मिसेज आजम का नया ड्रामा, पहुंच सकती हैं राज्यसभा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सपा प्रत्याशियों की घोषणा के घंटे भर में ही राज्यसभा का टिकट लौटाने की पेशकश करने वाली डॉ. तजीन फातिमा का संसद में पहुंचना अब लगभग तय माना जा रहा है।
उनकी उम्मीदवारी पर उनके शौहर और नगर विकास एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री आजम खां के तेवर नरम पड़ गए हैं। संभावना है कि तजीन अन्य उम्मीदवारों के साथ नामांकन पत्र दाखिल करेंगी।
पार्टी की तरफ से भी उन्हें मनाने की कोशिशें चल रही हैं।
सपा ने शुक्रवार को राज्यसभा के लिए छह प्रत्याशियों का ऐलान किया था।
इनमें आजम खां की पत्नी डॉ. तजीन फातिमा भी शामिल थीं। प्रत्याशियों की घोषणा के तत्काल बाद डॉ. तजीन ने टिकट देने के लिए मुलायम सिंह यादव को धन्यवाद देते हुए कहा था कि उनका परिवार नेताजी के स्नेह और प्रेम का कायल है।
नेताजी के निर्णय का सम्मान करते हुए उन्होंने इच्छा व्यक्त की थी कि यदि राज्यसभा के लिए कोई हकदार छूट रहा हो तो उसे मौका दिया जाए। उन्हें और उनके परिवार को नेताजी का निर्णय सहर्ष कबूल होगा।
डॉ. तजीन के बयान को लोगों ने आजम का रुख माना। इसके बाद कयास लगाए जाने लगे कि वह राज्यसभा नहीं जाएंगी।
तजीन तो शुक्रिया अदा कर रही थीं
आजम शनिवार को रामपुर से बिजनौर गए थे। उनके नजदीकी लोगों की मानें तो राज्यसभा सीट को लेकर उनके तेवर नरम दिखे।
उन्होंने उपचुनाव जीतने पर आयोजित धन्यवाद सभा में राज्यसभा चुनाव को लेकर कोई जिक्र नहीं किया। उन्होंने अपने बारे में नकारात्मक खबरें दिखाने के लिए मीडिया पर निशाना जरूर साधा।
शुक्रवार को उनके नजदीकी राज्यसभा सदस्य चौधरी मुनव्वर सलीम ने भी इस बात से इन्कार किया था कि डॉ. तजीन ने उम्मीदवारी ठुकरा दी है। उन्होंने तजीन के बयान को नेताजी का शुक्रिया अदा करने का सलीकेदार तरीका बताया था।
नसीर और बर्क भी दावेदार
सपा हल्कों में माना जा रहा है कि डॉ. तजीन राज्यसभा के लिए अन्य उम्मीदवारों के साथ पर्चा दाखिल करेंगी।
फिर भी यदि उनकी उम्मीदवारी पर आजम की तरफ से हरी झंडी नहीं मिली तो उनके नजदीकी नसीर अहमद खां और शफीकुर्रहमान बर्क को प्रत्याशी बनाया जा सकता है।
दोनों नेता क्रमश: रामपुर और संभल से लोकसभा चुनाव हारे थे। चूंकि संभल से जावेद अली खान को राज्यसभा भेजा जा रहा है, इस नाते बर्क की दावेदारी कुछ कमजोर मानी जा रही है।