आजम खां की राह पर सरकार ने बरसाए फूल
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प्रदेश सरकार कैबिनेट मंत्री आजम खां की मुश्किलें आसान करने जा रही है। उसने पहले रामपुर का मौलाना मुहम्मद अली जौहर शोध संस्थान उन्हें दिया और अब इसके उद्देश्यों में परिवर्तन करने की कवायद हो रही है। ऐसा इसलिए क्योंकि आजम यहां पब्लिक स्कूल खोलने वाले हैं।
शोध संस्थान के उद्देश्यों में शोध कार्यों के अलावा शिक्षा को भी जोड़ा जा रहा है। इस तरह के प्रावधान किए जा रहे हैं ताकि यहां प्राथमिक व माध्यमिक शिक्षा दी जा सके।
दरअसल, आजम खां इस शोध संस्थान की जमीन पर रामपुर पब्लिक स्कूल खोलना चाहते हैं। इसलिए उन्होंने सबसे पहले अपने विभाग से सरकारी शोध संस्थान को अपने ट्रस्ट के नाम करवाया। अब इस शोध संस्थान के उद्देश्यों को बदलने की तैयारी है।
यूं तो यह शोध संस्थान इसलिए खोला गया था ताकि सूबे में उर्दू, अरबी व फारसी की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए शोध किया जा सके। अब सरकार ने इसे आजम के ट्रस्ट को दे दिया है। हालांकि, इसका मालिकाना हक खुद अपने पास रखा है।
अभी आजम पर हैं ये बंदिशें
शोध संस्थान देने के लिए सरकार ने आजम के ट्रस्ट के साथ जो एमओयू किया है उसमें साफ है कि संस्थान के जो उद्देश्य हैं उसी के अनुसार उन्हें काम करना होगा।
इसलिए आजम अब इसके उद्देश्यों को बदलवाने में लगे हैं। इसमें हिन्दी-अंग्रेजी सहित अन्य भाषाओं को भी जोड़ा जा रहा है। यह दलील दी जा रही है कि उर्दू, अरबी व फारसी के साथ अन्य भाषाओं की शिक्षा भी बहुत जरूरी है।
इसके अलावा प्राथमिक व माध्यमिक शिक्षा को भी इसमें जोड़ा जाएगा। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने यह प्रस्ताव तैयार कर लिया है। शीघ्र ही इसे कैबिनेट की बैठक में रखा जाएगा। वहां से हरी झंडी मिलने के बाद आजम खां यहां पब्लिक स्कूल खोल देंगे।
अपने ट्रस्ट के लिए मन मुताबिक बनवा रहे प्रस्ताव
अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ मंत्री आजम खां ने अपने ट्रस्ट के लिए सबसे पहले खुद ही अपने विभाग की सरकारी जमीन व भवन लीज पर लिया। इसके बाद अधिकारियों से 100 रुपये सालाना का लीज रेंट तय करवाया।
अफसरों से तैयार करा लिया है प्रस्ताव
आजम ने विभाग से प्रस्ताव बनवाया और उस पर मुख्यमंत्री से अनुमोदन करवा लिया। अब फिर शोध संस्थान के उद्देश्यों को बदलने के लिए अधिकारियों से प्रस्ताव तैयार करवाया गया है।
विभागीय मंत्री होने के नाते खुद हरी झंडी देने के बाद इसे मुख्यमंत्री के पास भेजा। मुख्यमंत्री ने भी अनुमोदन कर दिया है। अब इसे कैबिनेट में रखवाने की तैयारी है। इसे इस तरह तैयार करवाया गया है ताकि उन्हें यहां रामपुर पब्लिक स्कूल खोलने में कोई दिक्कत न आए।
बगैर उद्देश्य बदले आ सकती है दिक्कत
प्रदेश सरकार ने आजम के ट्रस्ट मुहम्मद अली जौहर ट्रस्ट के साथ जो एमओयू किया है उसमें साफ है कि ट्रस्ट को शोध संस्थान के उद्देश्यों का पालन करना है। यदि ट्रस्ट ऐसा नहीं करती है तो एमओयू निरस्त हो जाएगा।
आजम जानते हैं कि यदि अभी उन्होंने यहां पब्लिक स्कूल खोला तो कोई भी न्यायालय की शरण में जाकर मुसीबत खड़ी कर सकता है। इसलिए वह स्कूल खोलने से पहले खुद को कागजों से मजबूत कर लेना चाहते हैं।