आजम की ड्रीम यूनीवर्सिटी को एक और 'सरकारी तोहफा'
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प्रदेश सरकार ने रामपुर में अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री आजम खां की ओर से स्थापित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय की 8.277 हेक्टेयर जमीन को लीज रेंट से मुक्त करने का आदेश जारी कर दिया है।
सरकार ने मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट लखनऊ को रामपुर में विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए विभिन्न शर्तों व प्रतिबंधों के तहत 8.277 हेक्टेयर जमीन उपलब्ध कराई थी। पिछले दिनों कैबिनेट ने इन प्रतिबंधों में लीज रेंट देने की शर्त को समाप्त करने का फैसला किया था।
अब प्रमुख सचिव राजस्व किशन सिंह अटोरिया ने रामपुर के ग्राम सीगन खेड़ा परगना व तहसील सदर के दो गाटा के अंतर्गत 8.277 हेक्टेयर जमीन को लीज रेंट से मुक्ति देने संबंधी आदेश जारी कर दिया है।
याचिका दाखिल कर दी चुनौती
आजम खां ने भले ही यूपी के कार्यवाहक राज्यपाल रहे डॉ. अजीज कुरैशी से अपने सपनों की जौहर यूनिवर्सिटी को अल्पसंख्यक दर्जा दिलवा लिया हो, लेकिन इसमें एक पेंच फंस हुआ है।
पिछले दिनों हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय बनाने संबंधी अधिनियम की वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर प्रदेश के महाधिवक्ता विनय चंद्र मिश्र को नोटिस जारी की थी।
साथ ही राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए 4 हफ्ते का वक्त दिया था।
याची ने कहा, असंवैधानिक घोषित करें
याचिका में अधिनियम को असंवैधानिक घोषित करने की मांग की गई थी।
याची संगठन का तर्क था कि राज्य विधानमंडल को किसी धर्म विशेष के लिए कानून बनाने का हक नहीं है और अल्पसंख्यक संस्थाएं खुद अपनी संस्थाएं तो बना सकती हैं लेकिन इनके लिए कोई अधिनियम नहीं बनाया जा सकता है।
हालांकि, कहा यह भी जा रहा है कि सरकार के समर्थन के बावजूद आजम की ड्रीम यूनीवर्सिटी का रास्ता जल्द साफ होता नहीं दिख रहा है।