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राम मंदिर चढ़ावे में गबन: 8 करोड़ से अधिक का हेरफेर, चंदा चोरी के ये हैं पांच मुख्य किरदार, शह या साजिश किसकी?

Sun, 14 Jun 2026 10:33 AM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: Sharukh Khan Updated Sun, 14 Jun 2026 10:33 AM IST
सार

राम मंदिर की दान राशि में गबन के मामले में अब तक 2.98 करोड़ रुपये की रिकवरी की जा चुकी है। यह रकम पकड़े गए संदिग्धों की निशानदेही पर बरामद की गई है। गुपचुप ढंग से चल रही जांच में आठ करोड़ रुपये से अधिक के हेरफेर के संकेत व साक्ष्य मिले हैं। हालांकि जांच पूरी होने के बाद यह राशि घट या बढ़ सकती है।

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Ayodhya Ram Mandir donations theft Misappropriation exceeding eight crore rupees five key figures involved
Ayodhya Ram Mandir - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

अयोध्या में राम मंदिर की दान की राशि में हेरफेर कर करोड़ों रुपये के गबन के मामले में अब पांच मुख्य किरदार सामने आए हैं। ये सभी दान राशि की गिनती की ड्यूटी से जुड़े हैं। इनके खिलाफ पुख्ता सुबूत भी मिले हैं। अभी भी वह राज खोल रहे हैं। हालांकि हेरफेर के पीछे किसकी शह थी, क्या कोई बड़ा शख्स इसका साजिशकर्ता है? ये अभी भी राज बना हुआ है।
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  • सूत्रों के मुताबिक लवकुश, अवनीश, अनुकल्प, करुणे और रमाशंकर पकड़े गए हैं। अब तक हुई रिकवरी भी इन्हीं पांचों ने कराई है। चोरी कुबूल भी की है। इससे ये स्पष्ट हो गया है कि इनकी इसमें भूमिका है लेकिन इतने संवेदनशील जगह से रकम पार करते रहने और पकड़ा न जाना कई सवाल खड़े करता है।
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  • जब वह पकड़े गए हैं तब तक करोड़ों की रकम इधर से उधर की जा चुकी है। ऐसे में अंदेशा है कि क्या इसके पीछे किसी बड़े शख्स की साजिश है। वह ट्रस्ट से जुड़ा या फिर किसी अन्य विभाग आदि से है। फिलहाल इसको लेकर कोई स्पष्टता नहीं है। 
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चर्चाएं तमाम, कयास का भी दौर जारी
  • इतने संवेदनशील व बड़े मामले में अब तक ट्रस्ट के किसी बड़े जिम्मेदार ने कोई बयान जारी नहीं किया है। हर कोई खामोश है। इसलिए तमाम तरह की चर्चाओं व कयास का दौर जारी है। ट्रस्ट से जुड़े जुड़े दो ऐसे लोग भी हैं, जिन पर कई सवाल उठ रहे हैं। उनकी कोई भूमिका है या नहीं, ये तभी पता चल सकेगा जब कोई एजेंसी या एसआईटी मामले की विस्तृत जांच करेगी।

 

टिन्नू का जिक्र सबसे अधिक 
  • ट्रस्ट से जुड़े एक पदाधिकारी का टिन्नू करीबी है। वह दशकों से उनसे जुड़ा है। जिन पांच संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है, उसमें शामिल रमाशंकर का टिन्नू रिश्तेदार भी है। सूत्रों के मुताबिक टिन्नू का हस्तक्षेप हर किसी काम में रहता था। इसलिए उस पर सवाल उठ रहे हैं। उसको लेकर ट्रस्ट के एक पूर्व पदाधिकारी ने कैमरे सामने गंभीर आरोप लगाए थे।

पुलिस अधिकारी भी खामोश 
  • पुलिस अधिकारी का कहना है कि मामले में कोई लिखित शिकायत तक नहीं मिली है। लिहाजा पूछताछ आदि का सवाल ही नहीं उठता है। पुलिस के बड़े अधिकारी भी खामोश हैं। हालांकि सूत्रों का कहना है कि पूछताछ से लेकर रिकवरी की प्रक्रिया में पुलिस की एक टीम लगी है।

आठ करोड़ से अधिक का हेरफेर... अब तक 2.98 करोड़ की रिकवरी
राम मंदिर की दान राशि में गबन के मामले में अब तक 2.98 करोड़ रुपये की रिकवरी की जा चुकी है। यह रकम पकड़े गए संदिग्धों की निशानदेही पर बरामद की गई है। गुपचुप ढंग से चल रही जांच में आठ करोड़ रुपये से अधिक के हेरफेर के संकेत व साक्ष्य मिले हैं। हालांकि जांच पूरी होने के बाद यह राशि घट या बढ़ सकती है।



 

मामले के खुलासे के बाद से ट्रस्ट गोपनीय जांच में जुटा है। लेकिन पदाधिकारी लगातार चुप्पी साधे हैं। आधिकारिक तौर पर पुलिस को भी शामिल नहीं किया गया है। लेकिन करोड़ों का गबन की रिकवरी की जद्दोजहद में सभी जुटे हैं।

पकड़े गए संदिग्धों के अलावा और कौन-कौन लोग इसमें शामिल हैं इसका पता लगाया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक अभी तक गबन की राशि सही आंकड़ा सामने नहीं आया है, लेकिन संदिग्धों से पूछताछ में मिली जानकारी व साक्ष्यों के आधार पर आठ करोड़ से अधिक के खेल का अंदेशा है।

संदिग्धों के घर व ठिकानों के साथ बैंक खाते भी खंगाले जा रहे हैं। इनमें अवनीश के खाते से पांच लाख रुपये मिले हैं। यह रकम उसने दान राशि से गायब की थी। जेवरात भी मिले हैं।पुलिस ने शनिवार को रुदौली के मीनापुर ठकुरन फगौली गांव में मंदिर कर्मचारी लवकुश के घर छापा मारा गया। इस दौरान 10-12 लाख रुपये बरामद किए गए।

रामभक्तों पर गोली चलवाने वालों को नहीं है बोलने का अधिकार : पांडेय
सीतापुर में दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे खाद्य एवं रसद विभाग के मंत्री मनोज कुमार पांडेय ने खैराबाद में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि राम मंदिर के चढ़ावा मामले में सवाल उठाने वाले पहले अपना इतिहास देख लें। उन्होंने रामभक्तों व कारसेवकों पर गोली चलवाई थी, उन्हें इस मामले में बोलने का नैतिक अधिकार नहीं है।

राम मंदिर के दान में घपले की जांच करेगी 3 सदस्यीय एसआईटी, 15 दिन में देगी रिपोर्ट
अयोध्या में श्रीराम मंदिर को मिले दान में गबन के तूल पकड़ने के बाद आखिरकार राज्य सरकार ने तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन कर दिया। एसआईटी में लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, लखनऊ जोन की पुलिस महानिरीक्षक किरन एस और विशेष वित्त सचिव नीलरतन शामिल हैं। दल सात दिन में प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सरकार को सौंपेगा और 15 दिन में अंतिम रिपोर्ट देगा।
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