फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Another way has been opened for electricity to become expensive: New decree of the central government, run imported coal based power plants at full capacity

बिजली महंगी होने का एक और रास्ता खुला : केंद्र सरकार का नया फरमान, आयातित कोयला आधारित बिजलीघरों को पूरी क्षमता से चलाएं

Sat, 07 May 2022 12:41 AM IST
पंकज श्रीवास्‍तव अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Sat, 07 May 2022 12:41 AM IST
सार

ऊर्जा मंत्रालय की ओर से सभी विदेशी कोयला आधारित 17,600 मेगावाट क्षमता के 13 बिजलीघरों को विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 11 के तहत अपनी इकाइयों को पूरी क्षमता पर पर चलाने का निर्देश जारी किया गया है।

विज्ञापन
Another way has been opened for electricity to become expensive: New decree of the central government, run imported coal based power plants at full capacity
बिजली संकट

विस्तार

विदेशी कोयले की खरीद को लेकर खड़ा हुआ बखेड़ा अभी शांत भी नहीं हुआ कि केंद्र सरकार ने आयातित कोयला आधारित बिजली इकाइयों को पूरी क्षमता पर चलाने का नया फरमान जारी किया है। केंद्र ने अपने ताजा आदेश में कहा है कि इन बिजलीघरों से जिस राज्य के  साथ बिजली खरीद का करार (पीपीए) है, अगर वह नहीं खरीदता है तो उत्पादक अपनी महंगी बिजली पावर एक्सचेंज में बेच सकता है। इसका मुनाफा उत्पादक और पीपीए वाले राज्य के बीच बराबर बंटेगा। 

विज्ञापन


ऊर्जा मंत्रालय की ओर से सभी विदेशी कोयला आधारित 17,600 मेगावाट क्षमता के 13 बिजलीघरों को विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 11 के तहत अपनी इकाइयों को पूरी क्षमता पर पर चलाने का निर्देश जारी किया गया है। ऊर्जा मंत्रालय के संयुक्त सचिव घनश्याम प्रसाद की ओर से भेजे गए निर्देश में कहा गया है कि अगर मंहगे विदेशी कोयले के कारण उनकी महंगी बिजली पीपीए वाला राज्य नहीं खरीदता है तो उसे पावर एक्सचेंज पर बेच सकते हैं। इसका मुनाफा पीपीए वाले राज्य व उत्पादक के बीच 50-50 प्रतिशत बंट सकता है। यानी केंद्र सरकार ने विदेशी कोयला आधारित परियोजनाओं के  लिए बिजली दरें बढ़ाने का रास्ता खोल दिया है। 
विज्ञापन


इसका सीधा असर बिजली के संकट से जूझ रहे यूपी जैसे राज्यों पर पड़ेगा जिन्हें आपूर्ति पटरी पर रखने के लिए एक्सचेंज से बिजली खरीदनी ही पड़ती है। इस महंगी बिजली का बोझ दरों में बढ़ोतरी के रूप में आम उपभोक्ताओं पर भी पड़ सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

 
ऐसे तबाह हो जाएगा ऊर्जा क्षेत्र
राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा का कहना है कि अभी केंद्र सरकार विदेशी कोयले की खरीद के लिए राज्यों पर दबाव बना रही थी। अब सरकार ने आयातित कोयला आधारित बिजलीघरों की बिजली बेचने का रास्ता भी तैयार कर दिया है। उन्होंने कहा कि इससे ऊर्जा क्षेत्र तबाह हो जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को हस्तक्षेप कर पूरे प्रकरण की सीबीआई जांच करानी चाहिए। वर्मा ने कहा केंद्र सरकार के इस निर्णय के बाद देश के सभी निजी घराने अब विदेशी कोयला आधारित इकाइयों की उत्पादन लागत ज्यादा होने का तर्क देकर पावर एक्सचेंज में बिजली बेचने की तय की गई अधिकतम सीमा 12 रुपये प्रति यूनिट को हटवाने की मुहिम छेड़ेंगे। ऊर्जा क्षेत्र में जिस प्रकार से निजी घरानों को लाभ देने के लिए रोज नए आदेश किए जा रहे हैं उसे देखते हुए वह दिन दूर नहीं जब बहुत बड़ा घोटाला सामने आएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed