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एटीएस ने बैंकों से मांगा फर्जी आईडी से खुले ऑनलाइन खातों का ब्योरा
Mon, 18 Jan 2021 09:37 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Mon, 18 Jan 2021 09:37 PM IST
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यूपी एटीएस ने फर्जी आईडी पर सिमकार्ड लेकर ऑनलाइन खाता खुलवाने व लाखों के लेनदेन के बारे में बैंकों से ब्योरा मांगा है। एटीएस की पड़ताल में पता चला है कि फर्जी सिम की मदद से सैकड़ों ऑनलाइन खाते खोले गए और करोड़ों रुपये का लेनदेन हुआ। बैंकों से एटीएस ने यह भी पूछा गया है कि इस तरह के कितने और अकाउंट खोले गए, जिसमें अकाउंट खुलते ही पैसे आए और चंद मिनटों में ही निकाल लिए गए हों।
आईजी एटीएस जीके गोस्वामी ने बताया कि अब तक खातों में पैसे आने के स्रोत का पता नहीं चल सका है। इसकी पड़ताल की जा रही है। बैंकों से इस संबंध में जानकारी मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, दिल्ली से गिरफ्तार विशाल गुप्ता, उमंग त्यागी, हर्ष कौशिक, लोकेश और विशेष शर्मा को लखनऊ में सोमवार को अदालत में पेश किया गया। सभी आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
उधर, सूत्रों का कहना है कि साइबर आर्थिक फ्रॉड के इस मामले का सूत्रधार कोई विदेशी नागरिक है, जो फिलहाल फरार है। दिल्ली से पकड़े गए पांच अभियुक्त महज बिचौलिए हैं, जिन्होंने से यूपी से एक्टिवेटेड सिम खरीद कर विदेशियों को मुहैया कराए थे। वहीं, सूत्रों का यह भी कहना है कि खाड़ी देशों से पैसे यूपी भेजने में भी ऐसे ही खातों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
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आईजी एटीएस जीके गोस्वामी ने बताया कि अब तक खातों में पैसे आने के स्रोत का पता नहीं चल सका है। इसकी पड़ताल की जा रही है। बैंकों से इस संबंध में जानकारी मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, दिल्ली से गिरफ्तार विशाल गुप्ता, उमंग त्यागी, हर्ष कौशिक, लोकेश और विशेष शर्मा को लखनऊ में सोमवार को अदालत में पेश किया गया। सभी आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
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उधर, सूत्रों का कहना है कि साइबर आर्थिक फ्रॉड के इस मामले का सूत्रधार कोई विदेशी नागरिक है, जो फिलहाल फरार है। दिल्ली से पकड़े गए पांच अभियुक्त महज बिचौलिए हैं, जिन्होंने से यूपी से एक्टिवेटेड सिम खरीद कर विदेशियों को मुहैया कराए थे। वहीं, सूत्रों का यह भी कहना है कि खाड़ी देशों से पैसे यूपी भेजने में भी ऐसे ही खातों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
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