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डकैतों का दुस्साहस, मलिहाबाद में 24 घंटे के भीतर ही फिर धावा बोलने की कोशिश
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Wed, 24 Jan 2018 02:52 PM IST
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- फोटो : demo
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मलिहाबाद में डकैतों ने 24 घंटे के भीतर ही एक और वारदात को अंजाम देने की कोशिश की। बुधवार रात कोतवाली से महज 500 मीटर दूर जिब्रान खान के घर डकैतों ने धावा बोलने का प्रयास किया लेकिन जिब्रान ने अपनी लाइसेंसी बंदूक से फायरिंग कर सबकी जान बचाई।
जिब्रान खान के अनुसार देर रात डकैतों ने दरवाजा खुलवाने की कोशिश की। दरवाजा न खोलने पर सभी दरवाजा तोड़ने की कोशिश कर रहे थे कि तभी जिब्रान ने अपनी लाइसेंसी बंदूक से फारिंग कर दी। इस पर बदमाश भाग निकले।
पीड़ित ने बताया कि इस घटना के आधे घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची। अब सवाल ये उठता है कि फायरिंग की आवाज सुनकर पुलिस तत्काल मौके पर क्यों नहीं पहुंची।
ग्रामीणों ने बताया कि पुलिस 24 घंटे में सिर्फ एक बार गश्त कर रही है। सरावां गांव में डकैती में मारे गए श्यामू के भाई विष्णु ने बताया कि कल हुई घटना के बाद सिर्फ एक बार रात दो पुलिस आई, उसके बाद से पुलिस गश्त नहीं कर रही है।
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जिब्रान खान के अनुसार देर रात डकैतों ने दरवाजा खुलवाने की कोशिश की। दरवाजा न खोलने पर सभी दरवाजा तोड़ने की कोशिश कर रहे थे कि तभी जिब्रान ने अपनी लाइसेंसी बंदूक से फारिंग कर दी। इस पर बदमाश भाग निकले।
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पीड़ित ने बताया कि इस घटना के आधे घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची। अब सवाल ये उठता है कि फायरिंग की आवाज सुनकर पुलिस तत्काल मौके पर क्यों नहीं पहुंची।
ग्रामीणों ने बताया कि पुलिस 24 घंटे में सिर्फ एक बार गश्त कर रही है। सरावां गांव में डकैती में मारे गए श्यामू के भाई विष्णु ने बताया कि कल हुई घटना के बाद सिर्फ एक बार रात दो पुलिस आई, उसके बाद से पुलिस गश्त नहीं कर रही है।
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