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कुंडा सीओ हत्याकांड: कोर्ट के आदेश को दी चुनौती

Tue, 06 Oct 2015 02:31 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Tue, 06 Oct 2015 02:31 AM IST
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Appeal against Hoghcourt order.

कुंडा में सुरेश यादव हत्याकांड में सीबीआई के विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा आरोपी के तौर पर तलब करने के आदेश को तत्कालीन थानाध्यक्ष हथिगवां मनोज कुमार शुक्ला, प्रभारी निरीक्षक कुंडा सर्वेश कुमार मिश्रा व सीओ जियाउल हक के गनर इमरान सिद्दीकी और जीवेन्द्र पाल की ओर से चुनौती दी गई है।

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जीवेन्द्र, मनोज शुक्ला व अन्य की ओर से जिला न्यायाधीश की कोर्ट में दो अलग-अलग निगरानी याचिका दाखिल की गई है।

जिला न्यायाधीश अनिल कुमार श्रीवास्तव ने मनोज शुक्ला, सर्वेश मिश्रा व इमरान सिद्दीकी की ओर से निचली अदालत के आदेश को चुनौती देने वाली निगरानी याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार करते हुए एससी/एसटी के विशेष न्यायाधीश की कोर्ट में स्थानांतरित कर दिया है। वहीं जीवेन्द्र पाल की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के लिए छह अक्तूबर की तारीख तय की है।
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मनोज शुक्ला व अन्य की ओर से जिला न्यायाधीश की कोर्ट में याचिका दायर करके बताया गया कि मनोज कुमार शुक्ला, सर्वेश कुमार मिश्रा तथा इमरान पुलिसकर्मी हैं। उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला चलाने से पहले शासन से अभियोजन की स्वीकृति लेनी जरूरी है।

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फाइनल रिपोर्ट पर की आपत्ति

Appeal against Hoghcourt order.

सीबीआई के विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश को चुनौती देते हुए कहा गया कि सीबीआई ने सुरेश यादव हत्याकांड की विवेचना के बाद मामले में फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। पर, वादी पवन यादव ने फाइनल रिपोर्ट पर आपत्ति की।

इस पर सुनवाई के बाद निचली अदालत ने फाइनल रिपोर्ट खारिज करते हुए मामले का संज्ञान लिया और उन्हें आरोपी बनाकर तलब किया। यह विधि के खिलाफ है।

आरोपी बनाकर तलब किए गए जीवेन्द पाल ने भी निचली अदालत के आदेश को चुनौती देते हुए निगरानी याचिका दाखिल करके बताया कि उसे इस मामले में गलत तलब कर लिया गया है। निचली अदालत ने गैरकानूनी तरीके से उसे तलब किया है। लिहाजा निचली अदालत का आदेश खारिज होना चाहिए।

गौरतलब है, वलीपुर के प्रधान की हत्या के बाद उनका शव गांव ले जाया गया था जहां बवाल की आशंका के चलते पुलिस भी गई थी। वहां सुरेश यादव की हत्या के बाद सीओ जियाउल हक की भी हत्या हो गई थी। सुरेश की हत्या को लेकर पवन यादव ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसकी विवेचना सीबीआई ने की और सुरेश की मौत को हादसा बताते हुए फाइनल रिपोर्ट लगा दी।

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