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पावर कॉर्पोरेशन के सहायक अभियंता का फर्जीवाड़ा, कार्रवाई से बचने के लिए खुद को घोषित कर दिया स्वर्गवासी
Wed, 23 Sep 2020 02:10 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Wed, 23 Sep 2020 02:10 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
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उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड के तत्कालीन सहायक अभियंता राज कुमार बालूजा ने विभागीय मामले में कार्रवाई से बचने के लिए खुद को स्वर्गवासी घोषित कर दिया। जांच हुई तो उनकी पोल खुली। शक्ति भवन के भूतल पर स्थित विद्युत एवं यांत्रिक इकाई की पेंशन प्रकोष्ठ के लेखाकार राजेंद्र प्रसाद की ओर से उनके खिलाफ हजरतगंज कोतवाली में धोखाधड़ी की धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई गई है। पुलिस मामले की पड़ताल कर रही है।
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पुलिस के मुताबिक राज कुमार बालूजा इंदिरानगर में रहते हैं और 13 मई 1992 में सेवानिवृत्त हो गए थे। इससे पूर्व उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के एक मामले में जांच चल रही थी। इससे खुद को बचाने के लिए उन्होंने हाईकोर्ट में अपनी मृत्यु के संबंध में फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत कर खुद को मृत घोषित साबित कर दिया।
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इसके बाद कॉर्पोरेशन की ओर से अनुशासनात्मक कार्रवाई के प्रकरण को समाप्त करते हुए राज कुमार बालूजा की मृत्यु की जांच के लिए दो सदस्यीय समिति गठित कर दी। पुलिस के अनुसार समिति की जांच में चौंकाने वाली जानकारियां सामने आईं। खुलासा हुआ कि राज कुमार बालूजा जीवित हैं और उन्होंने विभागीय कार्रवाई से बचने के लिए फर्जी दस्तावेज बनवाकर खुद को मृत घोषित कराया था।
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कमेटी ने 19 अप्रैल 2018 को अपनी जांच आख्या प्रस्तुत की, जिस पर अधिकारियों ने कार्रवाई के निर्देश दिए। कॉर्पोरेशन के उपसचिव उमेश जैन ने बीती 16 जून को एफआईआर के आदेश दिए। इसके बाद लेखाकार राजेंद्र प्रसाद ने हजरतगंज कोतवाली में मामला दर्ज कराया।