मोदी की पत्नी पर बोले आजम तो तिलमिलाए भाजपाई!
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भारतीय जनता पार्टी ने सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के बयानों को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश की तो संसदीय कार्य मंत्री आजम खां ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पत्नी का मुद्दा उठाते हुए उनके लिए इंसाफ की आवाज उठा दी। आजम के बयान पर हंगामा करते हुए भाजपा सदस्य वेल में आ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
विधानसभा में भाजपा विधायक दल के नेता सुरेश खन्ना ने कार्यस्थगन प्रस्ताव पेश कर बजट का समय से सदुपयोग न होने का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि बजट खर्च में देरी से योजना की लागत बढ़ जाती है और जनता को लाभ भी नहीं मिल पाता।
23 नवंबर को लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे के शिलान्यास समारोह में मुलायम ने ‘प्रदेश में केवल शिलान्यास हो रहे हैं, उद्घाटन नहीं’ कहकर राज्य सरकार की क्षमता पर प्रश्न चिह्न लगा दिया है।
भाजपा के सतीश महाना ने भी मुलायम के बयानों को आधार बनाकर सरकार को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कमीशनखोरों के नाम तक पूछे और जानना चाहा कि क्या सरकार ने मुलायम की बातों का संज्ञान लिया है?
इस तरह मोदी की पत्नी का नाम लेकर घेरा
संसदीय कार्य मंत्री आजम खां ने जवाब में कहा कि अखबारों में छपी बातों का सदन में संज्ञान नहीं लिया जाता है। नेताजी (मुलायम) का उनके लिए क्या स्थान है, यह वे (भाजपा वाले) नहीं जान सकते जो अपने नेताओं का सम्मान नहीं करते।
प्रदेश में जैसा विकास हो रहा है, जनता जानती है। नेताजी के बारे में कही गई बातें तथ्यों से परे हैं। आजम ने कहा कि मोदी की पत्नी ने ख्वाहिश जाहिर की है कि उन्हें वे सहूलियतें मिलनी चाहिए जो एक पत्नी को शौहर से मिलती हैं और जो प्रधानमंत्री की पत्नी को मिलनी चाहिए।
प्रधानमंत्री की पत्नी सूचना के अधिकार के तहत अपने अधिकार जानना चाहती हैं। अब देखना है देश का बादशाह अपनी मलिका को क्या न्याय देता है। करोड़ों महिलाओं की नजरें इस पर लगी हैं।
भाजपा सदस्यों का वेल में हंगामा
आजम के इस बयान से उत्तेजित भाजपा सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया। इस बीच पीठासीन अधिकारी अनूप संडा ने कार्यस्थगन की सूचना को अस्वीकार कर दिया। इसके बावजूद भाजपा सदस्य वेल में आ गए और ‘कमीशनखोरों की सरकार नहीं चलेगी,’ ‘आतंकवादियों के दम पर ये सरकार नहीं चलेगी’ जैसे नारे लगाने लगे।
अपने बयान पर अड़े रहे आजम कहा, मुद्दे पर चर्चा हो
भाजपा विधायक दल के नेता सुरेश खन्ना ने कहा कि सत्तापक्ष अनर्गल बातों से सदन को बाधित करता है। संसदीय कार्य मंत्री दूसरे सदस्यों को ऐसा करने के लिए प्रेरित करते हैं। इस पर पीठासीन अधिकारी ने कहा कि सूचना को अग्राह्य किया जा चुका है। अब इस पर चर्चा नहीं होगी।
इस पर खन्ना ने व्यवस्था का सवाल उठाते हुए कहा कि सत्तापक्ष की टिप्पणी का जवाब देने का उन्हें अधिकार है। उन्होंने प्रधानमंत्री से जुड़ा मामला उठाया है, जिसका सदन और प्रदेश से कोई मतलब नहीं है।
उन्होंने आजम की टिप्पणी को कार्यवाही से निकालने का आग्रह किया। इस पर आजम ने कहा कि उन्होंने कोई असंसदीय टिप्पणी नहीं की।
प्रधानमंत्री की पत्नी के मुद्दे पर वे चर्चा को तैयार हैं। इस पर महाना ने कहा कि मुलायम के बयानों पर भी चर्चा होनी चाहिए। आजम ने कहा कि वे मुलायम और मोदी दोनों के मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार हैं।
आजम-दाऊद के रिश्तों की जांच हो
वेल में हंगामे के बीच भाजपा के सुरेश राणा और लोकेंद्र सिंह समेत कुछ सदस्यों ने अध्यक्ष के आसन की तरफ बढ़ने की कोशिश की। वे आजम खां के दाऊद और तालिबान से रिश्तों की जांच कराने की मांग करने लगे।
मार्शलों ने उन्हें रोका तो उन्होंने नारेबाजी शुरू कर दी। इस बीच अध्यक्ष ने कहा कि वे पूरी कार्यवाही पढ़ेंगे।
जो अनावश्यक होगा, उसे निकाल दिया जाएगा। इस पर आजम ने कहा कि केवल असंसदीय शब्द ही निकाले जाएं।