UP News: अब पीएचसी और उप स्वास्थ्य केंद्रों पर नहीं चलेगी डॉक्टरों की मनमानी, वीडियो कॉल से जांची जाएगी हाजिरी
विभाग को अकसर शिकायत मिलती है कि इन केंद्रों पर डॉक्टर और स्टाफ गायब रहते हैं। ऐसे में विभाग ने हाजिरी जांचने की नई रणनीति अपनाई है। महानिदेशालय की ओर से निर्देश दिया गया है कि सभी पीएचसी और उपकेंद्रों का नए सिरे से डाटा तैयार किया जाए।
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प्रदेश के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) एवं उप स्वास्थ्य केंद्रों का नए सिरे से सत्यापन किया जा रहा है। इसका पूरा विवरण जिले से लेकर महानिदेशालय स्तर तक डिजिटल रहेगाा। महानिदेशालय से भी वीडियो कॉल करके हाजिरी जांची जाएगी। इसके जरिए सभी केंद्रों पर शत-प्रतिशत डॉक्टरों एवं कर्मियों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने की तैयारी है।
प्रदेश में 3780 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 25,723 उप स्वास्थ्य केंद्र हैं। विभाग को अकसर शिकायत मिलती है कि इन केंद्रों पर डॉक्टर और स्टाफ गायब रहते हैं। ऐसे में विभाग ने हाजिरी जांचने की नई रणनीति अपनाई है। महानिदेशालय की ओर से निर्देश दिया गया है कि सभी पीएचसी और उपकेंद्रों का नए सिरे से डाटा तैयार किया जाए।
अस्पताल में कार्यरत डॉक्टर और कर्मचारियों के नाम, पदनाम, मोबाइल नंबर आदि को नए सिरे से अपडेट कर विभागीय पोर्टल पर रखा जाए। इसके जरिए महानिदेशालय से संबंधित केंद्रों पर डॉक्टर और कर्मचारी की हाजिरी जांची जाएगी। संबंधित डॉक्टर के मोबाइल नंबर पर वीडियो कॉल की जाएगी। यह देखा जाएगा कि वह अस्पताल में हैं या नहीं। एक डॉक्टर के जरिए अन्य कर्मचारियों की भी जांच की जाएगी।
इसके अलावा संबंधित अस्पतालों के संसाधनों की रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया गया है। जहां संसाधन कम होंगे, वहां अगले बजट से इन्हें बढ़ाया जाएगा। इसमें मरीजों के उपयोग के उपकरणों के साथ ही अस्पताल आने वाले मरीजों के लिए बैठने, पानी पीने, गर्मी के मद्देनजर पंखे आदि का विवरण मांगा गया है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने बताया कि सभी मुख्य चिकित्साधिकारियों एवं अधीक्षकों को निर्देश दिया गया है कि शत प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करें। जहां भी गड़बड़ी मिलेगी, संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।