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रक्षा बंधन पर भद्रा और ग्रहण का असर, जानें राशियों पर असर और मुहूर्त

Thu, 03 Aug 2017 03:42 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Thu, 03 Aug 2017 03:42 PM IST
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astrological analysis of two eclipse in the month of august
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ये संयोग ही कहेंगे कि 15 दिनों के भीतर चंद्रग्रहण और सूर्यग्रहण के अद्भुत खगोलीय नजारों से दुनिया रूबरू होने जा रही है, लेकिन लखनऊ के लोग सिर्फ चंद्रग्रहण ही देख सकेंगे। सूर्यग्रहण भारत में नजर नहीं आएगा। सावन के अंतिम सोमवार यानी सात अगस्त को जहां दो घंटे तक होने वाला चंद्रग्रहण शिव पूजा और रक्षाबंधन का गणित बिगाड़ रहा है, वहीं सूर्यग्रहण भारत में नजर नहीं आने के कारण इसके कोई शुभ-अशुभ प्रभाव नहीं पड़ेंगे। 

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सूर्यग्रहण 21 अगस्त को सोमवती अमावस्या को दस्तक देगा, जिसकी मान्यता नहीं होगी। वहीं, चंद्रग्रहण के चलते मंदिर दोपहर में बंद हो जाएंगे और रक्षाबंधन दोपहर बाद नहीं मनाया जा सकेगा। 
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लगभग दो घंटों का चंद्रग्रहण, शुभ-अशुभ फलकारक
ज्योतिषिाचार्यों के मुताबिक 7 अगस्त की रात 10:52 बजे से खंडग्रास चंद्रग्रहण होगा, जिसकी अवधि 117 मिनट यानी एक घंटा 57 मिनट रहेगी। 

प्रचलित घड़ी के अनुसार चंद्रग्रहण का स्पर्श 10:52 बजे होगा, मध्य 11:51 बजे और मोक्ष देर रात 12:49 बजे होगा। चंद्रग्रहण भारत के संपूर्ण भू-भाग से दिखाई देगा। इसके अलावा इसे एशिया, अफ्रीका, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, प्रशांत महासागर के पश्चिमी इलाकों में भी देखा जा सकेगा। 
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दुनिया के कई इलाकों से सिर्फ इसकी समाप्ति दिखेगी। आचार्य प्रदीप ने बताया कि चंद्रग्रहण का फल मेष, सिंह, वृश्चिक, मीन राशि वाले जातक के लिए शुभ कारक रहेगा जबकि बाकी राशि के जातक के लिए शुभ नहीं रहेगा। 

चंद्रग्रहण ने बिगाड़ा रक्षाबंधन का गणित

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कुछेक को भारी कष्ट भी हो सकता है। आचार्य के मुताबिक श्रवण नक्षत्र में जन्म लेने वालों के लिए ग्रहण विशेष कष्टप्रद है, अत: उन्हें शांति के विशेष उपाय करने होंगे। सूतक दोपहर 1:52 बजे से शुरू हो जाएगा। 

चंद्रग्रहण सावन के पांचवें सोमवार के पूजन और रक्षाबंधन भद्रा, सूतक के गणित के आड़े आ रहा है। ज्योतिषियों के मुताबिक भद्रा के चलते सुबह 10:30 बजे तक रक्षाबंधन की राखी नहीं बांधी जा सकेगी, जबकि सूतक लगने के चलते दोपहर 1:52 बजे के बाद रक्षाबंधन नहीं हो सकेगा। 

वहीं, चंद्रग्रहण की वजह से कोनेश्वर, मनकामेश्वर मंदिरों समेत सभी शिवालयों में दोपहर दो बजे से पहले पूजन थमेगा और मंदिरों के कपाट बंद हो जाएंगे, जो देर रात तक मंदिर शुद्धि होने तक बंद रहेंगे। 

5 घंटे से ज्यादा रहेगा सूर्यग्रहण
21 अगस्त को भाद्रपद कृष्ण अमावस्या सोमवार को सूर्य ग्रहण होगा, लेकिन भारत में दिखाई नहीं देने वजह से इसकी मान्यता नहीं होगी। आचार्य प्रदीप ने बताया कि ग्रहण पूर्वोत्तर प्रशांत महासागर, उत्तरी अमेरिका, मध्य अमेरिका, दक्षिणी अमेरिका के उत्तरी भाग, पश्चिमी अफ्रीका, यूरोप के सुदूरवर्ती इलाकों हवाई द्वीप में देखा जा सकेगा।

सोमवती अमावस्या पर यूं करें पूजा

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भारतीय समयानुसार सूर्यग्रहण रात 9:21 बजे से देर रात 2:34 बजे तक रहेगा। उन्होंने कहा कि इसी दिन सोमवती अमावस्या का संयोग भी रहेगा। दोनों ग्रहण में अगर किसी से कोई पाप कर्म हो जाए तो सुधार के लिए सोमवती अमावस्या का पूजन करना चाहिए।

भाद्रपद कृष्ण पक्ष अमावस्या सोमवार को होने के चलते सोमवती अमावस्या पर महिलाएं परिवार की मंगलकामना और पति की दीर्घायु के लिए सोमवती अमावस्या का पूजन करेंगी। इस दिन महिलाएं सुबह स्नान के बाद पीपल के वृक्ष का पूजन कर पति, परिवार और पुत्रों के लिए मंगलकामना करेंगी। 

पीपल की 108 बार परिक्रमा कर पीठा लगाएंगी और पकवान चढ़ाकर मंगलकामना करेंगी। इस दिन घरों में महिलाएं सरसों के तेल का प्रयोग नहीं करेंगी। अमावस्या पर बीकेटी के चंद्रिका देवी मंदिर में भारी संख्या में श्रद्धालु जुटने की उम्मीद है। 
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