अयोध्या: कोठार में सुरक्षित है रामचरितमानस की स्वर्णयुक्त प्रति, आरोप लगने के बाद ट्रस्ट ने दी सफाई
Ram Mandir dispute: पूर्व आईएएस ने शनिवार को सोशल मीडिया पर एक इंटरव्यू में आशंका जताई थी कि उनके द्वारा दी गई प्रति भी गायब हो गई है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने स्पष्ट किया है कि लगभग दो वर्ष पूर्व सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी लक्ष्मीनारायण की ओर से भेंट की गई सोने से युक्त श्रीरामचरितमानस सुरक्षित है। पूर्व आईएएस ने शनिवार को सोशल मीडिया पर एक इंटरव्यू में आशंका जताई थी कि करीब 5 करोड़ की लागत से निर्मित सोने की रामायण जो उन्होंने राम मंदिर ट्रस्ट को भेंट की थी, वह भी चोरी हो गई है। इसके बाद रविवार को राम मंदिर निर्माण सहायक गोपाल राव ने जानकारी दी कि दानदाता की इच्छा के अनुरूप इसे पहले श्रीरामलला के गर्भगृह के सामने सम्मानपूर्वक रखा गया था।
इसके बाद निर्धारित व्यवस्था के तहत रामचरितमानस को मंदिर के गूढ़ मंडप स्थित आभूषण कोठरी में सुरक्षित रख दिया गया। यह भेंट मंदिर के दान रजिस्टर में उसी समय दर्ज की गई थी। कहा कि श्री लक्ष्मीनारायण जब भी चाहें मंदिर आकर अपनी भेंट को देख सकते हैं। रामचरितमानस पूरी तरह सुरक्षित है और उसके संबंध में किसी प्रकार की आशंका की आवश्यकता नहीं है।
बैठक से पहले बाहर गए महंत दिनेंद्र दास, तीन ट्रस्टी पहुंचे
श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की सोमवार को होने वाली महत्वपूर्ण बैठक से एक दिन पहले अयोध्या में पूरे दिन हलचल बनी रही। मठ-मंदिरों, संतों के आश्रमों, ट्रस्ट से जुड़े लोगों और रामभक्तों के बीच बैठक को लेकर चर्चाओं का दौर चलता रहा। राम मंदिर दान प्रकरण और एसआईटी जांच के बीच होने जा रही इस बैठक पर सभी की निगाहें टिकी हैं। बैठक से ठीक एक दिन पहले ट्रस्ट के ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास अचानक अयोध्या से बाहर चले गए।
महंत दिनेंद्र दास ने बताया कि वे बैठक का हिस्सा बनेंगे, जरूरत पड़ी तो ऑनलाइन बैठक से जुड़ेंगे। वहीं बैठक में भाग लेने के लिए ट्रस्टी युगपुरुष परमानंद और जगद्गुरु वासुदेवानंद सरस्वती अयोध्या पहुंच चुके हैं। ट्रस्ट के सदस्य डॉ. कृष्ण मोहन पहले से ही अयोध्या में मौजूद हैं। वहीं राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के समर्थन में लामबंदी भी तेज हो गई है। रविवार को राम कचहरी मंदिर में संत समाज ने प्रेस वार्ता कर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के समर्थन में खुलकर आवाज उठाई। संतों ने कहा कि एसआईटी की जांच पूरी होने से पहले किसी भी व्यक्ति को दोषी ठहराना न्यायोचित नहीं है।
संत समाज के बाद अयोध्या व्यापार मंडल भी चंपत राय के समर्थन में सामने आ गया। व्यापारियों ने अपील की कि एसआईटी की जांच रिपोर्ट आने तक किसी पर आरोप लगाने से बचना चाहिए और राम मंदिर की प्रतिष्ठा को प्रभावित करने वाली बयानबाजी नहीं होनी चाहिए। उधर, ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंददेव गिरि ने भी अपने सार्वजनिक संदेश में एसआईटी और न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा जताते हुए कहा कि दोषी चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो, उसे बख्शा नहीं जाना चाहिए।