उदय रहना आवश्यक है। 12 दिसंबर से शुक्र 52 दिन के लिए अस्त चल रहे थे। इस कारण मकर संक्रांति के बाद विवाह कार्य स्थगित थे। अब पांच फरवरी से विवाह आदि मांगलिक कार्य शुरू हो जाएंगे। इस दौरान विवाह संस्कार, वर-वधु मिलन और मंगल कार्यों के लिए ग्रह-योग अत्यंत शुभ माने गए हैं।
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ज्योतिषाचार्य पुनीत वार्ष्णेय के अनुसार, विवाह के आयोजन चार फरवरी से शुरू हो जाएंगे। उनके अनुसार, सूर्य के मकर राशि में आगमन व गुरु की उदित स्थिति में शुक्र का उदय एक फरवरी को हो चुका है। उन्होंने बताया कि 12 मार्च के बाद विवाह मुहूर्त सीधे अप्रैल में मिलेंगे।

ज्योतिषाचार्य एसएस नागपाल के अनुसार, कुछ महीने ऐसे भी रहेंगे जब परंपरागत रूप से विवाह नहीं किए जाएंगे। 14 मार्च के बाद एक माह के लिए मीन खरमास लग जाएगा। उस दौरान भी विवाह आदि कार्य नहीं होते हैं। इस वर्ष अधिक ज्येष्ठ मास 17 मई से 15 जून तक रहेगा। अधिक मास में विवाह जैसे मांगलिक कार्य वर्जित होते हैं। प्रत्येक वर्ष चंद्र कैलेंडर 354 दिनों का होता है, जबकि सूर्य कैलेंडर 365 दिनों का होता है। अधिक मास 32 महीने और 16 दिन बाद आता है।

इन दोनों के अंतर को संतुलित करने के लिए पंचांग में एक अतिरिक्त महीना जोड़ा जाता है। इसे ही अधिक मास या पुरुषोत्तम मास या मलमास कहते हैं। 25 जुलाई को देवशयनी एकादशी होगी और चातुर्मास शुरू होगा जिससे विवाह कार्य रुक जाएंगे और 20 नवंबर को देवउठनी एकादशी के बाद विवाह कार्य शुरू होंगे।

इस वर्ष विवाह के लिए मुहूर्त

 
फरवरी 5, 6, 8, 10, 12, 14, 21
मार्च 7, 8, 9, 11,12, 19, 20,
अप्रैल 15, 20, 21, 25, 26, 27, 28, 27, 28, 29
मई 1,3,5,6, 7, 8, 13, 14
जून 21, 22, 23, 24, 25, 26, 27, 29
जुलाई 1, 6, 7, 11, 12
नवंबर 21, 24, 25, 26
दिसंबर 2, 3, 4, 5,6
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