अखिलेश का मेगा प्लान, बनेगा नया लखनऊ
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लोकसभा चुनाव की दुंदुभी बजने से पहले मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक और तोहफा दिया है। इससे करीब एक लाख लोगों को रोजगार मिलने के आसार जाग गए हैं।
मंगलवार को अपने ड्रीम प्रोजेक्ट सीजी सिटी (पुराना चकगंजरिया) सहित 2200 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शिलान्यास किया।
इसी के साथ इन विकास परियोजनाओं पर काम शुरू होने का रास्ता साफ हो गया। शहीद पथ के किनारे करीब 990 एकड़ का सीजी सिटी नाम का नया शहर होगा।
यहां आईटी सिटी, अत्याधुनिक अस्पताल, अफसरों के प्रशिक्षण केंद्र, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, दूध की डेयरी, ट्रिपल आईटी, मकान और शॉपिंग मॉल होंगे।
2017 तक पूरा हो जाएगा ये प्लान
ये अपने आप में एक खास जगह होगी और केवल लखनऊ ही नहीं पूरे प्रदेश की तरक्की में मील का पत्थर साबित होगी। इन परियोजनाओं का निर्माण साल 2017 तक हर हाल में पूरा करा लिया जाएगा।
900 एकड़ की सीजी सिटी में 525 एकड़ में अत्याधुनिक टाउनशिप का विकास होगा। इसमें कॉमर्शियल व आवासीय सुविधाएं विकसित की जाएंगी जो बाकी परियोजनाओं से जुड़ी होंगी।
इसी परियोजना से 200 करोड़ रुपये कैंसर इंस्टीट्यूट को, 128 करोड़ प्रशासनिक अकादमी के निर्माण के लिए और 1000 करोड़ लखनऊ मेट्रो को दिए जाएंगे।
यहीं बनेगा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम
137 एकड़ में 400 करोड़ की लागत से पीपीपी मॉडल पर यह स्टेडियम इस नए लखनऊ में ही बनेगा। 50 हजार दर्शक इसमें बैठ सकेंगे और एलडीए इसकी नोडल एजेंसी होगी।
100 एकड़ में बसेगी आईटी सिटी
एचसीएल कंपनी 100 एकड़ में आईटी सिटी का विकास करेगी। प्रदेश में अभी केवल नोएडा में ही ऐसी सुविधाएं मिल रही हैं।
दावे के मुताबिक, तीन साल में लखनऊ को यह आईटी सिटी एक अलग ही रंग में रंग देगी। इससे युवाओं को नौकरियां तो मिलेंगी और उच्च स्तरीय प्रशिक्षण भी मिलेगा।
मकान भी देंगे और 1000 करोड़ मेट्रो को भी
सीजी सिटी परियोजना में सीजी सिटी नाम से एलडीए एक अत्याधुनिक टाउनशिप बनाएगा। इसमें करीब 550 एकड़ में व्यावसायिक और आवासीय निर्माण होंगे।
इनसे होने वाली आय से सीजी सिटी की कई परियोजनाओं को तो पैसा दिया ही जाएगा, मेट्रो रेल परियोजना को भी 1000 करोड़ रुपये की मदद की जाएगी।
ट्रिपल आईटी में पढ़ेंगे युवा
चक गंजरिया फार्म पर आईटी सिटी में 50 एकड़ जमीन पर इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी का निर्माण होगा। निर्माण पर 110 करोड़ तो अन्य कार्यों पर 18 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
इसमें 50 प्रतिशत केंद्र सरकार, 35 प्रतिशत राज्य सरकार और 15 प्रतिशत औद्योगिक पार्टनर इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग देगा।
इन दो से जगमगाएगी नई राजधानी
रिवर फ्रंट डवलपमेंट
अखिलेश ने फैसला किया है कि लखनऊ के गोमती नदी के किनारे डालीगंज से नदवा कॉलेज तक 1.7 किमी सौंदर्यीकरण का काम कराया जाएगा। इस पर करीब 30 करोड़ रुपये खर्च आने का अनुमान है।
तटों पर नए सिरे से घास उगाकर ग्रीन कॉरपेट का रूप दिया जाएगा। वहीं पांच करोड़ रुपये में आसपास की बस्ती में शौचालय बनेंगे। तटों के किनारे टहलने के लिए पाथ-वे बनाए जाएंगे।
प्रशासनिक अकादमी
गोमती नगर विस्तार में डॉ. राम मनोहर लोहिया राज्य प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी बनेगी। यह देहरादून की प्रशासनिक अकादमी की तर्ज बनाया जाएगा। 25 एकड़ जमीन में बनने वाली यह अकादमी जून 2016 में पूरी होगी।
यहां प्रशासनिक अफसरों को ट्रेनिंग दी जाएगी। लखनऊ अलीगंज में इमडप में भी प्रशिक्षण दिया जाता है, लेकिन वह काफी छोटा है।
यहां होंगी ये दो बड़ी परियोजनाएं
अमूल के दो दुग्ध प्लांट
कानपुर में 10 लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता का जबकि लखनऊ में पांच लाख लीटर क्षमता काडेयरी प्लांट स्थापित होगा। 210 करोड़ की लागत से निर्माण होगा।
सीजी सिटी में दुग्ध प्लांट के लिए 20 एकड़ जमीन। 750 प्रत्यक्ष व 10हजार अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। फरवरी 2016 में इससे उत्पादन शुरू हो जाएगा।
जनेश्वर मिश्र पार्क
376 एकड़ जनेश्वर मिश्र पार्क तक अभी शहर के तमाम क्षेत्रों से लोग नहीं पहुंच पाते हैं। ताज होटल के आगे गोमती नदी की ओर पहुंच मार्ग व अंडरपास बनाया जाएगा। यह देश का सबसे बड़ा पार्कहोगा और इस नए काम पर 41 करोड़ रुपये खर्च होंगे।