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इंडियन मुजाहिदीन के निशाने पर अयोध्या और मथुरा!
लखनऊ/विष्णु मोहन
Updated Sat, 31 Aug 2013 03:04 AM IST
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आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) के निशाने पर इस बार काशी नहीं, बल्कि अयोध्या और मथुरा थे।
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यूपी के इन दो प्रमुख धार्मिक स्थलों पर धमाके करने के लिए नए लोगों को इस्तेमाल किया जाना था।
नए माड्यूल को तैयार करने के लिए यासीन भटकल के अलावा आईएम के कुछ अन्य साथी भी पिछले एक अरसे से कोशिश में थे।
यासीन से पूछताछ में खुफिया एजेंसियां को लगातार अहम जानकारियां मिल रही हैं, जिन्हें गोपनीय रखा जा रहा है।
एक अरसे बाद चंगुल में आए आईएम के शीर्ष कमांडर यसीन भटकल ने पूछताछ में इंडियन मुजाहिदीन के इरादों का खुलासा किया है। उसने बताया है कि आईएम के निशाने पर यूपी के दो धार्मिक स्थल अयोध्या और मथुरा हैं, जहां विस्फोट कराने का मंसूबा था।
इनके अलावा किसी बड़े शहर के रेलवे स्टेशन पर भी धमाके की योजना थी। लेकिन पिछले कुछ दिनों से रेलवे स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरों का नेटवर्क लगाए जाने की जानकारी होने के बाद आईएम ने फिलहाल इस बाबत अपना ध्यान हटा लिया था।
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यासीन ने जो जानकारी दी है उसके लिहाज से इस बार अयोध्या और मथुरा इस लिए टार्गेट पर थे क्योंकि आईएम वाराणसी में पहले विस्फोट करा चुका है। उसने माना कि एक ही धार्मिक स्थल पर बार-बार वारदात करने से पकड़े जाने का अंदेशा भी बना रहता है।
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सूत्रों का कहना है कि पूछताछ में यासीन ने यह भी बताया है कि इसके लिए नए माड्यूल तैयार करने की कोशिश में था। खुफिया एजेंसियों ने यासीन से इस बाबत भी पूछताछ की है कि वह अपने मंसूबों को अंजाम देने के लिए विस्फोटकों का कैसे इंतजाम कर रहा था।
किस तरह के विस्फोटक का प्रयोग करने की योजना थी और वह कैसे और कहां से आते। सूत्रों का कहना है कि यासीन ने अभी इतना ही बताया है कि वह विस्फोटक का इंतजाम कर रहा था लेकिन इसका जवाब नहीं दिया है कि कहां से और किससे हासिल करता।
नए माड्यूल तैयार करने के सिलसिले में यासीन ने यह भी जानकारी दी है कि इस बार आजमगढ़ के लोगों को शामिल नहीं किया जा रहा था। उसने बताया है कि आईएम के कई सदस्य आजमगढ़ के रहे हैं, जिनकी खुफिया एजेंसियों को भी जानकारी है।
वह और उसके साथी यह नहीं चाहते थे कि इस बार ऐसे साथियों का चयन हो, जिनपर खुफिया एजेंसियों को जल्दी शक हो सके। यासीन ने यह भी माना है कि वह पिछले कई महीनों से यूपी और बिहार में नए माड्यूल तैयार करने में जुटा था।
इस काम में उसके कुछ साथी भी लगे थे। सूत्रों के अनुसार यासीन ने हालांकि, अपने ऐसे कुछ साथियों के नाम बताए हैं पर अभी इन्हें गोपनीय रखा जा रहा है।
सूत्रों का कहना है कि यासीन से हासिल हो रही जानकारी पर उत्तर प्रदेश के कुछ पश्चिम व पूर्वी जिलों पर जांच एज़ेंसियां ने अपना ध्यान केंद्रित किया है।
वजह यह है कि यासीन ने जो कुछ नाम बताए हैं उनकी पहले तस्दीक की जानी है और फिर संबंधित लोगों की गतिविधियों पर नजर रखी जानी है। किसी तरह का पुख्ता शक होने के बाद ही उनको हिरासत में लेने या पूछताछ करने की कवायद होगी।