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इन दो अस्पतालों ने तोड़ी सारी हदें, तुरंत हुए सील

Sat, 01 Nov 2014 02:00 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sat, 01 Nov 2014 02:00 PM IST
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Baba and sanjeevni nursing home sealed.

गोसाईंगंज कस्बे में संचालित हो रहे बाबा नर्सिंग होम को सील कर दिया गया जबकि संजीवनी नर्सिंग होम के संचालक को कागजात दिखाने के लिए एक महीने की मोहलत दी गई है।

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स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जब बाबा नर्सिंग होम में छापा मारा तो वहां के हालात देखकर वो दंग रह गई।

ओटी में तीन प्रसूताओं का प्लेसेंटा पड़ा था तो चौथी गर्भवती के ऑपरेशन की तैयारी चल रही थी जबकि कोई ट्रेंड पैरामेडिकल स्टाफ भी नहीं था। गोसाईंगंज कस्बे में बाबा नर्सिंग होम में मरीजों का इलाज संक्रमित ओटी और अंधेरे वार्ड में हो रहा था।
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स्वास्थ्य विभाग और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की टीम ने शुक्रवार को छापा मारा तो वहां कोई डॉक्टर नहीं था जबकि ओटी में एक गर्भवती महिला शिवकली (28) प्रसव पीड़ा से तड़प रही थी।
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टीम में शामिल सीएचसी के चिकित्सक के अनुसार ओटी की जांच की गई तो ओटी टेबल के नीचे तीन प्लेसेंटा मिले जिससे स्पष्ट हो गया कि इससे पहले तीन महिलाओं के प्रसव हो गए थे।

गंदगी से बहाल था ओटी

Baba and sanjeevni nursing home sealed.

ओटी की गंदगी और बदहाली देखकर अंदाजा लगाया जा सकता था कि मरीजों का इलाज उनकी जान जोखिम में डालकर किया जा रहा था।

इसके बाद टीम ने वार्ड की तरफ रुख किया तो कुल 14 मरीज अंधेरे कमरे में थे। कोई बेड पर तो कोई जमीन पर लेटा हुआ था। दवाइयों के पैकेट अव्यवस्थित ढंग से फेंके हुए थे।

इस्तेमाल सिरिंज और मेडिकल वेस्ट अस्पताल के कोने में पड़े थे। मरीजों से पूछताछ के बाद अस्पताल के डॉ. पंकज त्रिपाठी और डॉ. पूजा को बुलाया गया।

पूछताछ में पता चला कि डॉ. पंकज के पास आयुर्वेद और डॉ. पूजा के पास होम्योपैथ की डिग्री है। दोनों डॉक्टरों के पास अस्पताल के पास पंजीकरण के कागज भी नहीं थे।

मरीजों को सीएचसी और पीएचसी में शिफ्ट करने के बाद सील कर दिया गया। बाबा नर्सिंग होम में गंदगी का जो नजारा था, उसमें मरीजों की जान भी जा सकती थी।

संजीवनी अस्पताल में कुछ ऐसा था नजारा

Baba and sanjeevni nursing home sealed.

संजीवनी अस्पताल में कोई कागज उपलब्‍ध ना होने की वजह से छापेमारी की। मौके पर पहुंची टीम ने पंजीकरण के कागज मंगाए तो वहां तैनात डॉ. रविंद्र कुमार और डॉ. प्रीती शुक्ला कागज नहीं दिखा सके।

मामले की जानकारी संचालक सुभाष वर्मा को मिली तो वो मौके पर पहुंचे पर कागज न दिखाने के चलते टीम ने जमकर फटकार लगाई।

उन्होंने टीम को बताया कि अस्पताल का पंजीकरण डॉ. एसके गुप्ता के नाम है और वो अभी शहर से बाहर हैं। इसके बाद टीम ने एक महीने के भीतर कागजात सीएमओ कार्यालय में जमा करने की चेतावनी दी।

इसके बाद टीम ने स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों से बात की तो उसे भी सील करने का निर्देश जारी कर दिया गया।

सीएचसी प्रभारी डॉ. डीके सिंह ने बताया कि दोनों अस्पताल सील कर दिए गए हैं और शनिवार को एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।

अधिकारी क्यों दे रहे हैं गोल-मोल जवाब

Baba and sanjeevni nursing home sealed.

वहीं अलग-अलग अधिकारी इस मामले को लेकर गोल-मोल जवाब देते नजर आए। सीएमओ डॉ. एसएनएस यादव से देर रात बात की गई तो उन्होंने बताया कि दोनों अस्पताल सील कर दिए गए हैं।

वहीं छापेमारी टीम में शामिल डॉ. जीएस वाजपेई का कहना था कि दोनों अस्पतालों को सील करने का निर्देश दिया गया है। दोनों अस्पताल सील हुए इसकी जानकारी मेरे पास नहीं है।

नर्सिंग होम को सील करने पहुंचे अधिकारियों के गोलमोल जवाब से पूरे मामले की लीपापोती करने की तैयारी की आशंका जताई जा रही है।

सीएमओ और एसीएमओ देर रात तक गोलमोल जवाब देते रहे और जिम्मेदारी से बचने के लिए दोनों अस्पतालों को सील करने की जिम्मेदारी सीएचसी अधिकारियों पर डाल दी।

वहीं सूत्रों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की टीम दबाव में गोलमोल जवाब दे रही है क्योंकि उसके ऊपर कार्रवाई न करने का दवाब बन रहा है या भीतर ही भीतर सेटिंग हो गई है।

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