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- 4400 एकड़ होगा सीतापुर रोड की आवासीय योजना का एरिया
- 600 एकड़ में जेल रोड पर आवास बनाएगी परिषद
- 12 गांवों की ली जाएगी जमीन
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आवास विकास परिषद राजधानी में 5000 एकड़ की दो आवासीय योजनाएं लाएगी। सीतापुर रोड और न्यू जेल रोड पर प्रस्तावित इन योजनाओं को बोर्ड बैठक में मंजूरी दे दी गई है।
खास बात है कि दोनों योजनाओं में परिषद फ्लैट, मकान के साथ-साथ प्लॉट भी आवंटित करेगी। सीतापुर रोड पर की योजना 4400 एकड़ और जेल रोड की योजना करीब 600 एकड़ में विकसित की जाएगी।
सीतापुर रोड की योजना के लिए परिषद ने धारा 28 का प्रस्ताव भी तैयार कर लिया है। इस योजना में 12 गांवों की जमीन ली जाएगी। जो गांव इस योजना में आ रहे हैं उनमें अर्जुनपुर, कमलापुर सिराहा, चांदपुर खानीपुर, टिकारी, देवरी, बरगदी कला, बेहड़ करौंदी, बन्नौर, मंडौली, रामपुर बेहड़ा, शिवपुरी व मदारीपुर शमिल हैं।
लखनऊ सीतापुर रोड पर परिषद की यह पहली योजना होगी। इस रोड पर परिषद की अभी कोई योजना नहीं है। जेल रोड पर परिषद की जो योजना आएगी, उसके लिए सर्वे का काम शुरू हो गया है और करीब 600 एकड़ जमीन मिलने की संभावना जताई जा रहे।
आवास आयुक्त रुद्र प्रताप सिंह का कहना है कि करीब 200 एकड़ जमीन तो ग्राम समाज की यहां पर मिल जाएगी। शेष जमीन आपसी समझौते से खरीदी जाएगी। किन-किन गांवों की जमीन योजना के लिए ली जाएगी, यह फिलहाल तय नहीं है।
प्लाट आवंटन करने की भी है योजना
यह योजना मोहनलाल गंज से गोसाईगंज की ओर से जाने वाली जेल रोड पर प्रस्तावित है। जहां पर जमीन मिलने मे दिक्कत होगी, वहीं पर जमीन अधिग्रहित करने की कार्यवाही होगी, लेकिन जमीन का पैसा आपसी सहमति से खरीदी जाने वाली जमीन के बराबर दिया जाएगा। जमीन की दर कमेटी तय करेगी। उसी दर से जमीन मालिकों को भुगतान किया जाएगा।
परिषद की अवध विहार और वृंदावन योजना में अभी आवासीय प्लॉट आवंटित नहीं किए जा रहे हैं, दोनों नई योजनाओं में प्लॉट भी आवंटित किए जाएंगे। फ्लैटों की कम बिक्री और लोगों के रुझान को देखते हुए परिषद प्रशासन ने यह निर्णय लिया है। आवास आयुक्त ने बताया कि लखनऊ सहित कई शहरों में फ्लैटों की डिमांड गिरी है।
कई शहर ऐसे हैं, जहां पर फ्लैट कल्चर विकसित नहीं हो पा रहा है। इसको देखते हुए यह प्रस्ताव पास हुआ है कि योजना की सफल बनाने के लिए प्लॉट भी आवंटित किए जाएंगे। आवास आयुक्त ने कहा कि यदि इन योजनाओं मे फ्लैट के खरीदार नहीं आए तो फिर मकान और प्लॉट ही बनाने पड़ेंगे।