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अयोध्या: प्राण प्रतिष्ठा से पहले रामजन्मभूमि पथ का प्रवेश द्वार बनकर तैयार, गुलाबी पत्थरों का हुआ है इस्तेमाल
Sun, 17 Dec 2023 07:34 AM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला संवाद, अयोध्या
अमर उजाला संवाद, अयोध्या
Published by: रोहित मिश्र
Updated Sun, 17 Dec 2023 07:34 AM IST
सार
रामजन्मभूमि पथ के दोनों किनारों पर मिर्जापुर के गुलाबी पत्थरों से 12-12 मीटर ऊंचे स्तंभ का निर्माण हुआ है। स्तंभ के बीच की दूरी 30 मीटर है।
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अयोध्या में राम पथ का निर्माण
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राममंदिर जाने का मुख्य मार्ग श्रीरामजन्मभूमि पथ भक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र होगा। दर्शन मार्ग पर कदम रखते ही गुलाबी पत्थरों से बना 12 मीटर ऊंचा प्रवेश द्वार भक्तों को एक नजर में ही आकर्षित करता नजर आता है। इस प्रवेश द्वार का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। इसकी फिनिशिंग का काम चल रहा है।
रामजन्मभूमि पथ के दोनों किनारों पर मिर्जापुर के गुलाबी पत्थरों से 12-12 मीटर ऊंचे स्तंभ का निर्माण हुआ है। स्तंभ के बीच की दूरी 30 मीटर है। स्तंभों पर भव्य नक्काशी की गई है। वहीं, रामजन्मभूमि पथ को सजाने का काम भी अंतिम दौर में पहुंच चुका है। पथ के चारों तरफ हरियाली को विकसित करने के लिए रामायण कालीन पौधे लगाए जाएंगे। यात्रियों के लिए दर्शन मार्ग के ऊपरी हिस्से को लोहे की जाली और प्लास्टिक से कवर किया जा रहा है, जिसे कैनोपी कहते हैं। यह काम भी लगभग पूरा होने को है।
रात में यात्रियों को आने-जाने में कोई परेशानी न हो, इसके लिए धनुषाकार लाइटें लगाई जाएंगी। दर्शन मार्ग के दाहिनी ओर की दीवारों पर भव्य आकृतियां उकेरी जा रही हैं। इन दीवारों पर आकर्षक लाइटिंग भी की जाएगी। रामजन्मभूमि पथ पर बैगेज स्कैनर समेत अन्य सुरक्षा उपकरणों को स्थापित करने का काम भी शुरू कर दिया गया है। यह सुरक्षा उपकरण 30 दिसंबर तक स्थापित कर दिए जाएंगे।
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रामजन्मभूमि पथ के दोनों किनारों पर मिर्जापुर के गुलाबी पत्थरों से 12-12 मीटर ऊंचे स्तंभ का निर्माण हुआ है। स्तंभ के बीच की दूरी 30 मीटर है। स्तंभों पर भव्य नक्काशी की गई है। वहीं, रामजन्मभूमि पथ को सजाने का काम भी अंतिम दौर में पहुंच चुका है। पथ के चारों तरफ हरियाली को विकसित करने के लिए रामायण कालीन पौधे लगाए जाएंगे। यात्रियों के लिए दर्शन मार्ग के ऊपरी हिस्से को लोहे की जाली और प्लास्टिक से कवर किया जा रहा है, जिसे कैनोपी कहते हैं। यह काम भी लगभग पूरा होने को है।
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रात में यात्रियों को आने-जाने में कोई परेशानी न हो, इसके लिए धनुषाकार लाइटें लगाई जाएंगी। दर्शन मार्ग के दाहिनी ओर की दीवारों पर भव्य आकृतियां उकेरी जा रही हैं। इन दीवारों पर आकर्षक लाइटिंग भी की जाएगी। रामजन्मभूमि पथ पर बैगेज स्कैनर समेत अन्य सुरक्षा उपकरणों को स्थापित करने का काम भी शुरू कर दिया गया है। यह सुरक्षा उपकरण 30 दिसंबर तक स्थापित कर दिए जाएंगे।
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