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‘अमृत महोत्सव’ का सीएम योगी ने किया शुभारंभ, बोले- देश को महानतम बनाने के लिए 25 वर्ष की कार्ययोजना बने
Fri, 12 Mar 2021 11:54 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Fri, 12 Mar 2021 11:54 PM IST
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अमृत महोत्सव का शुभारंभ करते सीएम योगी
- फोटो : अमर उजाला
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2022 आजादी का 75वां वर्ष ‘अमृत महोत्सव’ का समय है। पूरी दुनिया में भारत को महानतम बनाने के लिए 25 वर्ष की कार्ययोजना बननी चाहिए। भारत को दुनिया की सबसे बड़ी ताकत के रूप में स्थापित करने के लिए हर नागरिक को अपना उत्तरदायित्व निभाना होगा।
सीएम ने कहा कि 2047 में देश जब आजादी के 100 वर्ष पूरे कर रहा होगा तो उस वक्त भारत अपनी ताकत का एहसास पूरी दुनिया को कराएगा। और यह तभी संभव है जब हर एक नागरिक अपने दायित्व का निर्वहन ईमानदारी से करे। राजधानी के काकोरी शहीद स्मारक पर शुक्रवार को ‘अमृत महोत्सव’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए योगी ने कहा कि हमें आजादी की कीमत को हर हाल में जानना होगा और देश की स्वाधीनता को अक्षुण्ण बनाए रखना होगा। स्वाधीनता आंदोलन से जुड़े ज्ञात व अज्ञात बलिदानियों की गौरव गाथाओं को युवा पीढ़ियों तक पहुंचाना हमारा कर्तव्य है।
एक भारत-श्रेष्ठ भारत का निर्माण जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2047 में जब भारत की आजादी के 100 वर्ष पूरे होंगे तो इस अवधि में हमने क्या पाया और क्या खोया है? इसका विश्लेषण करना होगा। भारत की आजादी को अक्षुण्य बनाए रखते हुए एक भारत-श्रेष्ठ भारत का निर्माण करना होगा। उन्होंने कहा कि 12 मार्च, 1930 को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नेतृत्व में देश के आजादी के दीवानों ने संपूर्ण स्वाधीनता के लिए सविनय अवज्ञा आंदोलन की शुरुआत की थी। 12 मार्च, 1930 से 6 अप्रैल, 1930 तक चलने वाले दांडी मार्च की याद में आज एक बार फिर से इस मार्च का शुभारंभ प्रधानमंत्री ने गुजरात के ऐतिहासिक दांडी की नामक स्थान पर किया। इसके साथ ही अमृत महोत्सव कार्यक्र्रम के तहत 75 सप्ताह तक चलने वाले वाले कार्यक्रमों का भी शुभारंभ हो गया।
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योगी ने कहा कि प्रदेश में आजादी की लड़ाई से जुड़े हर एक स्मारक, हर शहीद स्थल और देश की आजादी के बाद विभिन्न युद्धों में शहीद हुए जितने भी जवान हैं, उन सब की स्मृति में बने सभी स्थलों पर भी 75 सप्ताह तक कोई न कोई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। शहीद स्मारकों पर पुलिस धुन से शहीदों को सम्मान दिया जाएगा। वहां पर सांस्कृतिक और ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। ऐसे कार्यक्रम देश की वर्तमान पीढ़ी को स्वाधीनता आंदोलन का पुन: स्मरण कराएंगे साथ ही उन्हें वर्तमान चुनौतियों से जूझने के लिए एक नई प्रेरणा और ऊर्जा प्रदान करेंगे।
काकोरी कांड के क्रांतिकारियों को नमन करते हुए सीएम ने कहा कि प्रदेश में आज चार स्थानों पर कार्यक्रम हो रहे हैं। 1925 के काकोरी कांड की स्मृति स्थल पर उन्हें स्वयं आने का सौभाग्य मिला। उन्होंने काकोरी कांड के अमर शहीद पंडित राम प्रसाद बिस्मिल, राजेंद्र लाहिड़ी चंद्र्रशेखर आजाद, रोशन सिंह और अशफाक उल्ला खां को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि इन महापुरुषों के जीवन का एक मात्र लक्ष्य देश की आजादी था। उन्होंने कहा कि इसी तरह के कार्यक्रम मेरठ, झांसी और बलिया में भी हो रहे हैं। इस मौके पर मंत्री बृजेश पाठक, डॉ. महेंद्र सिंह, आशुतोष टंडन समेत अन्य लोग भी मौजूद थे।
