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अयोध्या : अब राम की पैड़ी का आरसीसी व टनकपुर के पत्थर से बनेगा स्लोप

Tue, 09 Feb 2021 10:19 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अयोध्या
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अयोध्या Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Tue, 09 Feb 2021 10:19 PM IST
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Ayodhya: Now Rama's paadi will be built with RCC and Tanakpur stone
राम की पैड़ी का निरीक्षण करते कार्यदाई संस्था सरयू नहर खंड व सिंचाई विभाग के इंजीनियर - फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दौरे से पूर्व राम की पैड़ी में बनाया गया स्लोप पंप शुरू होते ही पानी में बह जाने के मामले में कार्यदाई संस्था सरयू नहर खंड के मुख्य अभियंता ने बुधवार को सफाई दी। कहा कि ईंट पर सीमेंट-सरिया व गिट्टी से बनाया गया स्लोप परीक्षण के दौरान ध्वस्त होने के बाद अब अब राम की पैड़ी का स्लोप आरसीसी व टनकपुर के पत्थर से बनाने का काम शुरू हो गया है। इसे 11 फरवरी तक पूरा कर लिया जाएगा।
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सीएम योगी आदित्यनाथ के दौरे के मद्देनजर बनाए गए स्लोप का पंप चालू करते ही बह जाने के मामले में कार्य की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठे थे। संतों ने इसको लेकर नाराजगी व्यक्त करते हुए सीएम से कार्रवाई की भी मांग की थी। इसके बाद कार्यदाई संस्था सरयू नहर खंड के इंजीनियरों की टीम ने मंगलवार को राम की पैड़ी का निरीक्षण किया। इसके साथ ही विभाग की ओर से इस मामले में स्पष्टीकरण देते हुए सरयू परियोजना प्रथम के मुख्य अभियंता अखिलेश कुमार कहा कि राम की पैड़ी में जो स्लोप पानी में बह गया है उसे ट्रायल के रूप में बनाया गया था।
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राम की पैड़ी की रिमॉडलिंग की परियोजना में मुख्य चैनल के शीर्ष पर पूर्व में निर्मित डिलेवरी टैंक के बियर से वर्टिकल फॉल के रूप में पानी मुख्य चैनल मे गिरता था। जिससे जल के वेग में निरंतरता नहीं रह पाती थी। साथ ही वर्टिकल फॉल का जल पूर्व निर्मित फुट ब्रिज के नीचे गिरता था, जो दिखाई नहीं देता था। इसके लिए मुख्य चैनल में गिरने वाले जल को वर्टिकल फॉल के स्थान पर ग्लेसिस निर्माण का निर्णय लिया गया। जिससे मुख्य चैनल में गिरने वाले जल की निरंतरता बनी रही, और यह दूर से दिखाई दे। इसी अनुसार डिजाइन की गई संरचना के प्रोफाइल को ईंट के उपर सरिया-सीमेंट-बालू व गिट्टी के मिश्रण से निर्मित कर इस पर जल के प्रवाह का अध्ययन करने के लिए 7 फरवरी को सुबह पंप हाउस के पंपों को चलाकर ट्रायल किया गया था। इसमें सारा कार्य ध्वस्त हो गया।  इस ट्रायल में पाई गई कमियों को दूर कर उसे अंतिम रूप से निर्माण करने हेतु नई डिजाइन की गई है। अब ग्लेसिस फॉल के निर्माण के लिए स्लोप बनाकर इसे आरसीसी से कवर कर टनकपुर का पत्थर लगाने के लिए डिजाइन किया गया है। इसका निर्माण प्रगति पर है। 11 फरवरी तक पूर्ण रूप से निर्मित कर लिया जाएगा।
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