जल निगम भर्ती मामला : गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट पहुंचे आजम खां, 18 मई को होगी सुनवाई
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पूर्व कैबिनेट मंत्री व सपा नेता आजम खां ने अपनी गिरफ्तारी पर रोक लगाने के लिए हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में याचिका दायर की है। उन्होंने जल निगम की भर्तियों में अनियमितताओं में एसआईटी द्वारा दर्ज एफआईआर खारिज करने की प्रार्थना भी की है। इस मामले की सुनवाई अब 18 मई को होगी। सोमवार को आजम और प्रदेश के गृह विभाग ने याचिका पर सुनवाई टालने की अपील की, जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया।
हाईकोर्ट में अपर महाधिवक्ता वीके साही और अपर शासकीय अधिवक्ता शिवनाथ तिलहरी सरकार व गृह विभाग की ओर से पेश हुए। उन्होंने याचिका पर सुनवाई 15 मई को रखने का निवेदन किया ताकि वे अपने पक्ष की ओर से सारे निर्देश प्रस्तुत कर सकें।
वहीं, आजम खां की ओर से सुनवाई टालकर 18 मई को रखने का निवेदन किया गया। जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय व जस्टिस रजनीश कुमार ने इसे स्वीकार कर लिया और 18 मई को अगली सुनवाई तय कर दी। सरकारी वकीलों को सरकार से सारे निर्देश लेकर आने को कहा गया है।
ये है पूरा मामला
बता दें कि सपा सरकार में जल निगम में विभिन्न पदों पर हुईं 1342 भर्तियों में अनियमितताओं को लेकर एसआईटी ने एफआईआर दर्ज की है। इसमें पूर्व नगर विकास मंत्री व जल निगम के चेयरमैन आजम खां, उनके ओएसडी सैयद आफाक अहमद, जल निगम के सचिव श्रीप्रकाश सिंह, एमडी प्रकाश कुमार आसुदानी और चीफ इंजीनियर अनिल कुमार खरे को आरोपी बनाया गया है।
परीक्षा करवाने वाली एजेंसी एपटेक पर भी एफआईआर हुई है। भाजपा सरकार ने इन भर्तियों की जांच पिछले वर्ष जुलाई में शुरू करवाई थी। भर्तियों से चयनित 122 सहायक इंजीनियरों को भाजपा सरकार अगस्त में ही बर्खास्त कर चुकी है।