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कोर्ट की खबरें: संपत्ति को लेकर धोखाधड़ी के मामले में मुख्तार अंसारी की आरोप मुक्त करने की अर्जी खारिज
Thu, 28 Jul 2022 09:52 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 28 Jul 2022 09:52 AM IST
सार
शत्रु संपत्ति पर कब्जा कर उसे अपने व अपने बेटे के नाम करने के मामले में आरोप मुक्त करने की याचिका कोर्ट ने खारिज कर दी है। मामले में मुख्तार अंसारी और उसका बेटा आरोपी है।
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मुख्तार अंसारी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हजरतगंज क्षेत्र में जियामऊ स्थित शत्रु संपत्ति पर कब्जा कर उसे धोखाधड़ी से अपने व अपने बेटों के नाम कराने के आरोपों को लेकर माफिया मुख्तार अंसारी के खिलाफ चल रहे मुकदमे में आरोप से मुक्त करने की मांग वाली अर्जी खारिज हो गई है। एमपी/एमएलए कोर्ट के एसीजेएम अम्बरीश कुमार श्रीवास्तव ने अर्जी खारिज करते हुए मुख्तार अंसारी पर आरोप तय करने के लिए दो अगस्त की तारीख तय की है।
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इस अर्जी का विरोध करते हुए सहायक अभियोजन अधिकारी सोनू सिंह राठौर का तर्क था कि मामले की रिपोर्ट लेखपाल सुरजन लाल ने 27 अगस्त 2020 को थाना हजरतगंज में दर्ज कराई थी जिसमें आरोप लगाया गया था कि मुख्तार अंसारी व उनके बेटों द्वारा कूटरचित दस्तावेज तैयार कर सरकारी भूमि पर आपराधिक षड्यंत्र के तहत एलडीए से नक्शा पास कराकर अवैध निर्माण करके कब्जा कर लिया गया। अभियोजन की ओर से कहा गया कि मामले में माफिया मुख्तार अंसारी ने अनुचित दबाव डालकर अपने व अपने बेटों के नाम पर शत्रु संपत्ति को दर्ज करा लिया था।
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पिता-पुत्र को आजीवन कारावास
लखनऊ। पुराने रंजिश के चलते युवक रामआधार की दौड़ाकर लाठी-डंडे से पीटकर और गोली मारकर हत्या करने के आरोपी बाबूलाल व उनके बेटे सुरेश को एडीजे नरेंद्र कुमार ने आजीवन कारावास और प्रत्येक को 25-25 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
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कोर्ट में सरकारी वकील कृष्ण कुमार साहू ने बताया कि घटना की रिपोर्ट मृतक रामआधार के पिता धनीराम ने 12 अक्टूबर 2007 को सरोजनीनगर में दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में कहा गया कि घटना के दिन आरोपी बाबूलाल, उसके बेटा सुरेश व कमलेश और दामाद जवाहर ने रामआधार को पीटकर और गोली मारकर हत्या कर दी। कोर्ट ने आरोपी सुरेश को अवैध कट्टा रखने के आरोप में तीन वर्ष के कठोर कारावास की अलग से सजा सुनाई है। अदालत ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि जुर्माने की धनराशि से आधी धनराशि मृतक के पिता धनीराम को प्रतिकर के रूप में दी जाएगी।
अश्लील फोटो वायरल करने में तीन साल की सजा
महिला मित्र से पहले शारीरिक संबंध बनाए और फिर उसके अश्लील फोटो खींचकर ब्लैकमेल करने, फोटो वायरल करने और बाद में फोटो महिला के मंगेतर को भेजने के आरोपी विशेष गुप्ता को आयुर्वेद घोटाला प्रकरण के विशेष न्यायाधीश डॉ. अवनीश कुमार ने तीन साल के कठोर कारावास और 12 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने कहा है कि जुर्माने की आधी धनराशि पीड़िता को बतौर प्रतिकर के रूप में अदा की जाएगी। कोर्ट में सरकारी वकील पंकज श्रीवास्तव और विकास सिंह का तर्क था कि मामले की रिपोर्ट पीड़िता ने 2 दिसंबर 2011 को थाना हजरतगंज में दर्ज कराई थी।