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लखीमपुर खीरी कांड: आशीष मिश्र को रिहाई के लिए करना होगा इंतजार, जमानत मंजूर होने के बाद तकनीकी पेच फंसा
Fri, 11 Feb 2022 12:31 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Fri, 11 Feb 2022 12:31 PM IST
सार
लखीमपुर खीरी कांड के आरोपी आशीष मिश्र को जमानत मिल जाने के बावजूद रिहाई के लिए इंतजार करना होगा। मामले में वकीलों को कोर्ट में अर्जी देनी पड़ेगी।
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- फोटो : Agency (File Photo)
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विस्तार
लखीमपुर हिंसा मामले में आरोपी आशीष मिश्र को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने बृहस्पतिवार को जमानत दे दी, लेकिन तकनीकी कारणों से रिहाई नहीं हो सकेगी। तकनीकी कारणों को संशोधित करने के लिए आशीष मिश्र के वकील कोर्ट में अर्जी देंगे जिसके बाद ही उसकी रिहाई हो सकेगी।
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आशीष मिश्रा जमानत मामले में आज हाईकोर्ट में संशोधन प्रार्थना पत्र डाला गया है कि जमानत आदेश में भूलवश 302 और 120 बी की धारा का उल्लेख नहीं है। हालांकि, जमानत प्रार्थना पत्र में था। इसलिए आशीष मिश्र के जमानत आदेश संशोधित कर संबंधित धाराएं भी जोड़ दी जाएं। इस अर्जी पर जस्टिस राजीव सिंह की अदालत सोमवार को सुनवाई करेगी। हालांकि, औपचारिक संशोधन है और जमानत तय है, लेकिन जिला अदालत में आदेश आने और अन्य औपचारिकताएं पूरी होने के नाते मंगलवार से पहले आशीष मिश्र जेल से बाहर नहीं आ सकेगा।
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लखीमपुर खीरी कांड में चार किसानों समेत आठ लोग मारे गए थे। आशीष केंद्र सरकार में मंत्री अजय मिश्र टेनी के बेटे हैं। आशीष को जमानत ठीक उस दिन मिली है, जब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जाटलैंड में वोट डाले जा रहे थे।
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लखनऊ बेंच ने अजय मिश्र की याचिका पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये हुई सुनवाई के बाद 18 जनवरी को अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था। जस्टिस राजीव सिंह ने इस मामले में गुरुवार को उन्हें जमानत दी। अजय के वकील ने कोर्ट में दलील दी थी कि उनका मुवक्किल निर्दोष है और किसानों पर गाड़ी चढ़ाने के मामले में उनके खिलाफ कोई सुबूत नहीं है।
जमानत याचिका का विरोध करते हुए अतिरिक्त महाधिवक्ता वीके साही ने कहा था कि घटना के वक्त आशीष उसी गाड़ी में मौजूद थे, जिससे किसानों को रौंदा गया था। पिछले साल तीन अक्तूबर को लखीमपुर खीरी में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के दौरे का विरोध कर रहे किसानों पर तेज रफ्तार एक गाड़ी चढ़ा दी गई थी। इसमें और इसके बाद भड़की हिंसा में आठ लोग मारे गए थे। इस मामले में आशीष मिश्र भी आरोपी हैं।