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Lucknow News: दस्तक अभियान के तहत 4 करोड़ घरों में जागरूकता फैलाएंगी आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता
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कार्यक्रम में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक।
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश को मच्छरजनित बीमारियों से मुक्त करने के लिए प्रदेश सरकार ने बुधवार को विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान का शंखनाद किया। बलरामपुर अस्पताल में आयोजित कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने जागरूकता रैली, प्रचार वाहनों और फॉगिंग मशीनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि 13 विभागों के आपसी समन्वय से डेंगू, मलेरिया और दिमागी बुखार जैसी बीमारियों पर निर्णायक प्रहार किया जाएगा।
डिप्टी सीएम ने बताया कि 10 से 30 अप्रैल तक चलने वाले दस्तक अभियान की मुख्य धुरी आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं। ये प्रदेश के चार करोड़ से अधिक घरों में जाकर लोगों को स्वच्छता, शुद्ध पेयजल और रोगों से बचाव के प्रति जागरूक करेंगे। साथ ही गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य और मच्छर निरोधी गतिविधियों पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। कार्यक्रम में राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह, अपर मुख्य सचिव (चिकित्सा स्वास्थ्य, परिवार कल्याण एवं चिकित्सा शिक्षा) अमित कुमार घोष, स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. पवन कुमार अरुण, बलरामपुर चिकित्सालय की निदेशक डॉ. कविता आर्य, अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ. जीपी गुप्ता समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
जेई के मामले शून्य की ओर
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार का दावा करते हुए उपमुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2017 में दिमागी बुखार के 4,724 मामले थे, जो 2025 में घटकर मात्र 694 रह गए हैं। इसी तरह जेई के मामले 693 से घटकर केवल 63 रह गए हैं। वर्तमान में प्रदेश के सभी 75 जिलों में 89 प्रयोगशालाएं जांच के लिए सक्रिय हैं।
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जनता से अपील
ब्रजेश पाठक ने जनता से इस अभियान को जनआंदोलन बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि घरों के आसपास जलजमाव न होने दें और कूलर, टायर व गमलों की नियमित सफाई रखें।
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डिप्टी सीएम ने बताया कि 10 से 30 अप्रैल तक चलने वाले दस्तक अभियान की मुख्य धुरी आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं। ये प्रदेश के चार करोड़ से अधिक घरों में जाकर लोगों को स्वच्छता, शुद्ध पेयजल और रोगों से बचाव के प्रति जागरूक करेंगे। साथ ही गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य और मच्छर निरोधी गतिविधियों पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। कार्यक्रम में राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह, अपर मुख्य सचिव (चिकित्सा स्वास्थ्य, परिवार कल्याण एवं चिकित्सा शिक्षा) अमित कुमार घोष, स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. पवन कुमार अरुण, बलरामपुर चिकित्सालय की निदेशक डॉ. कविता आर्य, अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ. जीपी गुप्ता समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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जेई के मामले शून्य की ओर
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार का दावा करते हुए उपमुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2017 में दिमागी बुखार के 4,724 मामले थे, जो 2025 में घटकर मात्र 694 रह गए हैं। इसी तरह जेई के मामले 693 से घटकर केवल 63 रह गए हैं। वर्तमान में प्रदेश के सभी 75 जिलों में 89 प्रयोगशालाएं जांच के लिए सक्रिय हैं।
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जनता से अपील
ब्रजेश पाठक ने जनता से इस अभियान को जनआंदोलन बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि घरों के आसपास जलजमाव न होने दें और कूलर, टायर व गमलों की नियमित सफाई रखें।

कार्यक्रम में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक।

कार्यक्रम में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक।

कार्यक्रम में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक।

कार्यक्रम में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक।

कार्यक्रम में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक।