{"_id":"61c397a6498d1231ef3ba2dd","slug":"azadi-ka-amrit-mahotsav-celebrated-in-kd-singh-babu-stadium-gw-reporters-news-lko610201747","type":"story","status":"publish","title_hn":"आजादी का अमृत महोत्सव : दिल में जोश, हाथ में तिरंगा, 51000 ने गाया वंदे मातरम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आजादी का अमृत महोत्सव : दिल में जोश, हाथ में तिरंगा, 51000 ने गाया वंदे मातरम
विज्ञापन
लखनऊ। मानव शृंखला बनाकर अखंड भारत के नक्शे के आकार में बैठे स्कूली छात्र-छात्राएं... दिल में देशभक्ति का ज्वार और हाथों में तिरंगा लेकर एक स्वर में गाते वंदेमातरम गीत...। यह नजारा था बुधवार को केडी सिंह बाबू स्टेडियम में आजादी के अमृत महोत्सव के तहत आयोजित कार्यक्रम का, जिसमें करीब 51 हजार लोगों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में एक स्वर में वंदेमातरम का गायन किया। आयोजन को लेकर आयोजकों ने वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का दावा किया है।
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दीप प्रज्ज्वलन के बाद श्रीराम चंद्र कृपालु भजमन पर शंखनाद के साथ नृत्य प्रस्तुति से हुई। इसके ठीक बाद ज्ञानेंद्र दत्त बाजपेई के शिष्यों ने भरतनाट्यम पर भव्य प्रस्तुति देकर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। इस दौरान ईशा व मीशा की कथक नृत्य प्रस्तुति के साथ कलारीपट्टू व खेल प्रदर्शनों ने लोगों को आनंदित किया। स्क्वॉड्रन लीडर राखी अग्रवाल ने जो शरीर का रक्त चढ़ाकर हवन किया करते हैं... पंक्तियों से जोशीला भाषण देकर आजादी के मतवालों को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर क्रीड़ा भारती उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष व विधानपरिषद सदस्य अवनीश सिंह, महापौर संयुक्ता भाटिया, प्रशांत भाटिया, एसआर कॉलेज के पवन सिंह चौहान, सीएमएस के जगदीश गांधी समेत अन्य शिक्षाविद् व आयोजन समिति से जुड़े लोग मौजूद रहे।
ये हुए सम्मानित
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने 95 वर्षीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी डॉ. प्रह्लाद प्रसाद प्रजापति, 1999 के युद्ध में परम वीर चक्र विजेता शहीद कैप्टन मनोज पांडेय के पिता गोपी चंद पांडेय, शहीद सुनील जंग की मां बीना, 1999 युद्ध में शहीद केवलानंद द्विवेदी की पत्नी कमला देवी, वीर चक्र व विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित ब्रिगेडियर नवीन सिंह, 1965 युद्ध के वार हीरो मेजर वीर चक्र से सम्मानित धीरेंद्र नाथ सिंह, 1971 युद्ध के वॉर हीरो वीर चक्र से अलंकृत कर्नल रघुनाथ प्रसाद द्विवेदी, 1999 युद्ध में वीर चक्र से सम्मानित कप्तान शत्रुघ्न सिंह, माउंट एवरेस्ट फतेह करने वाले शौर्य चक्र से सम्मानित कप्तान चंचल सिंह व वायुसेना मेडल से सम्मानित ग्रुप कैप्टन राजीव चौहान को सम्मानित किया।
विज्ञापन
अमृतकाल में श्रेष्ठ भारत का सपना करें साकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह भव्य आयोजन आजादी के अमृत महोत्सव पर आयोजित हुआ है। आजादी केवल मांगने से नहीं मिली थी, इसके लिए लंबा संघर्ष हुआ था। इस संघर्ष को देश की वर्तमान व भावी पीढ़ियों को समझाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आजादी के 75 वर्षों को अमृतकाल के रूप में मान्यता देकर देश के हर एक नागरिक से इसका महत्व समझने का आग्रह किया है। यह देश के महान सपूतों के संकल्प से जुड़ने का आग्रह है। देश के अंदर अलग-अलग समय आजादी का आंदोलन चलता रहा, लेकिन पहला स्वातंत्र्य 1857 में देखने को मिला। इसका केंद्र बिंदु उत्तर प्रदेश बना। मंगल पांडेय से लेकर रानी लक्ष्मीबाई, अवंती बाई, ऊदादेवी, चौरीचौरा, काकोरी, धनसिंह कोतवाल का बलिदान सहित कई घटनाएं इतिहास के पन्नों में दर्ज हैं। अमृतकाल हमारे लिए प्रेरणा है। स्वतंत्र भारत में देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले वीर शहीदों के त्याग, बलिदान व उनके विचारों को आत्मसात करने का संकल्प है। देश में महामारी के दौर से उबर कर देश के नागरिकों के साथ भारत मित्र देशों को भी वैक्सीन, पीपीई किट व सैनिटाइजर मुहैया करा रहा है। अमृतकाल सुरक्षित व श्रेष्ठ भारत की संकल्पना को साकार करने का माध्यम है। सीमाओं की रक्षा के साथ सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण व उन्हें आगे बढ़ाने का काम किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश की जनता को इसके साथ जुड़ना होगा।
स्टेडियम में लहराए 75 हजार राष्ट्रीय ध्वज
