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Atiq-Ashraf murder : सुप्रीम कोर्ट तक देना होगा यूपी सरकार को जवाब, पुलिस पर बढ़े सवाल

Sun, 16 Apr 2023 01:50 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sun, 16 Apr 2023 01:50 AM IST
सार

दरअसल, अतीक को देवरिया जेल कांड में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गुजरात की साबरमती जेल भेजा गया था। इस आदेश का इतना प्रभाव था कि पहली बार उमेश पाल अपहरण केस में कुछ दिन पहले पेशी पर प्रयागराज लाए गए अतीक को चार घंटे तक नैनी जेल के बाहर रखने के बाद वापस साबरमती जेल रवाना कर दिया गया था।

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Atiq-Ashraf murder case: UP government will have to answer till the Supreme Court
atiq ahmed killed - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

माफिया अतीक अहमद की हत्या का हिसाब प्रदेश पुलिस को सुप्रीम कोर्ट तक देना पड़ सकता है। दरअसल, अतीक को देवरिया जेल कांड में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गुजरात की साबरमती जेल भेजा गया था। इस आदेश का इतना प्रभाव था कि पहली बार उमेश पाल अपहरण केस में कुछ दिन पहले पेशी पर प्रयागराज लाए गए अतीक को चार घंटे तक नैनी जेल के बाहर रखने के बाद वापस साबरमती जेल रवाना कर दिया गया था।
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हाल में बी वारंट पर प्रयागराज लाने के लिए भी पुलिस ने अदालत को अतीक की पूरी सुरक्षा करने का आश्वासन दिया था। अदालत ने भी अतीक को प्रयागराज लाने के दौरान सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए गए थे। अतीक की वैन में मौजूद पुलिसकर्मी बॉडी वॉर्न कैमरा पहने हुए थे जिसकी लाइव फीड प्रयागराज के पुलिस कंट्रोल रूम को भेजी जा रही थी। सुरक्षा के दृष्टिगत 50 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था।
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गौरतलब है कि उमेश पाल हत्याकांड के बाद अतीक अहमद प्रदेश का सबसे दुर्दांत अपराधी बन गया था। इससे पहले इस फेहरिस्त में पहले मुख्तार अंसारी का नाम दर्ज था जबकि, अतीक पर मुख्तार से ज्यादा मुकदमे दर्ज थे। उमेश पाल और दो सरकारी गनर की हत्या ने अतीक को पहले बेटे असद को खोने का गम दिया। असद के एनकाउंटर के 72 घंटे भी नहीं बीते थे कि शूटरों को पालने का शौक रखने वाले अतीक और उसका भाई अशरफ खुद तीन शूटरों की गोली का शिकार बन गए।
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बताते चलें कि उमेश पाल हत्याकांड से पहले अतीक और उसके कुनबे के खिलाफ कुल 164 मुकदमे दर्ज रहे हैं। बीते छह वर्षों में अतीक और उसके करीबियों की 1153 करोड़ की संपत्तियों को भी जब्त या ध्वस्त किया गया। पुलिस ने अतीक के आर्थिक साम्राज्य पर चोट करने के लिए ठेके-टेंडर से होने वाली 200 करोड़ से अधिक की आमदनी के सारे स्रोत भी बंद करा दिए थे। वहीं ईडी ने भी अतीक पर अपना शिकंजा कसना शुरू कर दिया था। उसने बीते मंगलवार को अतीक के रिश्तेदार, वकील, चार्टर्ड अकाउंटेंट, करीबी कारोबारियों के ठिकानों पर छापे मारकर 150 करोड़ रुपये की मनी लांड्रिंग के सुबूत एकत्र किए थे।
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