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अवसानेश्वर महादेव मंदिर हादसा: आखिर करंट फैला कैसे... बना जांच का विषय, जांच में सामने आ रही बड़ी लापरवाही

Mon, 28 Jul 2025 02:49 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, हैदरगढ़ (बाराबंकी)
अमर उजाला नेटवर्क, हैदरगढ़ (बाराबंकी) Published by: ishwar ashish Updated Mon, 28 Jul 2025 02:49 PM IST
सार

बाराबंकी के अवसानेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं के भगदड़ और करंट की चपेट में आने से हादसा हो गया। स्थल जांच में बड़ी लापरवाही सामने आई है। हादसे में दो की मौत हो गई जबकि 38 घायल हुए।

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Avasaneshwar Mahadev Temple accident: How did the current spread... it became a matter of investigation
अवसानेश्वर मंदिर में जानकारी लेते डीएम-एसपी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

सावन के तीसरे सोमवार की रात श्री अवसानेश्वर महादेव मंदिर में भगदड़ और करंट की चपेट में आने से दो श्रद्धालुओं की मौत और 38 के घायल होने की घटना के बाद अब यह जांच का विषय बन गया है कि आखिर करंट कहां से फैला।

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 घटना रात करीब 2 बजे हुई। मौके पर पहुंचे जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी और पुलिस अधीक्षक विजय वर्गीय ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और प्रारंभिक जांच की।

डीएम ने बताया कि टिन शेड के ऊपर से गया एक बिजली का तार बंदरों की उछलकूद से टूट गया था, जिससे टिन शेड में करंट उतर आया। हालांकि, घटनास्थल पर मौजूद कुछ दुकानदारों और बिजली विभाग के अभियंताओं का कहना है कि कोई तार टूटा ही नहीं था। इस बीच अमर उजाला द्वारा की गई स्थल जांच में यह तथ्य सामने आया कि टिन शेड में पंखे लगे हैं और उनकी वायरिंग लोहे की पाइपों के किनारे-किनारे की गई है। कई स्थानों पर तारों को केवल टेप से चिपकाकर जोड़ा गया है।
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विशेषज्ञों के अनुसार, टिन शेड और बैरिकेडिंग पूरी तरह से लोहे की बनी है और आपस में जुड़ी हुई है। यदि किसी भी स्थान पर करंट फैलता है तो पूरा ढांचा उसकी चपेट में आ सकता है। इससे यह आशंका बलवती हो रही है कि करंट की आपूर्ति संभवतः इन असुरक्षित वायरिंग से हुई हो। वर्तमान में प्रशासन द्वारा तकनीकी जांच जारी है, ताकि हादसे के वास्तविक कारण का पता लगाया जा सके। घटना के बाद से मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था और बिजली आपूर्ति के तकनीकी पहलुओं को लेकर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं।

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