क्रीड़ा भारती के अध्यक्ष व विधानपरिषद सदस्य अवनीश सिंह ने बताया कि स्टेडियम में वंदे मातरम गायन के समय 75 हजार राष्ट्रीय ध्वज लहरा रहे थे। 75 स्कूल, 75 प्रोफेशनल कॉलेज व 75 डिग्री कॉलेज के विद्यार्थी इस आयोजन से जुड़े। इस दौरान 75 योग मुद्राओं समेत अन्य खेलों का भी प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में सेंट जोसेफ राजाजीपुरम के बच्चों ने राम स्तुति, सरस्वती शिशु मंदिर के बच्चों ने वंदे मातरम सहित अन्य कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
विज्ञापन
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दीप प्रज्ज्वलन के बाद श्रीराम चंद्र कृपालु भजमन पर शंखनाद के साथ नृत्य प्रस्तुति से हुई। इसके ठीक बाद ज्ञानेंद्र दत्त बाजपेई के शिष्यों ने भरतनाट्यम पर भव्य प्रस्तुति देकर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। इस दौरान ईशा व मीशा की कथक नृत्य प्रस्तुति के साथ कलारीपट्टू व खेल प्रदर्शनों ने लोगों को आनंदित किया। स्क्वॉड्रन लीडर राखी अग्रवाल ने जो शरीर का रक्त चढ़ाकर हवन किया करते हैं... पंक्तियों से जोशीला भाषण देकर आजादी के मतवालों को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर क्रीड़ा भारती उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष व विधानपरिषद सदस्य अवनीश सिंह, महापौर संयुक्ता भाटिया, प्रशांत भाटिया, एसआर कॉलेज के पवन सिंह चौहान, सीएमएस के जगदीश गांधी समेत अन्य शिक्षाविद् व आयोजन समिति से जुड़े लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन
ये हुए सम्मानित
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने 95 वर्षीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी डॉ. प्रह्लाद प्रसाद प्रजापति, 1999 के युद्ध में परम वीर चक्र विजेता शहीद कैप्टन मनोज पांडेय के पिता गोपी चंद पांडेय, शहीद सुनील जंग की मां बीना, 1999 युद्ध में शहीद केवलानंद द्विवेदी की पत्नी कमला देवी, वीर चक्र व विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित ब्रिगेडियर नवीन सिंह, 1965 युद्ध के वार हीरो मेजर वीर चक्र से सम्मानित धीरेंद्र नाथ सिंह, 1971 युद्ध के वॉर हीरो वीर चक्र से अलंकृत कर्नल रघुनाथ प्रसाद द्विवेदी, 1999 युद्ध में वीर चक्र से सम्मानित कप्तान शत्रुघ्न सिंह, माउंट एवरेस्ट फतेह करने वाले शौर्य चक्र से सम्मानित कप्तान चंचल सिंह व वायुसेना मेडल से सम्मानित ग्रुप कैप्टन राजीव चौहान को सम्मानित किया।
विज्ञापन
अमृतकाल में श्रेष्ठ भारत का सपना करें साकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह भव्य आयोजन आजादी के अमृत महोत्सव पर आयोजित हुआ है। आजादी केवल मांगने से नहीं मिली थी, इसके लिए लंबा संघर्ष हुआ था। इस संघर्ष को देश की वर्तमान व भावी पीढ़ियों को समझाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आजादी के 75 वर्षों को अमृतकाल के रूप में मान्यता देकर देश के हर एक नागरिक से इसका महत्व समझने का आग्रह किया है। यह देश के महान सपूतों के संकल्प से जुड़ने का आग्रह है। देश के अंदर अलग-अलग समय आजादी का आंदोलन चलता रहा, लेकिन पहला स्वातंत्र्य 1857 में देखने को मिला। इसका केंद्र बिंदु उत्तर प्रदेश बना। मंगल पांडेय से लेकर रानी लक्ष्मीबाई, अवंती बाई, ऊदादेवी, चौरीचौरा, काकोरी, धनसिंह कोतवाल का बलिदान सहित कई घटनाएं इतिहास के पन्नों में दर्ज हैं। अमृतकाल हमारे लिए प्रेरणा है। स्वतंत्र भारत में देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले वीर शहीदों के त्याग, बलिदान व उनके विचारों को आत्मसात करने का संकल्प है। देश में महामारी के दौर से उबर कर देश के नागरिकों के साथ भारत मित्र देशों को भी वैक्सीन, पीपीई किट व सैनिटाइजर मुहैया करा रहा है। अमृतकाल सुरक्षित व श्रेष्ठ भारत की संकल्पना को साकार करने का माध्यम है। सीमाओं की रक्षा के साथ सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण व उन्हें आगे बढ़ाने का काम किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश की जनता को इसके साथ जुड़ना होगा।
स्टेडियम में लहराए 75 हजार राष्ट्रीय ध्वज
क्रीड़ा भारती के अध्यक्ष व विधानपरिषद सदस्य अवनीश सिंह ने बताया कि स्टेडियम में वंदे मातरम गायन के समय 75 हजार राष्ट्रीय ध्वज लहरा रहे थे। 75 स्कूल, 75 प्रोफेशनल कॉलेज व 75 डिग्री कॉलेज के विद्यार्थी इस आयोजन से जुड़े। इस दौरान 75 योग मुद्राओं समेत अन्य खेलों का भी प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में सेंट जोसेफ राजाजीपुरम के बच्चों ने राम स्तुति, सरस्वती शिशु मंदिर के बच्चों ने वंदे मातरम सहित अन्य कार्यक्रम प्रस्तुत किए।