उच्च शिक्षा में शामिल होंगे क्षेत्रीय कला व संस्कृति के पाठ्यक्रम, विश्वविद्यालयों-महाविद्यालयों में गठित होंगे 10 प्रकोष्ठ
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उत्तर प्रदेश के विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में क्षेत्रीय कला व संस्कृति को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा। विद्यार्थियों को व्यावसायिक व कौशल शिक्षा के पाठ्यक्रमों का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। व्यावसायिक शिक्षा के लिए क्षेत्रीय उद्योगों व संस्थाओं के साथ एमओयू किए जाएंगे।
इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत प्रदेश के विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में 10 नए प्रकोष्ठ गठित किए जाएंगे। इनमें अंतरराष्ट्रीय छात्र सहायता प्रकोष्ठ, अनुसंधान एवं विकास, भारतीय भाषा, संस्कृति एवं कला, दिव्यांग सहायता एवं वंचित समूह, मनोवैज्ञानिक परामर्श, एक्टिविटी क्लब, संस्थागत विकास योजना, शिक्षण प्रशिक्षण, उद्योग-अकादमिक एकीकरण एवं कौशल विकास और ऑनलाइन शिक्षा प्रकोष्ठ शामिल हैं। इसके गठन की कार्यवाही शुरू हो गई है। शैक्षिक सत्र 2021-22 से इसे लागू किया जाएगा।
वीजा दिलाने में भी सहयोग
भारतीय भाषा एवं कला प्रकोष्ठ विभिन्न स्तरों पर होने वाले संस्कृति व कला महोत्सव में विद्यार्थियों को शामिल कराया जाएगा। उन्हें भारतीय भाषाओं का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय छात्र सहायता प्रकोष्ठ उच्च शिक्षा के लिए विद्यार्थियों को विदेशों में अध्ययन के लिए वीजा दिलाने में मदद करेगा। जबकि शोध को बढ़ावा देने के लिए अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ का गठन होगा। प्रकोष्ठ शोध के लिए उद्योगों व अन्य शिक्षण संस्थाओं के साथ अनुबंध करेगा और कार्यशाला आयोजित करेगा।
वार्षिक योजनाएं भी
संस्थागत विकास योजना प्रकोष्ठ संस्था के लघु व दीर्घकालीन उद्देश्यों के लिए वार्षिक, पंचवर्षीय और 15 वर्षीय योजना बनाएगा। वहीं, शिक्षण प्रशिक्षण प्रकोष्ठ अपने काम के लिए वार्षिक कैलेंडर तैयार करेगा। ऑनलाइन शिक्षा प्रकोष्ठ के जरिये विभिन्न ऑनलाइन पाठ्यक्रमों की जानकारी दी जाएगी। पुस्तकालयों में प्री-लोडेड टैबलेट उपलब्ध कराए जाएंगे।