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Lucknow News: 50 हजार का इनामी असलहा तस्कर गिरफ्तार

Sun, 02 Feb 2025 01:56 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 02 Feb 2025 01:56 AM IST
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Arms smuggler with a reward of Rs 50 thousand arrested
लखनऊ। अवैध असलहों के तस्कर किन सिंह को एसटीएफ ने मध्य प्रदेश से गिरफ्तार किया है। आरोपी पर 50 हजार का इनाम घोषित था। किन सिंह सेमी ऑटोमैटिक व ऑटोमैटिक अवैध शस्त्र बनाकर कई राज्यों में सप्लाई करता था। आरोपी किन सिंह उर्फ किम सिंह मध्य प्रदेश के ग्राम सिगनूर, थाना गोगांवा, जनपद खरगोन का रहने वाला है।
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एसटीएफ में डीएसपी प्रमेश शुक्ला के मुताबिक 24 जुलाई 2024 को आठ अवैध पिस्टल और 16 मैगजीन के साथ दो असलहा तस्करों को पारा से गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में आरोपियों ने बताया था कि किन सिंह अवैध शस्त्रों का मैन्यूफैक्चरर व सप्लायर है। किन देश के कई राज्यों में शस्त्र और मैगजीन सप्लाई करता है। किन से अवैध शस्त्र लाकर वे लोग यूपी के अलग-अलग जिलों में बेचते है। आरोपी का नाम सामने आने के बाद संयुक्त पुलिस आयुक्त की ओर से उसपर 50 हजार का इनाम घोषित किया गया था।
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एसटीएफ को सूचना मिली कि किन सिंह खारगोन के विजय लक्ष्मी अस्पताल के बाहर किसी से मिलने आने वाला है। एसटीएफ ने स्थानीय पुलिस के साथ दबिश देकर आरोपी को दबोच लिया। किन ने पूछताछ में बताया कि वह विगत कई सालों से अवैध शस्त्रों का निर्माण कर मध्य प्रदेश, यूपी, दिल्ली, राजस्थान व महाराष्ट्र सहित अन्य राज्याें में सप्लाई करता है। शस्त्रों के निर्माण के लिए कई कारीगर रखे हैं, जो यही काम करते हैं।
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सिगनूर के जंगल में बनाते हैं अवैध असलहे

आरोपी ने बताया कि ज्यादातर शस्त्रों का निर्माण सिगनूर के जंगलों में होता है। आरोपी समय समय पर ठिकाने बदलते रहते हैं। शस्त्रों के निर्माण के लिए कच्चा माल स्टील प्लेट, राॅड व स्क्रू स्थानीय बाजार में मिल जाता है। पिस्टलों की बैरल के लिए अच्छे ब्रांड की 16 एमएम की सरिया का इस्तेमाल करते हैं। इसे खराद मशीन से ड्रिल कर बैरल के रूप में बदलते हैं। एक पिस्टल तैयार करने में कारीगर को दो से तीन दिन लगते हैं। इसमें करीब तीन हजार की लागत आती है।

मोटी कीमत पर बेचते थे

पूछताछ में किन ने बताया कि सेमी ऑटो मैटिक पिस्टल 10-15 हजार व ऑटो मैटिक पिस्टल 50-60 हजार में बेच देते थे। विभिन्न प्रांतों से खरीदार स्वयं ही उसके पास आते हैं। करीब छह माह पहले स्पेशल सेल दिल्ली की टीम ने भी उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था। सिगनूर के आस-पास जंगली इलाका होने के कारण पुलिस की गिरफ्त में असलहा तस्कर नहीं आते हैं। असलहों को खरीदने व बेचने वाले अपना वास्तविक नाम नहीं बताते हैं। इसके कारण वे पकड़े नहीं जाते। एसटीएफ ने आरोपी को पारा थाने में दाखिल किया है।
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