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मुलायम परिवार, पार्टी और सरकार में ये क्या हो रहा है?

Tue, 13 Sep 2016 10:33 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ Updated Tue, 13 Sep 2016 10:33 PM IST
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analysis over mulayam singhs decision of making shivpal up president
यूपी में स‌ियासी भूचाल - फोटो : amar ujala

सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी में चल रहे विवादों के बीच दो दिन में दो बड़े फैसले हुए जो परिवार, पार्टी और सरकार तीनों के भविष्य के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण बन गए हैं।

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सीएम अखिलेश यादव ने सोमवार सुबह मुलायम स‌िंह यादव के बेहद नजदीकी खनन मंत्री और चाचा शिवपाल के करीबी राज‌किशोर सिंह को बर्खास्त किया, तो अगली सुबह शिवपाल के नजदीकी आईएएस अफसर दीपक सिंघल को मुख्य सचिव पद से विदा कर दिया।
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माना जा रहा है कि इन फैसलों में अखिलेश ने न तो पिता मुलायम और न चाचा शिवपाल को विश्वास में लिया था। इसका नतीजा ये हुआ कि शाम होते-होते मुलायम सिंह यादव ने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पद से अखिलेश को हटाते हुए शिवपाल यादव को ही कमान सौंप दी। इस फैसले को पार्टी और परिवार में संतुलन बनाए रखे जाने के तौर पर देखा जा रहा है। 

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चुनाव पर पड़ेगा सीधा असर

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श‌िवपाल को म‌िला न‌ियुक्त‌ि पत्र - फोटो : amar ujala
हालांकि सियासी जानकारों का कहना है कि अब पार्टी और परिवार में कलह और बढ़ेगी इसका सीधा असर आने वाले विधानसभा चुनाव पर ‌पड़ेगा। 

टिकटों के बंटवारे में विधानसभा चुनाव के हर शख्स अपने समर्थकों को ज्यादा टिकट दिलवाने की कोशिश करेगा और सड़कों तक पहुंची ये कलह गलियों तक पहुंच जाएगी। 
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