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सीएम ने कहा कि 2047 में देश जब आजादी के 100 वर्ष पूरे कर रहा होगा तो उस वक्त भारत अपनी ताकत का एहसास पूरी दुनिया को कराएगा। और यह तभी संभव है जब हर एक नागरिक अपने दायित्व का निर्वहन ईमानदारी से करे। राजधानी के काकोरी शहीद स्मारक पर शुक्रवार को ‘अमृत महोत्सव’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए योगी ने कहा कि हमें आजादी की कीमत को हर हाल में जानना होगा और देश की स्वाधीनता को अक्षुण्ण बनाए रखना होगा। स्वाधीनता आंदोलन से जुड़े ज्ञात व अज्ञात बलिदानियों की गौरव गाथाओं को युवा पीढ़ियों तक पहुंचाना हमारा कर्तव्य है।
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एक भारत-श्रेष्ठ भारत का निर्माण जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2047 में जब भारत की आजादी के 100 वर्ष पूरे होंगे तो इस अवधि में हमने क्या पाया और क्या खोया है? इसका विश्लेषण करना होगा। भारत की आजादी को अक्षुण्य बनाए रखते हुए एक भारत-श्रेष्ठ भारत का निर्माण करना होगा। उन्होंने कहा कि 12 मार्च, 1930 को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नेतृत्व में देश के आजादी के दीवानों ने संपूर्ण स्वाधीनता के लिए सविनय अवज्ञा आंदोलन की शुरुआत की थी। 12 मार्च, 1930 से 6 अप्रैल, 1930 तक चलने वाले दांडी मार्च की याद में आज एक बार फिर से इस मार्च का शुभारंभ प्रधानमंत्री ने गुजरात के ऐतिहासिक दांडी की नामक स्थान पर किया। इसके साथ ही अमृत महोत्सव कार्यक्र्रम के तहत 75 सप्ताह तक चलने वाले वाले कार्यक्रमों का भी शुभारंभ हो गया।
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योगी ने कहा कि प्रदेश में आजादी की लड़ाई से जुड़े हर एक स्मारक, हर शहीद स्थल और देश की आजादी के बाद विभिन्न युद्धों में शहीद हुए जितने भी जवान हैं, उन सब की स्मृति में बने सभी स्थलों पर भी 75 सप्ताह तक कोई न कोई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। शहीद स्मारकों पर पुलिस धुन से शहीदों को सम्मान दिया जाएगा। वहां पर सांस्कृतिक और ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। ऐसे कार्यक्रम देश की वर्तमान पीढ़ी को स्वाधीनता आंदोलन का पुन: स्मरण कराएंगे साथ ही उन्हें वर्तमान चुनौतियों से जूझने के लिए एक नई प्रेरणा और ऊर्जा प्रदान करेंगे।
काकोरी कांड के क्रांतिकारियों को नमन करते हुए सीएम ने कहा कि प्रदेश में आज चार स्थानों पर कार्यक्रम हो रहे हैं। 1925 के काकोरी कांड की स्मृति स्थल पर उन्हें स्वयं आने का सौभाग्य मिला। उन्होंने काकोरी कांड के अमर शहीद पंडित राम प्रसाद बिस्मिल, राजेंद्र लाहिड़ी चंद्र्रशेखर आजाद, रोशन सिंह और अशफाक उल्ला खां को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि इन महापुरुषों के जीवन का एक मात्र लक्ष्य देश की आजादी था। उन्होंने कहा कि इसी तरह के कार्यक्रम मेरठ, झांसी और बलिया में भी हो रहे हैं। इस मौके पर मंत्री बृजेश पाठक, डॉ. महेंद्र सिंह, आशुतोष टंडन समेत अन्य लोग भी मौजूद थे।