आजम की धमकी, चुनाव बाद लेंगे हिसाब
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शनिवार को एक प्रेस कांफ्रेंस में यूपी सरकार के कद्दावर नेता आजम खां ने अपने कड़े तेवर दिखाए।
उन्होंने मौलाना कल्बे जव्वाद पर निशाना साधा और कहा कि उन पर वे लोग आरोप लगा रहे हैं, जो खुद गृहमंत्री का स्वागत करते हैं और प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ करते हैं।
आजम ने कहा, शिया वक्फ बोर्ड पर उनका कोई दखल नहीं है। आजम ने आगे कहा कि वे हमेशा से बोर्ड की जमीनें बढ़ाने की सोचते हैं लेकिन उन पर जो शख्स आरोप लगा रहा है कि वह जमीनें दबाने में लगा रहता है।
बताते चलें कि शिया वक्फ बोर्ड चुनाव को लेकर पिछले कुछ दिनों से मौलाना कल्बे जव्वाद और आजम खां में ठन गई है।
बहनोई को चेयरमैन बनवाना चाहते थे धर्म गुरु
नगर विकास और अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री आजम खां ने शिया धर्मगुरु कल्बे जव्वाद का नाम लिए बगैर कहा, ‘धर्मगुरु’ अपने बहनोई को शिया वक्फ बोर्ड का चेयरमैन बनवाना चाहते थे।
वे सितंबर 2013 में इस सिलसिले में मिलने के लिए मेरे आवास पर आए थे। मैंने मदद से इन्कार करते हुए कहा था कि शिया वक्फ बोर्ड का चेयरमैन वो बनेगा जिसे 27 में 14 या उससे ज्यादा सदस्यों का समर्थन मिलेगा।
वे 14 सदस्यों को जिता क्यों नहीं लेते ? उन्होंने कहा कि जो लोग 14 सदस्यों के वोट लेने में नाकाम हैं, वे अनर्गल आरोप लगा रहे हैं।
भाजपा मुस्लिमों की एकता को तोड़ना चाहती है
आजम ने कहा, काला चोगा पहनने वाले धर्मगुरु इस्लाम को बेचने की कोशिश कर रहे हैं। लखनऊ में बवाल कराने वाले लोग भाजपा के एजेंट के तौर पर काम कर रहे हैं।
लोकसभा चुनाव में भाजपा ने साबित कर दिया कि उसे मुसलमानों के वोट की जरूरत नहीं है। अब भाजपा कोशिश कर रही है कि मुस्लिमों की एकता को तोड़ा जाए। इसमें कुछ लोग उनका मोहरा बन रहे हैं।
शिया-सुन्नी वक्फ बोर्ड को एक कराने की कोशिशों के आरोप पर उन्होंने कहा कि यदि वक्फ के औकाफ (परिसंपत्तियां) 15 फीसदी से कम हैं तो उसे बड़े वक्फ में मिलाया जा सकता है।
इस संबंध में केंद्र सरकार का कानून है, लेकिन उनकी सरकार ने इसे यूपी में लागू नहीं किया।
हम नहीं जानते कि जांच क्यों नहीं हुई
सपा सरकार बनने के कुछ समय बाद ही मुख्यमंत्री से वक्फ जायदादों की सीबीआई जांच कराने की मांग की थी, रिमाइंडर भी भेजा। हम नहीं जानते कि जांच क्यों नहीं हुई ?
मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर फिर कहा है कि सरकार की पारदर्शिता साबित करने और ऐसे लोगों की नकाब कुशाई (सच सामने लाने) के लिए सीबीआई जांच जरूरी है जो चोला बदलकर समाज को धोखा दे रहे हैं, रिश्तेदारों द्वारा लूटी गई वक्फ संपत्तियों पर पर्दा डाल रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या कोई अपनी बेईमानी की जांच के लिए चिट्ठी लिखेगा।
चुनाव हो जाने दीजिए, सभी से हिसाब लेंगे
आजम खां ने कहा, वक्फ बोर्ड के चुनाव हो जाने दीजिए, सभी से हिसाब लेंगे। बताएंगे कि कौन वक्फों का मालिक बनना चाहता है, कौन कब्रिस्तान और जमीन बेचना चाहता है और कौन संपत्तियां हड़प रहा है।
शिया धर्मगुरु का पलटवार
आजम खां के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद ने कहा कि कुरान-ए-मजीद में झूठ बोलने पर लानत है।
आजम, कुरान-ए-मजीद पर हाथ रखकर बोलें। हम झूठे होंगे तो अमामा उतार देंगे और वो झूठे हैं तो अपना ओहदा छोड़ दें।
उन्होंने कहा, हम कह रहे हैं वक्फ बर्बाद और तबाह किए जा रहे हैं। इन्हें बचाने की आवाज उठाते हैं तो लाठियां चलाई जाती हैं। क्या ये नाइंसाफी नही है?
आजम के इस्लाम को बेचने के आरोप पर जव्वाद ने कहा कि क्या आजम बताएंगे कि इस्लाम का खरीददार कौन है? क्या वे खुद या मुलायम सिंह भी खरीदार हैं?
भाजपा का एजेंट होने के आरोप पर कहा कि मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए इस तरह की बातें की जाती हैं। वे 25 सालों से लड़ाई लड़ रहे हैं। हर हुकूमत में मैंने लड़ाई लड़ी है।
आजम खां को याद होना चाहिए कि मैंने सबसे बड़ी लड़ाई बसपा और भाजपा की मिली-जुली हुकूमत में लड़ी थी। उस सरकार ने मुझ पर एनएसए तक लगाया था।
जव्वाद ने कहा, आजम आरोप लगा रहे हैं कि मैं अपने बहनोई को वक्फ बोर्ड का चेयरमैन बनवाना चाहता हूं। उन्हें जानकारी होनी चाहिए कि मेरे बहनोई वक्फ बोर्ड के चेयरमैन रहे हैं। उन्होंने अपनी इच्छा से इस्तीफा दिया था। जो आदमी खुद पद छोड़ रहा हो, वो उसकी तमन्ना क्यों रखेगा।